Browsing Tag

Privatization boon or curse in public areas of India!

भारत के सार्वजनिक क्षेत्रों में निजीकरण वरदान या अभिशाप !

अर्थव्यवस्था उत्पादन, वितरण एवं खपत की एक सामाजिक व्यवस्था है। यह किसी देश या क्षेत्र विशेष में अर्थशास्त्र का गतिशील प्रतिबिंब है। इस शब्द का सबसे प्राचीन उल्लेख कौटिल्य द्वारा लिखित ग्रंथ अर्थशास्त्र में मिलता है। अर्थव्यवस्था दो…
Read More...