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पर्यावरण

प्रकृति और वायु प्रदूषण

(वायु की गुणवत्ता एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गई है क्योंकि प्रदूषक फेफड़ों के अंदर गहराई तक प्रवेश कर जाते हैं और फेफड़ों की रक्त शुद्ध करने की क्षमता कम हो जाती है जो व्यक्ति की वृद्धि, मानसिक क्षमता और विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती…
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सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति संरक्षण जरूरी

संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर साल 13 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण दिवस मनाया जाता है। यह दिन जोखिम-जागरूकता और आपदा में कमी के लिए मनाया जाता है। प्राकृतिक आपदा के नुकसान को कम करने के लिए आज पूरी दुनिया में अनेक कार्यक्रम चलाए…
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सांस लेना भी हो गया है दुर्लभ

राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल के अनुसार हर साल 70 लाख लोग वायु प्रदूषण के कारण जान गंवाते हैं। हालत इतनी खराब है कि वैश्विक स्तर पर हर 10 में से 9 लोगों तक शुद्ध हवा नहीं पहुंच पाती है। हवा में मौजूद प्रदूषक कण शरीर की सुरक्षा के लिए मौजूद…
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तीन गुना से अधिक बढ़ गई आग लगने की घटनाएं

देश और दुनिया में जलवायु परिवर्तन और अन्य मानव जनित कारणों से वनों में आग लगने की घटनाएं तीन गुना से अधिक बढ़ गई हैं। उत्तरी अमेरिका, अमेजन के जंगलों और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में यह घटना तेजी से बढ़ी है। इसकी वजह है पृथ्वी का गर्म…
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ओजोन परत की बहाली के लिए विश्व स्तर पर पहल आवश्यक

ओजोन एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला अणु है जो तीन ऑक्सीजन परमाणुओं से बना होता है। ओजोन पृथ्वी के वायुमंडल के विभिन्न स्तरों में पाई जाती है। वायुमंडल में लगभग 90% ओजोन पृथ्वी की सतह (स्ट्रेटोस्फेरिक ओजोन) से 15 से 30 किलोमीटर के…
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पृथ्वी की रक्षा कवच का काम करती है ओजोन परत-16 सितम्बर

विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस हर साल लोगों को ओजोन परत के महत्व और पर्यावरण पर पड़ने वाले उसके प्रभाव के बारे में जानकारी देने के लिए 16 सितम्बर को मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करने वाला वैश्विक सहयोग रखी गई है।…
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आस्था की पवित्र नदियों को प्रदूषित होने से बचाना गम्भीर मुद्दा

प्रकृति का अभिन्न अंग नदियाँ सदैव ही जीवनदायिनी रही हैं। नदियाँ अपने साथ बारिश का जल एकत्रित कर उसे भू- गर्भ में पहुंचाती हैं। एशिया में गंगा, ब्रह्मपुत्र, यमुना, आमूर, लेना, कावेरी, नर्बदा, सिंघु,यांगत्सी नदियाँ, अफ्रीका में नील,…
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मानव और प्रकृति के विकास का स्तम्भ है जैव विविधता

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 22 मई को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। जैव विविधता का सम्बन्ध पशुओं और पेड़ पौधों की प्रजातियों से है। जैव विविधता को बनाये रखने के लिए यह महत्वपूर्ण है की हम अपनी धरती के…
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लू से बचाव ही उपचार है

गर्मी अकेले नहीं आती बल्कि अपने साथ.कई तरह की परेशानियां भी लेकर आती है। इनमें लू की समस्या प्रमुख है। लू के बारे में हर कोई जनता है। गर्मी के मौसम में शुष्क और बेहद गर्म हवा चलने को लू कहा जाता है। गर्मी के मौसम में हवा के गर्म थपेड़ों…
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पृथ्वी हर आदमी की जरूरत को पूरा कर सकती है, लालच को नहीं

महात्मा गांधी ने एक बार कहा था - पृथ्वी हर आदमी की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त प्रदान करती है, लेकिन हर आदमी के लालच को नहीं। पिछले 25 वर्षों में मनुष्यों ने पृथ्वी के दसवें भाग के जंगल को नष्ट कर दिया है और यदि प्रवृत्ति जारी रहती…
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