एक संत का अतुलनीय शिक्षा प्रेम

श्याम सुंदर भाटिया

दुनिया के किसी भी बेमिसाल कर्मयोगी के लिए बहुप्रतिभा के धनी, दूरदर्शी, दृढ़संकल्पित, पारदर्शी, मैत्रीपूर्ण स्वभाव, राष्ट्रभक्ति, समाजसेवी, शिक्षा प्रेमी, समर्पित, अनुशासित, समयबद्धता, ईमानदार, साफगोई सरीखे सैकड़ों विशेषणात्मक शब्द बौने ही साबित होंगे। अंग्रेजी का फ्रेज- ए सेंट स्प्रेडिंग नॉलेज तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन पर एकदम सटीक बैठता है। 1944 में पहली जनवरी को यूपी – मुरादाबाद के ग्राम हरियाना में धर्मपरायण,समाजसेवी और अति सम्मानित  प्रेम प्रकाश जैन और  माला देवी जैन के घर-आंगन में श्री जैन ने वरिष्ठ पुत्र के रूप में जन्म लिया। यूँ तो वह एक पुत्र और दो पुत्री के जैविक पिता हैं, लेकिन हकीकत में श्री जैन मौजूदा वक्त में 14,000 से भी अधिक बेटे और बेटियों के पिता हैं। अमेरिका, स्विज़रलैंड, इटली, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस, इंग्लैंड, बेल्जियम, थाईलैंड, इजराइल का दौरा कर चुके श्री जैन के पिताश्री ने 1966 में इंटर कॉलेज की स्थापना की। पिताश्री के संस्कारों को आत्मसात करते हुए श्री सुरेश जैन ने 2001 में तीर्थंकर महावीर इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी- टिमिट की स्थापना की, जो 2008-09 में मेडिकल कॉलेज के संग-संग तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में पुष्पित-पल्लवित हुआ। यह यूपी का प्रथम जैन अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय है। दिल्ली हाईवे पर इस यूनिवर्सिटी का 140 एकड़+ का विशालकाय कैंपस हरियाली से आच्छादित है।

श्री जैन में अहंकार का भाव रंच मात्र भी नहीं है। कहते हैं, शिलाओं से टकराकर जिस प्रकार जल अपनी राह स्वयं ढूंढ लेता है- आप भी किंचित विचलित हुए बिना सेवा धर्म की नयी राहें ढूंढते सतत चलते रहे हैं। जैन धर्म के प्रमुख संदेश – सबसे प्रेम-सब की सेवा ही आपके जीवन का लक्ष्य रहा है। कैंपस में स्थित 1008 शैयाओं के अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित मल्टी स्पेशियलिटी तीर्थंकर महावीर हॉस्पिटल में ओपीडी फ्री है। प्रतिदिन करीब तीन हजार मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। जरुरतमंदों को रियायती दरों पर इलाज के साथ-साथ भर्ती रोगियों को निःशुल्क भोजन की सुविधा उपलब्ध कराना आपकी परोपकारी भावना का ही प्रतीक है। आप विभिन्न स्थानीय, राजकीय और राष्ट्रीय स्तर की सेवा, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं से विभिन्न पदों के माध्यम से जुड़े हैं। आपको परोपकारी सेवा कार्यो के लिए विभिन्न भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से समय-समय पर सम्मानित भी किया जाता रहा है। इसी समर्पण की भावना के मद्देनज़र यूपी के नगर विकास मंत्री श्री सुरेश खन्ना ने 2018 में उन्हें स्वच्छता के ब्रांड एम्बेसडर की अहम जिम्मेदारी सौंपी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और फर्स्ट लेडी सविता कोविंद की गरिमामयी मौजूदगी में 2018 में ही महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस के कर कमलों से प्रथम भगवान ऋषभदेव अवार्ड मिला।

