केजरीवाल सरकार ने साजिश के तहत तुड़वाया चांदनी चौक का प्राचीन हनुमान मंदिर-आदेश गुप्ता 

 नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आज दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि चांदनी चौक के प्राचीन हनुमान मंदिर को तुड़वाकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हिंदू-विरोधी और मंदिर विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। दिल्ली भाजपा यह मांग करती है कि केजरीवाल सरकार चांदनी चौक के सौंदर्यीकरण योजना को री-डिजाइन करके वहां हनुमान मंदिर को पुनः स्थापित करने की व्यवस्था करें। भाजपा चांदनी चौक में मंदिर के पुनः निर्माण के लिए जल्द ही उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिलकर इस संदर्भ में हस्तक्षेप करने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली धार्मिक समिति के मुखिया केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन है और अगर वह चाहते तो धार्मिक समिति में इस मामले का समाधान कर सकते थे लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल के इशारे पर उन्होंने ऐसा नहीं किया। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार उपस्थित थे।

प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि समय-समय पर घड़ियाली आंसू बहा कर मुख्यमंत्री केजरीवाल खुद को हनुमान भक्त प्रदर्शित करते रहते हैं लेकिन जब प्राचीन हनुमान मंदिर को बचाने की बारी आई तो वह पीछे हट गए। मंदिर से जुड़ी संस्थाएं और पुजारियों ने भी प्राचीन हनुमान मंदिर को बचाने के लिए उनसे हाथ जोड़कर निवेदन किया और प्रार्थना पत्र भी दिया लेकिन मुख्यमंत्री ने उनके निवेदन को स्वीकार नहीं किया। चांदनी चौक के सौंदर्यीकरण का काम शुरू होने पर वहां के स्थानीय आरडब्ल्यूए, स्टेकहोल्डर, बाजार संघ, व्यापार संघ ने इसका विरोध किया था लेकिन केजरीवाल सरकार ने काम नहीं रोका। मंदिर समिति और स्थानीय लोगों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से भी निवेदन किया कि मंदिर छोटा है लेकिन प्राचीन है इसलिए अपने डिजाइन में मंदिर को भी रहने दे लेकिन वह निष्ठुर बने रहे।

आदेश गुप्ता ने कहा जब मुख्यमंत्री केजरीवाल जुलाई में चांदनी चौक प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने गए थे तब वहां के निगम पार्षद, सामाजिक संगठनों और भाजपा नेताओं ने उन्हें प्राचीन हनुमान मंदिर को प्रोजेक्ट के नक्शे में समायोजित करने के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा था जिसमें मंदिर समिति के लोगों और पुजारियों के हस्ताक्षर थे लेकिन केजरीवाल ने इसे नजरअंदाज कर दिया। अक्टूबर में केजरीवाल सरकार ने हाईकोर्ट में यह लिख कर दिया कि नगर निगम और पुलिस उन्हें सहयोग नहीं कर रही है और उनके अधिकारी मंदिर को तोड़ने में बाधा डाल रहे हैं। इस सिफारिश पर हाईकोर्ट ने नगर निगम और पुलिस को निर्देशित किया। नवंबर में चांदनी चौक के स्थानीय लोगों ने मंदिर को बचाने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया लेकिन हाई कोर्ट ने साफ कहा कि धर्म या धार्मिक स्थल से जुड़े मामले पर राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाली धार्मिक समिति करती है और कोर्ट में धार्मिक समिति के आवेदन पर ही सुनवाई की जाती है। केजरीवाल सरकार ने विकास के नाम पर साजिश के तहत हिंदू मंदिर को तुड़वाया है और हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने का काम किया है।

नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि केजरीवाल सरकार द्वारा प्राचीन हनुमान मंदिर तोड़े जाने की हम भर्त्सना करते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाली धार्मिक समिति को यह अधिकार है कि वह कोर्ट में अपना पक्ष रख सकती है कि मंदिर के टूटने से लोगों की आस्था को ठेस पहुंचेगी और कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है, इसलिए मंदिर को न तोड़ा जाए, लेकिन केजरीवाल सरकार की धार्मिक समिति ने कोर्ट में प्राचीन हनुमान मंदिर को बचाने के लिए अपना पक्ष नहीं रखा। उन्होंने कहा कि दिल्ली दंगे के दौरान आम आदमी पार्टी नेताओं ने हिंदुओं के घर जलाए, हिन्दुओं की हत्या की और शाहीन बाग का रास्ता बंद करने वाले प्रदर्शनकारियों, टुकड़े टुकड़े गैंग, देश विरोधी मानसिकता वाले लोगों का समर्थन किया और अब प्राचीन हनुमान मंदिर तुड़वाकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह हिंदू विरोधी हैं।

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