कृषि कानूनों को मिल रहा है देशभर के किसानों का समर्थन-डॉ अलका गुर्जर

नई दिल्ली। मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के समर्थन में आज घेवड़ा मोड़ के रोज गार्डन में आयोजित किसान महापंचायत को राष्ट्रीय मंत्री व दिल्ली भाजपा सह-प्रभारी डॉ अलका गुर्जर और नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने संबोधित किया। उन्होंने कृषि कानूनों से किसानों के जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तन से अवगत कराया। इस अवसर पर प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, प्रदेश महामंत्री कुलजीत सिंह चहल, प्रदेश किसान मोर्चा अध्यक्ष विनोद सहरावत, नेफेड डायरेक्टर व जिला प्रभारी बाहरी दिल्ली अशोक ठाकुर, जिला अध्यक्ष बजरंग शुक्ला, पूर्व विधायक मनोज शौकीन, जिला मंत्री गजेंद्र सिंह सहित कई गांव के प्रधान व किसान उपस्थित थे।

राष्ट्रीय मंत्री व दिल्ली भाजपा सह-प्रभारी डॉ अलका गुर्जर ने कहा कि तीनों नए कृषि कानून अन्नदाता को मजबूत और सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। तीनों नए कृषि कानून वर्षों से आढ़तियों और बिचौलियों के द्वारा दबाए जा रहे किसानों को उनका हक दिलाएंगे। किसान द्वारा किए गए करार में सिर्फ फसल का अनुबंध होगा, उसकी भूमि का नहीं। साथ ही खेत में फसल उगाने का अधिकार केवल किसान को होगा। किसान टेक्नॉलोजी से जुड़कर खेती की गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं जिससे उनके फसल उत्पाद में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में हो रहे आंदोलन में कुछ तो किसान हैं और कुछ निजी हित को साधने वाले लोग हैं, जो सीधे-साधे किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह कभी सफल नहीं होगा क्योंकि देश की जनता यह समझ चुकी है कि कौन अपना हित साधना चाहता है और कौन जनहित में काम करना चाहता है। वर्षों के शासन काल में कांग्रेस ने किसानों की बजाय बिचौलियों को लाभ पहुंचाने का काम किया है और अब उनसे किसानों का भला होता नहीं देखा जा रहा है, इसलिए वह हर हथकंडे अपना रही है किसानों का नुकसान करने के लिए।

नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों को फसल की अच्छी कीमत दी गई है। कृषि कानून के तहत एमएसपी जारी रहेगी, मंडियों का विस्तार होगा लेकिन राजनैतिक महत्वाकांक्षा के कारण विपक्षी पार्टियां इन कानूनों का विरोध कर रही है। केजरीवाल सरकार ने भी 23 नवम्बर 2020 को तीन कानूनों में से एक कानून को नोटिफाई किया लेकिन पंजाब चुनाव को देखते हुए इन कानूनों का विरोध कर खुद को किसान हितैषी साबित करने में लगी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के किसान देश भर में सबसे पीड़ित हैं। केजरीवाल सरकार ने राजनीति वश दिल्ली में सॉयल हेल्थ कार्ड योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, पीएम किसान योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, संस्थागत कृषि ऋण योजना और नीम कोटेड यूरिया योजना को लागू नहीं किया। यही कारण है कि दिल्ली के किसानों को प्रधानमंत्री द्वारा लाई गई उपरोक्त योजनाओं में से एक भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया। दिल्ली के किसानों को ट्यूबवेल लगाने की अनुमति नहीं है, बिजली भी महंगी मिल रही है, सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने 50 साल के राजनीतिक करियर में किसानों की लड़ाई लड़ी है और दावे के साथ कहता हूं कि तीनों कृषि कानून से किसानों का कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि उन्हें ज्यादा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक दशा में भी सुधार होगा और आय भी बढ़ेगी।

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