भाजपा के कार्यकर्ता निगम के बकाये 13000 करोड़ रूपए के लिये चलायेंगे जन जागरण अभियान

नई दिल्ली। प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए दिल्ली भाजपा महामंत्री हर्ष मल्होत्रा और प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार ने बताया कि 3 जनवरी को 13,750 बूथ के 3 लाख से अधिक कार्यकर्ता अपने क्षेत्रीय आरडब्लूए, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संगठनों के साथ मिलकर नगर निगम के 13000 करोड़ रुपए की मांग के लिए अपने घरों के आगे पोस्टर, बैनर प्ले, कार्ड लेकर जन जागरण आंदोलन चलायेंगे। उन्होंने बताया कि करीब 5 लाख परिवारों को 13000 करोड़ रुपए से संबंधित पत्रक वितरित करेंगे। निगम को पंगु बनाने के केजरीवाल सरकार के प्रयासों को भाजपा विफल करेगी। प्रेस वार्ता के दौरान कोरोना योद्धा निगम के सफाई सैनिक का वीडियो दिखाया गया जिसे भाजपा हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लॉन्च करेगी, जिसमें सफाई सैनिक अपनी स्वास्थ्य की परवाह किए बगैर सफाई करते दिख रहे हैं लेकिन केजरीवाल सरकार उनके हक पर कुंडली मारकर बैठी है।

प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि भारत के संविधान के धारा 243 राज्य सरकारों को यह निर्देश देती है कि अपने अंदर आने वाले निकायों को सुचारू रूप से चलाने के टैक्स से मिले पैसों का कुछ हिस्सा संवैधानिक रूप से आवंटित करें। दिल्ली नगर निगम में जनता द्वारा चुने हुए महापौर हैं जो जनता को मूलभूत सुविधाएं देने के दायित्व का निर्वहन करते हैं लेकिन केजरीवाल सरकार को जनता के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है इसलिए वह मूलभूत सुविधाएं देने के लिए जो टैक्स मिलता है उसे अपने प्रचार प्रसार में खर्च करती है। प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पार्कों की साफ-सफाई, सामुदायिक केंद्र, नाले-सड़कों की सफाई, हर घर से कूड़ा उठाना जैसे कार्य सिर्फ नगर निगम की जिम्मेदारी है जिसके लिए दो लाख निगम कर्मचारी हैं। केजरीवाल सरकार द्वारा फंड रोके जाने के कारण 4 महीनों से गरीब निगम कर्मचारियों का वेतन रुका हुआ है जिसके कारण उनका परिवार प्रभावित हो रहा है और साथ ही उनके काम पर असर हो रहा है। लेकिन फिर भी केजरीवाल सरकार राजनीतिक द्वेष में निगम का फंड नहीं दे रही है।

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि अगर समय पर निगम का बकाया फंड मिल जाता तो निगम, पेंशन धारियों को पेंशन समय पर मिली होती, स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होती, नाली-सड़कों की सफाई प्रभावित ना होती, बिजली के खंभों की हालत सही होती। दिल्लीवासियों को नगर निगम द्वारा लगाए जा रहे पार्किंग टैक्स, कन्वर्जन चार्ज, हाउस टैक्स या अन्य में छूट देने में आसानी होती। केजरीवाल सरकार के दोहरे मापदंड के कारण कोरोना योद्धा निगम कर्मी को वेतन नहीं मिल पा रहा है और दिल्लीवासियों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कि निगम का फंड देने की बजाय मुख्यमंत्री केजरीवाल जनता के टैक्स का हजारों करोड़ रुपए अपने प्रचार-प्रसार के लिए खर्च कर रहे हैं।

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