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Communicate with wishes too

इच्छाओं से भी कीजिए संवाद

इच्छा की जन्म स्थली मन है। मन ही मनुष्य को पशु.पक्षियों से भिन्न करता है। इच्छा हमेशा लोभ के मार्ग पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करती है, इसीलिए कहा गया हैं .लोभ पाप का मूल है क्योंकि इसी के वशीभूत होकर इंसान से अनुचितए गैर सैद्धान्तिक और…
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