अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने केजरीवाल सरकार से पूछे सात सवाल

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भाजपा कार्यालय में आज आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने देश भर के अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई 59,000 करोड़ रुपये की पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार प्रकट किया और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार पर दिल्ली के अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए केजरीवाल सरकार से सात सवाल पूछे हैं और आगाह भी किया है कि यदि अगले सात दिनों में इन सवालों के जवाब नहीं दिए गए, तो अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर भाजपा केजरीवाल सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। इस अवसर पर दिल्ली प्रदेश भाजपा के मीडिया विभाग के प्रमुख नवीन कुमार, प्रदेश भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष भूपेंद्र गोठवाल व पूर्व महापौर योगेंद्र चंदोलिया भी उपस्थित थे।
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा घोषित पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत देश भर के करीब चार करोड़ अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी जिसका उपयोग ट्यूशन फीस चुकाने से लेकर रहन-सहन और टाइपिंग आदि पर होने वाले खर्च के लिए किया जा सकेगा। उन्होंने इस योजना की प्रशंसा करते हुए दिल्ली की केजरीवाल सरकार से सात सवाल पूछे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि डॉ अम्बेडकर फेलोशिप योजना के तहत केजरीवाल सरकार ने अनुसूचित जाति के 100 छात्र-छात्राओं को प्रतिवर्ष पीएचडी, मास्टर डिग्री आदि के लिए विदेश भेजने की घोषणा की थी। ऐसे में वह बताएं कि अब तक कितने छात्रों को विदेश भेजा गया। इसी प्रकार जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना के तहत अब तक कितने छात्रों को आईएएस व आईपीएस बनाने की कोचिंग दी गई और इनमें से कितनों को ढाई हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद दी गई। इसी प्रकार सीबीएसई परीक्षा देने वाले कितने छात्रों की फीस भरी गई, 80 प्रतिशत अंक लाने वाले कितने अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को लैपटॉप व टेबलेट दिये गए और कितने छात्रों को अंग्रेजी बोलने की ट्रेनिंग दी गई। उन्होंने केजरीवाल सरकार से यह भी जानना चाहा कि उसकी स्नातक कोर्स फीस माफी योजना के तहत कितने छात्रों की फीस माफ की गई इसकी जानकारी उनको देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि केजरीवाल सरकार की शिक्षा व्यवस्था इतनी ही मजबूत है, तो 10वीं कक्षा में ड्राप आउट छात्रों की संख्या में वृद्धि क्यों हो रही है?
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