एगटेक मार्कटेक और आरटेक पर रिसर्च वक्त का तकाजा

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की 9वीं इंटरनेशनल कांफ्रेंस स्मार्ट.2020 में देश और दुनिया के आईटी विशेषज्ञों ने किया मंथन

@ chaltefirte.com   

 मुरादाबाद। एकेटीयू लखनऊ के पूर्व वीसी प्रो एस के काक बतौर मुख्य अतिथि वर्चुअली संबोधन में बोले, शिक्षण संस्थानों को चाहिए कि  वे शोधार्धियों को सिस्टम डिज़ाइन और मॉडलिंग की उन्नत प्रणाली को अपनाने के लिए वातावरण तैयार करें। एडवांस सिस्टम मॉडलिंग और आर्टिफीशियल इंटेलेजेन्स .एआई मिलकर मानव जीवन को सुगम बनाएंगे ताकि हमारी बेहतर मैन्युफैक्चरिंग की ओर विश्व का ध्यान आकर्षित हो सके। उत्क़ष्ट डिज़ाइन और मॉडलिंग ही भारत को उन्नत देशों की कतार में लाकर खड़ा करेगा। ऐसे में शोधार्धियों को चाहिए कि वे डिज़ाइन और मॉडलिंग के बूते उत्पादन क्षमता बढ़ाने में देश की मदद करें। बेस्ट सिस्टम डिज़ाइन और मॉडलिंग प्रणाली ही हमें इस लक्ष्य तक ले जा सकती है। आईटी ने आज हमें इस काबिल बनाया है, हम अपने उन्नत डिज़ाइनों को विश्व पटल पर रख सकें। प्रो काक फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड कम्प्यूटिंग साइंसेज. एफओईसीएस की ओर से आयोजित 9वीं इंटरनेशनल कांफ्रेंस स्मार्ट.2020 के समापन मौके पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पूर्व ऑडी में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के बाद कांफ्रेंस का शुभारम्भ हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि एकेटीयू, लखनऊ के पूर्व वीसी प्रो एस के काक और तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो रघुवीर सिंह के संग बतौर गेस्ट ऑफ़ ऑनर आईआईआईटी, इलाहाबाद के प्रोफेसर डॉ माधवेन्द्र मिश्रा, वोल्गोग्राड स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटी, रुस के प्रो डेनिला पैरिगिन, स्मार्ट कांफ्रेंस जनरल चेयर एवं एफओईसीएस के निदेशक प्रो आर के द्विवेदी, एसोसिएट डीन डॉ मंजुला जैन निदेशक छात्र कल्याण प्रो एमपी सिंह, डायरेक्टर सीटीएलडी डॉ आर एन कृष्णिया ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ वैशाली ढींगरा, टीएंडपी के असिस्टेंट डायरेक्टर  विक्रम रैना, कांफ्रेंस चेयर डॉ अशेंद्र कुमार सक्सेना आदि मौजूद थे। संचालन फैकल्टी  प्रियांक सिंघल और डॉ असीम अहमद ने किया। एफओईसीएस की तिमाही पत्रिका कंप्यूटिंग विज़न का भी विमोचन हुआ। दो दिनी इस स्मार्ट कांफ्रेंस के बारह टेक्निकल सत्रों में 91 रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत किए गए। अंत में टीएमयू की एडिशनल डीन डॉ मंजुला जैन ने सभी अतिथियों और शोधार्थियों का कांफ्रेंस में आने के लिए शुक्रिया किया।

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो रघुवीर सिंह बतौर मुख्य अतिथि बोले, स्मार्ट सरीखी कांफ्रेंस ही विचारों के आदान.प्रदान और उन्हें एक उन्नत शोध में तब्दील करने का एक उम्दा प्लेटफॉर्म मुहैया कराती हैं। कांफ्रेंसेज नई तकनीकों से रुबरु होने का प्रथम द्वार है। आज आईटी के इस तकनीक ने एक सामान्य और एक्सपर्ट के बीच का फासला काफी हद तक कम कर दिया है। बहुआयामी तकनीकों ने मानव जीवन को और सुगम बनाया है। शोधार्धियों को चाहिए कि सोच का विस्तार करें, क्योंकि जो एडवांस टेक्नोलॉजी आज हमारे हाथों में है, वह कभी किसी की सोच मात्र रही होगी। आज की तकनीक को और उन्नत करके हमें सर्विस इंडस्ट्री को बढ़ाना चाहिए। उदाहरण के तौर पर उन्होंने ओला और उबर का सर्विस मॉडल प्रस्तुत करते हुए कहा एक भी कार अपनी नहीं होने के बावजूदए ये सबसे बड़ी टैक्सी सर्विस देने वाली कंपनियां हैं। अंत में उन्होंने कहा, तकनीक और भविष्य का अटूट रिश्ता है। तकनीक के बिना भविष्य अधूरा होगा। शोधार्धियों को चाहिए कि  तकनीकी विकास की ओर शोध करें।

