गृहमंत्री अमित शाह ने किया पूर्व वित्त मंत्री स्व. अरुण जेटली की प्रतिमा का अनावरण

@ chaltefirte.com                नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री स्व. अरुण जेटली के जन्म दिवस के अवसर पर आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अरुण जेटली स्टेडियम, फिरोजशाह कोटला ग्राउंड में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महांमंत्री भूपेंद्र यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं दिल्ली भाजपा प्रभारी बैजयंत जय पांडा, केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, सांसद प्रवेश साहिब सिंह, सांसद गौतम गंभीर, राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आरपी सिंह, दिल्ली भाजपा पूर्व अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली, सचिव जय शाह, डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली, दिल्ली भाजपा उपाध्यक्ष व डीडीसीए डायरेक्टर सुनील यादव, प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार, क्रिकेटर सुरेश रैना, शिखर धवन सहित स्व. अरुण जेटली के परिवारजन उपस्थित थे।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आज मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है और आनंद का विषय है कि जहां भारतीय किक्रेट के ऐतिहासिक क्षण जीवंत रहे हैं, स्मृति में रहे हैं और जहां आने वाले दशकों तक इतिहास रचा भी जाएगा, ऐसे स्टेडियम में अरुण जेटली जी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अरुण जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे जिन्हें स्पोर्ट्समैन स्पिरिट के लिए राजनीतिक क्षेत्र में जाना जाता था। खुद को पीछे रखकर कई सारे क्षेत्रों में योगदान करना और प्रसिद्धि की परवाह किए बगैर कार्य को अंजाम तक लेकर जाना अरुण जी की खासियत थी। वह कॉलेज जीवन से ही राजनीति क्षेत्र से जुड़े थे और जब देश के लोकतंत्र पर गहरा कुठाराघात हुआ और इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर दी तब युवावस्था में दिल्ली युनिवर्सिटी के अध्यक्ष होने के नाते 19 महीने तक जेल में रहकर अरुण जी ने इस हमले का पुरजोर विरोध किया। वहीं से उनका राजनीतिक जीवन शुरू हुआ, वह वित्त मंत्री रहे, कानून मंत्री रहे, रक्षा मंत्री रहे और जहां-जहां पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी दी, उसे बहुत बखूबी से निभाया। गुजरात से भी अरुण जी का बहुत गहरा रिश्ता रहा, वर्षों तक उन्होंने संसद में गुजरात का प्रतिनिधित्व किया। गुजरात चुनाव की रणनीति हो या टीम तैयार करना, अरुण जी हमेशा सबको साथ में लेकर चलते थे। अरुण जी ने 10 साल विपक्ष के नेता का भी कर्तव्य निभाया और कोई भी मामला हो उसपर अपनी तर्कबद्ध दलीलों को सदन के पटल पर रखना, सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाए बगैर आक्रमकता से बात को रखना और शालीनता को बनाए रखने में उन्हें सिद्धी प्राप्त थी जिसके कारण सत्ता पक्ष की नींद उड़ी रहती थी। उन्होंने कहा कि अरुण जी जनता की आवाज को भी मुखरता से रखने में कभी पीछे नहीं हटते थे। विपक्ष में रहते हुए उनकी भूमिका की वजह से ही 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्ण बहुमत मिला और भाजपा की सरकार बनी। अरुण जी मोदी के घनिष्ठ साथी रहे और मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने पर सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालय का नेतृत्व किया। अरुण जी के समय में आर्थिक सुधार की गति तेज हुई जिसे देश सदियों तक याद रखेगा।

अमित शाह ने कहा कि दो महत्वपूर्ण घटना है जिसने भारतीय किक्रट को नई दिशा दी, पहला मैच के राइट्स को बेचने का फैसला किया गया जिससे भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ने का मौका मिला और दूसरा आईपीएल, जब आईपीएल बनाया जाना था तब क्रिकेट प्रेमियों और मेरे मन में भी ढ़ेर सारे सवाल उठ रहे थे और हर सवाल का सटीक जवाब अरुण जेटली जी के पास था, कनफ्यूजन के बगैर उन्होंने आईपीएल का मजबूत खाका तैयार किया, जिसका परिणाम है कि आज आईपीएल पटरी पर चल चुकी है और हजारों युवाओं के लिए क्रिकेट रोजगार का प्लेटफॉर्म है। क्रिकेट में दो तरह का योगदान होता है। एक जो खेलकर देश को सम्मान दिलाते हैं, दूसरे वे जो खेलने के लिए माहौल बनाते हैं। अरुण जी ने खेल के लिए माहौल बनाया। भारत में क्रिकेट को मजबूत आधार बीसीसीआई और आईपीएल ने दिया है। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन में जब संकट आया तो अरुण जी ने एक बड़े भाई की भूमिका निभाकर उस संकट से निकाला। अरुण जी ने जरूरत पड़ने पर बिना डरे मेरा साथ दिया, सहारा भी दिया और मार्गदर्शक बने। उन्होंने कहा कि अरुण जी की प्रतिमा स्टेडियम में खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत रहेगी।

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