केजरीवाल का ताहिर प्रेम अब जगज़ाहिर हो चुका है-आदेश गुप्ता

नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली दंगों को ताहिर हुसैन ने अंजाम दिया था यह साबित होने के बाद भी केजरीवाल उसको आम आदमी पार्टी  से निकालना ही नही चाहते। ताहिर हुसैन ने दिल्ली को जलाने और निर्दोषों की हत्या कराने की साज़िश रची थी, देश के दुश्मनों के साथ मिलकर उसने दिल्ली मे तांडव किया था। लेकिन अभी तक ताहिर हुसैन से आम आदमी पार्टी का मोह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब केजरीवाल का दोमुँहा चेहरा दिल्ली वालों के सामने आ चुका है।
आदेश गुप्ता ने कहा कि दंगों के दौरान ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं के संपर्क में था और उनके साथ मिलकर पूरी दिल्ली को दंगों की आग में झोंक दिया, करोड़ों की संपत्ति को जलाकर राख कर दी, निहत्थे लोगों पर चाकू से वार कर उनकी हत्या की, लेकिन फिर भी आम आदमी पार्टी ताहिर हुसैन को पार्टी के साथ जोड़ कर रखना चाहती है। वोट बैंक की राजनीति करने के लिए आम आदमी पार्टी इस स्तर तक गिर चुकी है कि ताहिर हुसैन के कारण दंगों में कई लोगों की जान चली गई  लेकिन उसका साथ देने में पार्टी को कोई गुरेज नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली दंगे के दौरान दायर पूरक आरोपपत्र में कई बातें सामने आई हैं, जो आरोपियों के देश विरोधी खतरनाक मंसूबों को जाहिर करती हैं। उन्होंने कहा कि जब श्रमिकों की आपूर्ति के नाम फर्जी बिलों के जरिये ताहिर हुसैन दंगे करवाने के लिए धन जुटा रहा था, तब क्या केजरीवाल सरकार सो रही थी, या जानबूझकर ताहिर हुसैन के षड्यंत्र पर पर्दा डाल रही थी?
आदेश गुप्ता ने कहा कि यह बात किसी से छिपी नहीं है कि पूछताछ के दौरान आम आदमी पार्टी एवं दिल्ली सरकार ताहिर हुसैन को बचाने की असफल कोशिश में लगी हुई थी। पहले केस की पैरवी के लिए एडवोकेट पैनल निर्धारित करने में देरी की गई। फिर दिल्ली पुलिस की ओर से तैयार की गई चार्जशीट की फाइल को मंजूरी देने में देरी की गई। लेकिन सच्चाई को जितना दबाने की कोशिश करो वह उतनी ही उभर कर सामने आती है, अब यह साबित हो गया है कि ताहिर हुसैन ने उमर खालिद के साथ मिलकर दिल्ली में दंगे करवाए जिसके कारण 53 लोगों की जान चली गई। इससे तो यही जाहिर है कि आम आदमी पार्टी ने सुनियोजित तरीके से दिल्ली में दंगे कराने के लिए ताहिर हुसैन को पूरा संरक्षण दिया और दिल्ली की एकता को भंग करने की कोशिश की। यही वजह है कि आम आदमी पार्टी ने अभी तक ताहिर हुसैन की पार्टी के सदस्यता खत्म नहीं की है।
आदेश गुप्ता ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से मुख्यमंत्री केजरीवाल पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है कि क्या उन्होंने अपने नेताओं को दिल्ली को जलाने की खुली छूट दे रखी है? मुख्यमंत्री केजरीवाल सत्ता में दिल्ली में विकास और परिवर्तन के लिए आए हैं या देश विरोधी लोगों का साथ देने के लिए?  मुख्यमंत्री केजरीवाल को शर्म आनी चाहिए कि उनकी नाक के नीचे आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ने दिल्ली को दंगे में जला दिया और उन्हें खबर तक नहीं। इसके लिए उन्हें दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे देश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
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