नवाचारों से बढ़ाए हरियाली,  वेबीनार के माध्यम से दिया अभिनव प्रशिक्षण

जयपुर ब्यूरो

जयपुर। नेहरू युवा केंद्र संगठन राजस्थान एवं राजस्थान वानिकी एवं वन्य जीव प्रशिक्षण संस्थान जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में विभिन्न तरीकों के माध्यम से हरियाली को बढ़ावा देने के लिए अपनाए जाने वाले तरीको पर वेबीनार आयोजित की गई। वेबीनार के मुख्य वक्ता  राजस्थान वानिकी एवं वन्य जीव प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक  डॉ एनसी जैन थे। इस चर्चा का संयोजन किया डॉ भुवनेश जैन, राज्य निदेशक नेहरू युवा केंद्र संगठन, राजस्थान ने ।
चर्चा करते हुए डाक्टर एनसी जैन ने बताया कि हरियाली को बचाने के समस्त तरीकों शाखा, बीज, होम गार्डनिंग, जन सहभागिता से वनों के इलाकों का क्लोजर करना जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए वन एवं वन्य जीवो को फलने फूलने में मदद देना यही सब हमारा उद्देश्य होना चाहिए इस बारे में चर्चा की गई।वेबीनार में  बताया गया बीजारोपण के माध्यम से व्यापक कार्य हो सकता है।  इन दिनों अरडू, चुरेल, बबूल, अर्जुन, सेंजना, अमलतास, करंज,गुलमोहर कई ऐसी प्रजातियां हैं जिनके बीज हाल ही में गिरे हैं इन्हें एकत्र कर बीजारोपण के उद्देश्य से संभाल के रखना चाहिए ।साथ ही बारिश से पूर्व जामुन, खजूर, करौंदा, लसोड़ा, नीम इत्यादि फलों को एकत्र करके इन अल्प अंकुरण क्षमता वाले बीजों का उपयोग कर समुचित खाद पानी की व्यवस्था करते हुए 15 से 20 दिनों के अंदर इन्हें रोपित कर देना चाहिए।
यह भी बताया कि ब्रांच प्लांटिंग के माध्यम से 10 से 15 वर्ष की उम्र के पेड़ के जितनी ऊंचाई एक-दो साल में प्राप्त कर सकते हैं पारस पीपल नीम बरगद पीपल बकायन आदि पेड़ों की बड़ी-बड़ी शाखाएं आसानी से लगाई जा सकती हैं। साथ ही इस बारे में भी चर्चा हुई कि कौन सी प्रजाति के पौधे कहां, किस प्रकार, किस विधि से लगाने चाहिए ।जल संरक्षण का ध्यान रखना चाहिए कहां , कब,  कितना पानी देना है।
इस बारे में भी विस्तृत रूप से चर्चा हुई जैव विविधता को ध्यान में रखकर प्राकृतिक दृश्य पुनरुदभवन कर सकते हैं । बिना लागत केवल स्थानीय सुरक्षा का ध्यान रखकर क्षेत्र को वनाच्छादित किया जा सकता है । पर्यावरण के प्रति अब लोग काफी जागरूक हुए हैं। जगह-जगह पौधे व उनकी सुरक्षा का जिम्मेदारी भी लोग समझ रहे हैं।
वेबीनार के बारे में जानकारी देते हुए  कार्यक्रम संयोजक संयुक्त राष्ट्र  स्वयंसेवक एवम् सीकर के  जिला युवा समन्वयक तरुण जोशी ने बताया कि इस वेबीनार में कुल 350 युवाओं ने ज़ूम के माध्यम से एवम् 1100 युवाओं ने यूट्यूब के माध्यम से भाग लिया इस  वेबीनार में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का अंत में एक क्विज के माध्यम से मूल्यांकन करके  डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस चर्चा का लाइव प्रसारण यूट्यूब के माध्यम से भी किया गया।

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