केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जूस पिलाकर निगम नेताओं की भूख हड़ताल खत्म करवाई

यह आंदोलन जारी रहेगा

नई दिल्ली।नगर निगम का बकाया फंड 13000 करोड़ रुपए की मांग को लेकर निगम नेता पिछले 13 दिनों से धरने पर बैठे थे और 3 दिनों से भूख हड़ताल पर, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। आज केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता और राष्ट्रीय मंत्री व सह-प्रभारी डॉ. अलका गुर्जर ने निगम नेताओं से मिलकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त करवायी और कहा कि हमारा यह आंदोलन जारी रहेगा, इस लड़ाई को हम जन-जन तक लेकर जाएंगे और निगम का बकाया फंड लेकर रहेंगे। भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर केजरीवाल सरकार की नाकामियों और उनके विभागों के भ्रष्टाचार को उजागर करेगा। नगर निगम सफाई मजदूर विकास परिषद अध्यक्ष रणधीर गागट, संजय वाल्मिकी, लाला राम ने जूस पिलाकर निगम नेताओं की भूख हड़ताल खत्म करवाई।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि आज 13 वें दिन भी निगम नेता इस कड़ाके की ठंड में भूख हड़ताल पर मुख्यमंत्री के आवास के बाहर अपनी सहुलियत या सुविधा के लिए नहीं बैठे हैं बल्कि महामारी के दौरान भी दिल्ली को साफ, स्वच्छ, स्वस्थ रखने के लिए कार्य करने वाले सफाई कर्मी, डॉक्टर, नर्स, स्वास्थकर्मी, शिक्षक एवं अन्य निगम कर्मचारियों के वेतन के लिए बैठे हैं। यह सरासर अनुचित है कि दिल्ली सरकार निगम कर्मियों की मदद करने के लिए संवैधानिक रूप से आवंटित फंड भी नहीं दे रही है। यह दिल्ली सरकार की नैतिक जिम्मेदारी थी कि वह अपने अंदर आने वाले निकायों को आर्थिक मजबूती प्रदान करें ताकि वहां के कर्मचारियों का काम प्रभावित न हो लेकिन इतने दिनों में मुख्यमंत्री केजरीवाल निगम नेताओं से 5 मिनट मिलने के लिए भी नहीं आए।

प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि निगम नेता कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं बल्कि दिल्ली की जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं, निगम कर्मियों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, दिल्ली को बेहतर नागरिक सुविधा दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। दिल्ली की जनता भी समझ चुकी है कि जब मुख्यमंत्री केजरीवाल के पास उनके दरवाजे पर बैठे जनप्रतिनिधियों की बात सुनने का या मिलने का समय नहीं है तो जनता को समय देना तो दूर की बात है। झूठे और भ्रामक प्रचार के महारथी केजरीवाल जनता के टैक्स का करोड़ों पैसा अपनी फोटो चमकाने के लिए बर्बाद कर रहे हैं लेकिन निगम के फंड पर कुंडली मारकर बैठे हैं। अगर इन पैसों से निगम कर्मियों का वेतन दिया गया होता तो उनके परिवार का ठीक से भरण-पोषण हो जाता। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री के संवेदनहीनता और बेशर्मी की पराकाष्ठा है कि उनके आवास के बाहर बैठे निगम नेताओं की तबीयत बिगड़ गई और मुख्यमंत्री विधानसभा के विशेष सत्र में हंसी-ठिठोली और अनर्गल बयानबाजी कर रहे थे।

राष्ट्रीय मंत्री व सह-प्रभारी डॉ. अल्का गुर्जर ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री केजरीवाल को जनता द्वारा चुने गए महापौरों की जायज मांगों को नहीं मानकर दिल्लीवासियों को मिल रही नागरिक सुविधायों से वंचित रखना चाहते हैं। राजनीतिक द्वेष में मुख्यमंत्री निगम कर्मचारियों और दिल्लीवासियों के हितों का हनन कर दिल्ली को अराजता की ओर ले जाना चाहते हैं। भाजपा जनता के हितों के लिए कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है और केजरीवाल सरकार के खिलाफ इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाएगी।

इस अवसर पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम महापौर जय प्रकाश, पूर्वी दिल्ली नगर निगम महापौर निर्मल जैन, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम महापौर अनामिका मिथिलेश सिंह सहित निगम नेताओं के साथ दिल्ली भाजपा महामंत्री हर्ष मल्होत्रा भी 13 दिनों से धरने पर डटे रहे। भूख हड़ताल के समापन के अवसर पर आज प्रदेश महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विष्णु मित्तल, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव बब्बर, अशोक गोयल देवराहा, प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार सहित प्रदेश व निगम पदाधिकारी उपस्थित थे। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बैठे उत्तरी दिल्ली नगर निगम स्थाई समिति अध्यक्ष छैल बिहारी गोस्वामी, उपाध्यक्ष विजेंद्र यादव, पूर्वी दिल्ली नगर निगम उपमहापौर हरि प्रकाश बहादुर, स्थाई समिति अध्यक्ष सतपाल सिंह, नेता सदन प्रवेश शर्मा, दक्षिणी दिल्ली स्थाई समिति अध्यक्ष राजदत्त गहलोट, नेता सदन नरेंद्र चावला, पूर्व महापौर कमलजीत सहरावत, सुनीता कांगड़ा, माया सिंह बिष्ट, पूनम भाटी, सुमन डागर, सुषमा गोदरा, सविता, अंजू अमन कुमार, हिमांशी पांडे, कंचन महेश्वरी, अपर्णा गोयल और कुसुम तोमर ने भूख हड़ताल खत्म किया।

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