अतिथि देवो भव की परम्परा के तहत बड़े-बड़े जैन मुनियों के अलावा मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, मुख्य न्यायाधीश रहे  के. जी. बालकृष्णन, यूपी के तत्कालीन गवर्नर  रामनाईक, हरियाणा के गवर्नर रहे प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवा निवृत्त) ज़मीर उद्दीन शाह, संत श्री आचार्य सुधांशु जी महाराज, बॉलीवुड के नामचीन सिंगर्स-  सोनू निगम सरीखी हस्तियों का गर्मजोशी से सत्कार का सौभाग्य श्री जैन को मिल चुका हैं। दीक्षांत समारोह में आए यूपी के तत्कालीन गवर्नर  रामनाईक यूनिवर्सिटी की भव्यता को देखते हुए बोले, काश… मेरी भी स्टडी इस यूनिवर्सिटी में हुई होती तो शायद मैं और बड़े ओहदे पर होता। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के तत्कालीन वीसी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवा निवृत्त)  ज़मीर उद्दीन शाह ने टीएमयू कैंपस के भ्रमण के दौरान यूनिवर्सिटी का भव्य इंफ्रास्ट्रक्चर देखने के बाद कहा, टीएमयू ने जो करिश्मा 10 साल में कर दिखाया है, एएमयू को 100 बरस लग गए। यूपी के नगर विकास मंत्री  सुरेश खन्ना ने श्री जैन की दानवीर एवं त्यागी पुरुष श्री भामाशाह से तुलना करते हुए कहा, मैं श्री जैन के इस पावन पुरुषार्थ को नमन करता हूँ, क्योंकि भामाशाह ने महाराणा प्रताप के लिए खजाना खोला था तो श्री सुरेश जैन ने शिक्षा के लिए। युगों -युगों तक इस बात को याद किया जाएगा, धन का इस्तेमाल कैसे और किस प्रकार से हो। श्री जैन चाहते तो बहुत बढ़िया और आरामदायक जिंदगी बिता सकते थे। शिक्षा का दान सबसे बड़ा दान है। हरियाणा के तत्कालीन गवर्नर प्रो. कल्याण सिंह सोलंकी टीएमयू आए तो फैकल्टी की मेधा के कायल होकर रह गए। यूनिवर्सिटी को वक्त – वक्त पर देश – प्रदेश के नामचीन राजनेताओं के आतिथ्य का भी सुअवसर मिला।

सम्पन्नता का अर्थ है, व्यक्ति विशेष ने समाज को क्या और कितना दिया है, मात्र यह नहीं, उसके पास क्या और कितना है। इस परिभाषा की कसौटी पर श्री सुरेश जैन खरे उतरते हैं, क्योंकि उन्होंने समाज को शिक्षित-स्वस्थ-स्वावलंबी बनाने हेतु शिक्षा के अनगिनत मंदिरों के माध्यम से तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय रूपी ज्ञान तीर्थ की स्थापना की। तीर्थंकर महावीर के नाम को चरितार्थ करने वाले इस विश्वविद्यालय का नाम, उच्च-शिक्षा के साथ-साथ जैन संस्कृति के प्रचार- प्रसार और जैन छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन में अपने अभूतपूर्व योगदान के लिए जैन इतिहास के पृष्ठों में सदैव एक धरोहर के रूप में लिखा जाएगा। जैन छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के प्रत्येक पाठ्यक्रमों के प्रवेश में वरीयता प्रदान की जाती है। छात्र-छात्राओं को डेन्टल एवं मेडिकल के अतिरिक्त प्रत्येक पाठ्यक्रम के सम्पूर्ण पाठ्यक्रम हेतु शिक्षण और छात्रावास शुल्क में छूट प्रदान की जाती है। विश्वविद्यालय 2042 जैन छात्र-छात्राओं को 2019-20 तक 52.39 करोड़ की धनराशि छात्रवृत्ति के रूप में दे चुका है।