बतौर गेस्ट ऑफ़ ऑनर आईआईआईटी, इलाहाबाद के प्रोफेसर डॉ माधवेन्द्र मिश्रा ने अपने वर्चुअली संबोधन में कहा, शोधार्धियों को चाहिए कि वे जन समस्याएं जैसे. एगटेक.एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मार्कटेक.मार्केटिंग टेक्नोलॉजी, आरटेक.रिटेल टेक्नोलॉजी आदि पर रिसर्च करें ताकि भारत जैसा कृषि प्रधान देश की समस्याएं सुलझाई जा सकें। उदाहरण के तौर पर उन्होंने कहा, आज रोबोट बहुत से क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हो सकता है, आप ही के शोध से कल कोई रोबोट किसान का हाथ बंटाएं। स्मार्ट की थीम आज बहुत ही समसमायिक है। आईटी ही देश के टिकाऊ विकास का आधार बनेगा जिसमें शोध की अपार संभावनाएं हैं। शोध को एक संगठित वातावरण चाहिएए जो एक रिसर्च कम्युनिटी को जन्म देता है।

वोल्गोग्राड स्टेट टेक्निकल यूनिवर्सिटीए रुस के प्रो डेनिला पैरिगिन ने कांफ्रेंस को वर्चुअल मोड में अटेंड करते हुए एआईए मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग आदि आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों का सामान करने में नई टेक्नोलॉजी के योगदान को रेखांकित किया। वह इस कांफ्रेंस में कई वर्षों से सम्मिलित होते रहे हैं, लेकिन इस बार कोरोना के कारण स्वयं उपस्थित न हो सके। बोले, दिल.ओ.दिमाग से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में ही है। प्रो डेनिला पैरिगिन के रिसर्च स्कॉलर्स अलेक्सेय यकोव्लेविए स्वेतलानाए नतालिया और सुटुलोव ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए बताया कि उन्होंने एक नए स्मार्ट कूलिंग प्रणाली तैयार की है जो की मानव उपस्थिति को महसूस कर कूलिंग को एडजेस्ट करेगा। कहने का अभिप्राय यह है कि मानव शरीर ही स्मार्ट रिमोट कंट्रोल की मानिंद काम करेगा। यह रिसर्च स्मार्ट सिटी के निर्माण में सफलता कुंजी साबित होगा।

टीएमयू के निदेशक, छात्र कल्याण प्रो एमपी सिंह ने स्मॉर्ट कांफ्रेंस आयोजकों को बधाई देते हुए कहा, आवश्यकता इस बात की है कि तकनीकी का सही परिप्रेक्ष में उपयोग हो। गलत दिशा में तकनीकी का विकास विनाशक और विकास अवरोधी हो सकता है। निदेशक सीटीएलडी डॉ आरएन कृष्णिया ने आने वाले युग का काल्पनिक खाका बनाते हुए कहा, तकनीकी का विकास अति तीव्र गति से हो रहा है। समय की मांग है कि देश भी इसी गति से आगे बढ़े। उन्होंने भविष्य में झांकते हुए इमोशनल इंटेलीजेन्स के विकास की पुरजोर वकालत की। टीएमयू की ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ वैशाली ढींगरा ने एफओईसीएस के विकास यात्रा को बताते हुए डिस्ट्रक्टिव इन्नोवेशन के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, सिर्फ दिखावे के लिए होने वाले इन्नोवेशन प्रकृति और मानव जाति के लिए प्रतिकूल है।

कांफ्रेंस में आईईईईए आईबीएमए सीएसआईए आई नर्चर, ईसीए आईआईसी, एमएचआरडी की भी उल्लेखनीय भूमिका रही। कांफ्रेंस में सिस्टम मॉडलिंग कम्प्यूटेशनल साइंसेजए इण्डस्ट्री 4.0, ब्लॉक चेन, डाटा साइंस, इंजीनियरिंग एप्लीकेशन्स, इमर्जिंग टैक्नोलॉजीज, आईओटी, वायरलैस कम्यूनिकेशन, डिजिटल इंडिया, कम्यूनिकेशन एण्ड नेटवर्क ब्रॉडकास्ट, सिगनल इमेज, कम्यूनिकेशनल टैक्नोलॉजी एण्ड गर्वनेंस पर शोध पत्र प्रस्तुत किए गए । स्मार्ट कांफ्रेंस जनरल चेयर एवं एफओईसीएस के निदेशक प्रो आरके द्विवेदी ने उम्मीद जताई, यह दो दिनी कांफ्रेंस आईटी के न केवल टीचर्स बल्कि शोधार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। स्मार्ट कांफ्रेंस में डॉ आरसी त्रिपाठी, डॉ शम्भू भारद्वाज, डॉ शक्ति कुंडू, डॉ राजीव कुमार, डॉ अर्पित जैन, डॉ अशोक कुमार, डॉ आरके जैन, डॉ कीर्ति शुक्ला, डॉ संदीप वर्मा, डॉ गुलिस्ता खान,  रुपल गुप्ता,  अभिलाष कुमार सक्सेना,  ज्योति रंजन लाभ,  नवनीत विश्नोई,  मनीष ढींगरा, राहुल विश्नोई,  प्रदीप कुमार गुप्ता, नवनीत विश्नोई,  विनीत सक्सेना,  अमन कुमार, अनु शर्मा, नीरज कुमारी, शिखा गंभीर एआर  मनीष तिवारी,  अभिषेक कुमार सक्सेना आदि मौजूद रहे।

 

 

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