नए साल पर PM मोदी का लाइट हाउस प्रोजेक्ट का तोहफा, कहा- पहले आवास योजनाओं को नहीं मिली अहमियत

नयी दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केन्द्रीय ‘‘लाइट हाउस प्रोजेक्ट’’ (एलएचपी) के तहत राजकोट में बनाए जाने वाले ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लोगों के वास्ते 1,144 मकानों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आधारशिला रखी। हरित निर्माण तकनीक का उपयोग कर शहरी गरीबों को आश्रय प्रदान करने संबंधी एलएचपी परियोजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए मकान बनाए जा रहे हैं। एलएचपी परियोजना के तहत, केंद्र सरकार छह शहरों- इंदौर, चेन्नई, रांची, अगरतला, लखनऊ और राजकोट में 1,000-1000 से अधिक मकानों का निर्माण करेगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज नई ऊर्जा के साथ, नए संकल्पों के साथ और नए संकल्पों को सिद्ध करने के लिए तेज गति से आगे बढ़ने का आज शुभारंभ है। एक समय में आवास योजनाएं केंद्र सरकारों की प्राथमिकता में उतनी नहीं थीं जितनी होनी चाहिए। सरकार घर निर्माण की बारीकियों और गुणवत्ता पर नहीं जाती थी। आज देश ने एक अलग अप्रोच चुनी है।
इसके आगे प्रधानमंत्री ने कहा कि ये 6 प्रोजेक्ट वाकई लाइट हाउस यानी प्रकाश स्तंभ की तरह हैं। ये 6 प्रोजेक्ट देश में हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाएंगे। ये लाइट हाउस प्रोजेक्ट अब देश के काम करने के तौर-तरीकों का उत्तम उदाहरण है। हमें इसके पीछे बड़े विजन को भी समझना होगा। एक समय आवास योजनाएं केंद्र सरकारों की प्राथमिकता में उतनी नहीं थी, जितनी होनी चाहिए। सरकार घर निर्माण की बारिकियों और क्वालिटी में नहीं जाती थी। ये प्रोजेक्ट आधुनिक तकनीक और इनोवेटिव प्रोसेस से बनेंगे। इसमें कंस्ट्रक्शन का समय कम होगा और गरीबों के लिए ज्यादा affordable और कम्फ़र्टेबल घर तैयार होंगे।
मोदी ने कहा कि देश में ही आधुनिक हाउसिंग तकनीक से जुड़ी रिसर्च और स्टार्टअप्स को प्रमोट करने के लिए आशा इंडिया प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से भारत में ही 21वीं सदी के घरों के निर्माण की नई और सस्ती तकनीक विकसित की जाएगी।गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजकोट में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान, केंद्र सरकार गरीबों को मकान उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्य के प्रदर्शन के लिए विभिन्न श्रेणियों के तहत गुजरात को पुरस्कार भी प्रदान करेगी।

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