दिल्ली भाजपा का एक दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी बैठक सम्पन

कार्यकारिणी बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया गया

नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज एक दिवसीय कार्यकारिणी बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम, पार्टी के संस्थापक एवं वरिष्ठ नेता प्रोफेसर विजय मल्होत्रा, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता, नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी, संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आर पी सिंह, दिल्ली भाजपा पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी, सांसद मीनाक्षी लेखी, सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, सांसद हंसराज हंस, सांसद गौतम गंभीर, दिल्ली भाजपा पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक विजेंद्र गुप्ता, भाजपा के असम स्ळ प्रभारी पवन शर्मा, दिल्ली भाजपा महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह एवं हर्ष मल्होत्रा मंच पर उपस्थित थे। बैठक से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअली भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं दिल्ली प्रभारी बैजयंत जय पांडा, राष्ट्रीय सचिव एवं दिल्ली से सह प्रभारी डॉ अलका गुर्जर जुड़े रहें। कार्यकारिणी बैठक में 7 लोकसभा क्षेत्रों के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाध्यक्ष व मंडल के पदाधिकारी जुड़े रहें।

पार्टी की एक दिवसीय कार्यकारिणी में अपने अध्यक्षीय भाषण में आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार की विफलताओं को उजागर करने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, प्रदूषण समस्याओं पर पार्टी का दृष्टिकोण जनता के बीच बेहतर ढंग से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी भविष्य में शैडो केबिनेट की तर्ज पर टीम बनाकर कार्य करेगी। उन्होंने निजी बिजली कंपनियां और जल बोर्ड सहित दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को पूरा विश्वास है कि वर्ष 2022 में नगर निगम और वर्ष 2025 में विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत होगी।उन्होंने कोरोना काल में केंद्र सरकार की ओर से मिले हर तरह के सहयोग के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी और माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा जी का आभार व्यक्त किया।

दिल्ली सरकार द्वारा प्रदूषण और अन्य मुद्दों पर की गई 26 घोषणाओं में से एक पर भी काम ना किए जाने का आरोप लगाते हुए आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने आज तक एक भी एंटी स्मॉग टावर नहीं लगाया, 2017 में केन्द्र से मंजूरी मिलने के बाद भी एक भी इलैक्ट्रिक बस नहीं खरीदी गई, बिजली हाफ और पानी माफ जैसे वादे तो कभी पूरे ही नहीं हुए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ जन आंदोलन कर भाजपा संघर्ष करेगी।

आदेश गुप्ता ने कहा कि नगर निगम चुनावों में विजय होने के लिए भाजपा त्रिकोणीय योजना पर काम करेगी। नगर निगम की कार्य क्षमता को व्यवस्थित कर जनता के समक्ष निगमों द्वारा विषम परिस्थितियों के बावजूद दी जा रही है स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही पार्कों के रखरखाव आदि के कार्यों को रखा जाएगा। अगले माह में बूथ स्तर तक संगठन को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि नगर निगम चुनाव के समय अंतिम मतदाता को मतदान करने के लिए लाने की स्थिति में रहे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री केजरीवाल जो मुख्यमंत्री कम और प्रचार मंत्री ज्यादा है, उनकी विफलता की पोल खोलेंगे और दिल्ली के समग्र विकास के लिए अपनी कार्ययोजना भी प्रस्तुत करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर दिल्ली सरकार के पास कोई कार्य योजना ही नहीं है। भारी वर्षा होने के बावजूद दिल्ली में वायु प्रदूषण नियंत्रण पर ध्यान ही नहीं दिया गया और पड़ोसी राज्य में पराली जलाने से रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। सार्वजनिक परिवहन के विस्तार पर दिल्ली सरकार पूरी तरह विफल है और आज दिल्ली की लाइफ लाइन रहे डीटीसी ठप होने की कगार पर है। अनधिकृत कॉलोनी हो या सामान्य कॉलोनी, देहात हो या झुग्गी बस्ती, सभी जगह विकास का अभाव साफ दिखता है, जिसे लेकर आरडब्लूए एवं अन्य नागरिक संगठनों में रोष व्याप्त है। दिल्ली सरकार की नकारात्मक नीतियों से शहर का उद्योग व्यापार भी ठप होता जा रहा है। युवा हो, कामगार हो या किसान सभी दिल्ली में घटते रोजगार अवसरों से परेशान हैं। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि अरविंद केजरीवाल सरकार एक विफल सरकार है जिसे जनता त्रस्त है और हमें निरंतर जनता की आवाज बनना होगा।
दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने राजधानी के हर क्षेत्र में बदहाली के हालत के लिए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की गलत और भ्रष्टाचारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए केवल जल बोर्ड में ही लगभग 60000 करोड़ का घोटाला किए जाने का आरोप लगाया है। दिल्ली सरकार ने जल बोर्ड का बजट 7300 करोड़ रुपए सालाना होने के बाद भी 40,000 करोड़ रुपए का ॠण दिया और 11,000 करोड़ रुपए अतिरिक्त बजट भी दिया, जबकि आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने से पहले जल बोर्ड मुनाफे में था और अब 60,000 करोड़ के घाटे में चल रहा है।

