टीके पर सियासत

बाल मुकुन्द ओझा

लगता है भाजपा का अंध विरोध अन्तोगत्वा कांग्रेस को ले डूबेगा। चाहे पाक और चीन जैसे आक्रमणकारियों का मामला हो या राफेल का अथवा किसान आंदोलन का। कांग्रेस गाहे बगाहे हर जगह बिना सोचे समझे भाजपा को नीचा दिखाने से बाज नहीं आती। राफेल, नोटबंदी और जीएसटी के बाद हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी। कांग्रेस के मुद्दे जन अदालत में हवा हवाई हो गए। अपनी इस शर्मनाक हार पर भी कांग्रेस नहीं चेती। खुद कांग्रेस में आपसी कलह और अंतर्विरोध बीच सड़क पर आकर फूटने लगा। गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल और आनंद शर्मा सरीखे नेताओं ने कथित आलाकमान को घेरा तो भी सोनिया, प्रियंका और राहुल गाँधी के त्रिगुटे को कुछ समझ में नहीं आया।
इस बीच हराम और हलाल के विवाद के बीच अब देश में वैक्सीन को लेकर सियासत शुरू हो गई है। हद तो तब हो गयी जब कांग्रेसियों ने कोरोना वैक्सीन का विरोध भी करना शुरू कर दिया। कोरोना की दो देसी वैक्सीन को सरकार की तरफ से मंजूरी दे दी गई। इस पर राजनीति तेज हो गई है। इसको लेकर सबसे ज्यादा सवाल कांग्रेस की तरफ से उठाया जा रहा है। इस मामले में समाजवादी पार्टी भी पीछे नहीं रही है। एक ओर जहां देश में कोरोना से जंग के लिए दो वैक्सीन को मंजूरी मिलने की खुशी है, तो दूसरी ओर इसे लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों को बधाई दी है वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने स्वदेशी टीके कोवैक्सीन को मंजूरी दिए जाने की प्रक्रिया पर चिंता जताई और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से स्पष्टीकरण मांगा। इस पर भाजपा ने करारा पलटवार किया। कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि टीके को जल्दबाजी में मंजूरी दे दी गई है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा शशि थरूर और जयराम रमेश ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय को इस बात का कारण बताना चाहिए कि जरूरी प्रोटोकॉल व प्रावधानों को किनारे करते हुए क्यों इस टीके को मंजूरी दी गई। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के लोग कोविड वैक्सीन का जितना विरोध करेंगे उतनी ही उनकी सच्चाई सबके सामने आएगी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उन्हें बीजेपी की वैक्सीन पर भरोसा नहीं है। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि वो देश में तैयार हो रही कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। भाजपा की वैक्सीन पर मैं कैसे विश्वास कर सकता हूं। 2022 में जब हमारी सरकार आएगी तो सबको फ्री कोरोना वैक्सीन मिलेगी। हम तो भाजपा की वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर बयान देने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को विपक्षी दलों के बाद अब परिवार में भी विरोध झेलना पड़ रहा है। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने वैक्सीन को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर तंज कसा है। अपर्णा यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कोरोना वैक्सीन न लगवाने का ऐलान ठीक नहीं है।
वैक्सीन का विरोध होता देख ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को आगे आना पड़ा और उन्होंने इन सारे दावों को खारिज करते हुए कहा कि वैक्सीन 110 प्रतिशत सुरक्षित हैं। किसी भी वैक्सीन के थोड़े साइड इफेक्ट होते हैं जैसे दर्द, बुखार, एलर्जी होना। दूसरी तरफ केंद्र सरकार कहती है कि टीकाकरण के अधिक विकल्पों के लिए क्लिनिकल ट्रायल मोड में काफी एहतियात बरतने के बाद ही भारत बायोटेक के वैक्सीन को आपातकालीन परिस्थिति में सीमित उपयोग की मंजूरी दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने विपक्ष के कुछ नेताओं ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन टीके को सीमित इस्तेमाल की मंजूरी दिये जाने पर रविवार को चिंता जतायी और कहा कि यह ‘अपरिपक्व’ है और खतरनाक साबित हो सकता है।
(लेखक वरिष्ठ स्तम्भकार हैं)

 

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