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कृषि

देश में पुलिस सेवा को बेहतर बनाया जाए

आज देश में जिस तरह की आंतरिक और बाहरी चुनौतियों है, पुलिस की जिम्मेदारी, उनकी भूमिका और उसके कार्य का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है. पुलिस फोर्स में पांच लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार देश के हर तीसरे थाने में कोई…
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खेतों में करंट से मरते किसान, क्या हो समाधान?

कारण जो भी हो, यह बहुत दुखद है कि हमारे किसान, हमारे देश के खाद्य प्रदाता, अपनी दैनिक दिनचर्या को ईमानदारी से निभाने में मर रहे हैं। नयी योजनाओं के साथ-साथ बिजली के ढीले तार ठीक करना, हाईवोल्टेज बिजली पोल का समाधान ढूंढना, खेत में लगाई…
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रोजगार सृजन कर किसानों की सहायता करता डेयरी उद्योग

(दूध उत्पादन में अन्य व्यवसायों की तरह करियर की अपार सम्भावनायें हैं, देश भर में राज्य सरकारें दूध की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को सब्सिडी देकर इस उद्योग को बढ़ावा दे रही हैं, वहीं विज्ञान और तकनीकी में नए-नए प्रयोग कर के दूध उत्पादन…
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पशु चिकित्सकों को भी अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य और कल्याण की जरूरत

किसी भी क्षेत्र के अन्य डॉक्टरों की तरह पशु चिकित्सक भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। जानवर, चाहे पालतू जानवर हों या आवारा, प्यार और देखभाल की जरूरत होती है। और यहीं से पशु चिकित्सक बचाव के लिए आते हैं। हर साल अप्रैल के आखिरी शनिवार को, दुनिया…
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 चार साल में ही दो लाख टन से सौ लाख टन गेहूं निर्यात की राकेटी कामयाबी

भारत पूरी दुनिया को अन्न देने को तैयार कोई हवा हवाई या बड़बोलापन नहीं माना जा सकता। यह तो देश के अन्नदाता की मेहनत और सरकारी नीतियों का परिणाम है कि आज देश के गोदाम अन्न-धन से भरे हैं। दुनिया का बड़ा गेहूं उत्पादक देश होने के बावजूद गेहूं…
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फसलों के लिए अमृत है मावठ की एक एक बूंद

        फसलों के लिए मावठ की एक एक बूंद अमृत से कम नहीं है। इस समय उत्तरी भारत के अधिकांश हिस्सों में सर्दी की बरसात यानी की मावठ का दौर चल रहा है। आसमान से एक एक बूंद अमृत बन कर टपक रही है तो यह रबी की फसलों को नया जीवन दे रही है।…
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खेती किसानी ही अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत

कोरोना महामारी ने दुनिया के देशों को एक सबक दिया है और वह यह कि खेती किसानी ही अर्थव्यवस्था को बचा सकती थी। यह साफ हो जाना चाहिए कि आने वाले समय में भी खेती किसानी ही अर्थ व्यवस्था की बड़ी ताकत रहेगी। ऐसे में सरकार को इस और खास ध्यान देना…
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 एमएसपी दरों की घोषणा के साथ ही जरुरी है माकूल खरीद व्यवस्था

केन्द्र सरकार ने एक बार फिर रवी फसलों के लिए समय रहते न्यूनतम समर्थन मूल्यों की घोषणा कर दी है। केन्द्र द्वारा घोषित समर्थन मूल्यों में दलहनी फसल मसूर की कीमत में चार सौ रुपए के साथ ही तिलहनी फसल सरसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में चार सौ…
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उर्वरक विक्रेता पर बिना अनुसंधान प्राथमिकी दर्ज करना सही नहीं : एग्री इनपुट डीलर एसोसिएट

@ chaltefirte.com                       पटना। कृषि विभाग के द्वारा खुदरा उद्देश्य विक्रेताओं को टॉल फ्री नं० पर किसानों के द्वारा शिकायत करने के उपरांत बिना जांच के ही प्राथमिकी दर्ज करने एवं भारत सरकार के द्वारा दिए जा रहे मार्जिन के संबंध…
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किसान आंदोलन में फैले व्याभिचार का सच

राजधानी में किसानों का अपनी मांगों को मनवाने को लेकर चल रहा आंदोलन अब सांकेतिक भर ही रह गया है। उसमें जमीनी किसानों की भागेदारी लगातार घटती ही चली जा रही है। लेकिन, यहां पर किसानों की संख्या को बेहतर बनाए रखने के लिए जो कुछ भी हो रहा है,…
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