पार्टी कार्यकारिणी की एक दिवसीय बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक परिवहन और बिजली बिलों में फिक्स्ड चार्ज के मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। कोरोना काल के दौरान कार्यकारिणी की इस बैठक में संसदीय क्षेत्रों के हिसाब से 7 लोकसभा क्षेत्रों में आयोजित किया गया जिन्हें वर्चुअल माध्यम से जोड़ा गया।

राजनीतिक प्रस्ताव में दिल्ली सरकार पर जानबूझकर दिल्ली के तीनों नगर निगम को पंगु बनाने का आरोप लगाया गया। निगम ठीक तरह से काम ना कर सके इसके लिए दिल्ली सरकार ने उनका संवैधानिक हक रोक रखा है। वर्तमान वित्त वर्ष की अवधि समाप्ति की ओर है लेकिन फंड का एक चौथाई भी अभी तक जारी नहीं किया गया। इसी मुद्दे पर निगमों के महापौर और पार्षद मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर हैं लेकिन केजरीवाल के पास उनसे ज्ञापन लेने का भी समय नहीं है।

कार्यकारिणी ने दिल्ली जल बोर्ड, बिजली के बिलों में फिक्स्ड चार्ज, शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की विफलता और भ्रष्टाचार पर श्वेत पत्र लाने की मांग की है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि कोरोना से निपटने और दिल्ली के दंगों से निपटने में केजरीवाल सरकार पूरी तरह से विफल रही है। इस विफलता का सबसे बड़ा सबूत यह है कि दोनों ही मामलों में केंद्रीय गृह मंत्रालय को हस्तक्षेप करना पड़ा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने जहां दंगों की रोकथाम के लिए कड़ी कार्रवाई की वहीं कोरोना के मामले में भी केंद्रीय स्तर पर दिल्ली सरकार की पूरी मदद कर स्थिति को और बिगड़ने से बचाया। लॉकडाउन के दौरान केजरीवाल सरकार के निराशापूर्ण रवैए ने तो मजदूरों को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया और राशन वितरण में भी भारी गड़बड़ी की गई। आम आदमी पार्टी सरकार ने प्रवासी मजदूरों को सुविधाएं ना देकर एक तरह से उन्हें पलायन के लिए बाध्य किया। प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली हर वर्ष की तरह इस बार भी वायु प्रदूषण से बदहाल रही और इसके नियंत्रण के लिए केजरीवाल सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। सरकार की लापरवाही के कारण दिल्ली गत 6 वर्षों में विश्व की सबसे प्रदूषित राजधानी बन गई है।

कार्यकारिणी में राजनीतिक प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि 6 वर्षों में दिल्ली सरकार तो है पर प्रशासन के नाम पर कोई नहीं है। कोरोना काल में जब दिल्ली को प्रशासन व्यवस्था की सर्वाधिक जरूरत थी तो उसमें अपनी ही प्रशंसा में जुटी केजरीवाल सरकार हर मामले में कमजोर और दिशाहीन नजर आई। अनधिकृत कॉलोनियों और पुनर्वास बस्तियों को आम आदमी पार्टी सरकार ने बड़े-बड़े आश्वासन दिया लेकिन अब वहां के लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि केवल दिल्ली जल बोर्ड में ही केजरीवाल सरकार ने लगभग 60000 करोड़ रुपए का घोटाला किया है।
प्रस्ताव में कहा गया कि आजादी के बाद दिल्ली में पहली बार हिंदू और मुसलमानों में इतना तनाव और हिंसा दिखाओ और इसके लिए अमानतुल्लाह खान और ताहिर हुसैन जैसे आम आदमी पार्टी नेता जिम्मेदार हैं जिन्हें आम आदमी पार्टी सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
पार्टी ने दिल्ली में खराब होती परिवहन व्यवस्था, सरकारी स्कूलों की बदतर हालत और उनके गिरते नतीजे पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।प्रस्ताव में दिल्ली सरकार द्वारा दिल्लीवासियों को भड़काने का जिक्र किया और पार्टी ने नगर निगमों की बकाया राशि को 6 वर्षों से रोके रखने के लिए भी दिल्ली सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि फंड राशि 13000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है और इसे जारी करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास के बाहर 7 दिनों से धरने पर बैठे हैं महापौरों से केजरीवाल के पास मिलने का समय नहीं है।

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