टीएमयू हॉस्पिटल एवम् रिसर्च सेंटर को कोविड-19 लेवल 3 अस्पताल का भी दर्जा मिला हुआ है। कोरोना वारियर्स अब तक हजारों-हजार कोविड रोगियों के चेहरे पर मुस्कान लौटा चुके हैं। डॉक्टरों के संकल्प, समर्पण और जन सेवा के बूते सूबे के 58 प्राइवेट और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में टीएमयू कोविड हॉस्पिटल अव्वल रहा है। प्लाज्मा थेरेपी में भी इस हॉस्पिटल को उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान मिल चुका है। बॉलीवुड सेलिब्रेटी –  सोनू निगम,  सुखविंदर सिंह, शान,  अरमान मलिक,  तलत अजीज सरीखे सिंगर्स अलग-अलग वीडियो जारी करके कोरोना देवदूतों के संग-संग आला प्रबंधन की भी हौसला अफजाई कर चुके हैं। यूपी के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कुलाधिपति सुरेश जैन और जीवीसी मनीष जैन को साधुवाद दे चुके हैं। श्री योगी बोले- हॉस्पिटल के आला प्रबंधन का सहयोग काबिल -ए – तारीफ है। टीएमयू का आला प्रबंधन कोविड काल में पहले दिन से ही यूपी सरकार के साथ खड़ा है। बकौल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री जैन- शासन और प्रशासन के दिशा-निर्देश पर कोविड-19 हॉस्पिटल के आइसोलेशन और क्वारंटाइन वार्ड के प्रति डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ एकदम समर्पित है। हॉस्पिटल का जर्रा-जर्रा सेनेटाइज है। मेडिकल स्टाफ भी रात-दिन कोरोना रोगियों की सेवा में जुटा है। चांसलर का साफ मानना है, मानवता की सेवा ही देश की सच्ची सेवा है। इसे न केवल जैन समाज बल्कि सभी धर्मों में सर्वोपरि माना गया है। कोविड पॉजिटिव से उभर चुके लोगों से वह विनम्र अनुरोध करते हैं, वे प्लाज़्मा डोनेशन के लिए बढ़ चढ़कर आगे आएं, ताकि गंभीर कोविड रोगियों को नया जीवन मिल सके। वह बोले, दुनिया में जीत मानव की होगी, अंततः कोरोना हारेगा। शिक्षा को समर्पित श्री जैन 21वीं सदी के 21वें बरस के श्रीगणेश दिवस यानी पहली जनवरी को 78वें वर्ष में मंगल प्रवेश करेंगे। परम श्रद्धेय श्री जैन की दो पीढ़ियां उनके पद चिन्हों का अनुसरण कर रही हैं। आपके यशस्वी पुत्र श्री मनीष जैन ग्रुप वाइस चेयरमैन के पद पर सुशोभित हैं तो सुपौत्र श्री अक्षत जैन अमेरिका से इंटरनेशनल रिलेशन्स में डिग्री लेने के बाद यूनिवर्सिटी में मेंबर ऑफ़ गवर्निंग बॉडी-एमजीबी पद का निर्वहन कर रहे हैं। जीवीसी श्री मनीष जैन कहते हैं, मानव कल्याण के लिए तीर्थंकर महावीर हॉस्पिटल के दरवाजे 24 घंटे खुले हैं। हम केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ प्रशासनिक दिशा -निर्देशों के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को प्रतिबद्ध हैं। यूनिवर्सिटी यूजीसी की जारी गाइड लाइंस का हमेशा अक्षरशः पालन करती है। टीएमयू ने कोविड काल में न केवल समय पर ऑनलाइन कोर्स मुकम्मल कराया बल्कि एग्जाम पहले कराने और रिजल्ट भी घोषित करने में भी यूपी ही नहीं बल्कि देश में रिकॉर्ड कायम किया है। अंततः इस विश्वविद्यालय के संस्थापक, युवा पीढ़ी के प्रेरणापुंज, समाजसेवी, कुशल प्रशासक, धर्म प्रेमी, कर्मयोगी, युगपुरूष, महान शिक्षाविद श्री सुरेश जैन का व्यक्तित्व दिग-दिगंत तक अनुकरणीय और अभिनंदनीय रहेगा।

(लेखक सीनियर जर्नलिस्ट / रिसर्च स्कॉलर हैं)

 

 

 

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