टेक्नोलॉजी और रिसर्च को मानवता और पिछड़ों को समर्पित करें

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के एफओईसीएस की ओर से दो दिनी 9वीं इंटरनेशनल कांफ्रेंस स्मार्ट.2020 का आगाज

@ chaltefirte.com                    मुरादाबाद। नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन.एनबीए के चेयरमैन प्रो के.के. अग्रवाल ने स्मार्ट कांफ्रेंस को शोधार्थियों के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा, यह एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां देश और दुनिया के आईटी विशेषज्ञ अपने इन्नोवेटिव विचारों को साझा करते हैं। उन्होंने स्मार्ट के नियमित 8 वर्षों के सफर को बेमिसाल बताते हुए कहा, कोविड.19 उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी चुनौती के रुप में सामने आया और एक ही झटके में 34 करोड़ शिक्षार्थी अपने घरों में कैद हो गए। माना यह जाता था, तकनीकी शिक्षा फेस टू फेस बैठकर ही संभव है। लेकिन सूचना प्रौद्योगिकी ने सहजता से इसका समाधान कर दिया। ऑफलाइन क्लासेज ऑनलाइन में कन्वर्ट हो गईं। आईटी को वरदान बताते हुए बोले, इसमें निरन्तर शोध की दरकार है। टीएमयू की स्मार्ट कांफ्रेंस इसे सार्थक कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस.एआई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एआई को मानव जीवन साथी करार दिया। मल्टी डिसप्लीनरी,बहु विषयी शिक्षा और शोध पर प्रकाश डालते हुए नई शिक्षा नीति को वक्त की जरुरत बताया। टीएमयू मल्टी डिसप्लीनरी कोर्सेज को और गति प्रदान करे। हकीकत यह है, बहु विषयी शिक्षा संयुक्त शोध की तरफ ले जाती है, जिससे भारत आत्मनिर्भर बनेगा। अंत में उन्होंने अपने लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की पुरजोर वकालत की। प्रो अग्रवाल फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड कम्प्यूटिंग साइंसेज. एफओईसीएस की ओर से आयोजित दो दिनी 9वीं इंटरनेशनल कांफ्रेंस स्मार्ट.2020 में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पूर्व ओडी में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के बाद कांफ्रेंस का आगाज हुआ।

इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन.एनबीए के चेयरमैन प्रो के.के. अग्रवाल और एमएमएमटीयू गोरखपुर के पूर्व कुलपति एवं आईआईटी कानपुर के ईई विभाग के प्रोफेसर एस एन सिंह के संग बतौर गेस्ट ऑफ़ ऑनर चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटीए भिवानी के वीसी एवं तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फाउंडर वीसी प्रो आर के मित्तल, आई.नर्चर एजुकेशन सोल्यूशन, बंगलुरु के वर्टिकल हेड डॉ विनय कुमार गोयल, टीएमयू सोसाइटी के सम्मानीय सदस्य अक्षत जैन, टीएमयू के वीसी प्रो रघुवीर सिंह, टीएमयू के रजिस्ट्रार डॉ आदित्य शर्मा एसोसिएट डीन डॉ मंजुला जैन, टिमिट के निदेशक प्रो विपिन जैन, फार्मेसी के निदेशक प्रो केके झा छात्र कल्याण निदेशक प्रो एमपी सिंह कंट्रोलर एग्जाम डॉ प्रदीप अग्रवाल डायरेक्टर सीटीएलडी डॉ आरएन कृष्णिया, ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ पीएन अरोरा,ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ वैशाली ढींगरा, फार्मेसी के प्राचार्य डॉ अनुराग वर्मा फाइन आर्ट्स के प्रचार्य  रविंद्र देव पॉली के प्राचार्य डॉ अमित शर्मा स्मार्ट कांफ्रेंस जनरल चेयर एवं एफओईसीएस के निदेशक प्रो आर के द्विवेदी कांफ्रेंस चेयर डॉ अशेंद्र कुमार सक्सेना आदि मौजूद थे। स्मार्ट.2020 प्रोसीडिंग का अतिथियों की मौजूदगी में विमोचन भी हुआ। इससे पूर्व अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया गया। अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी दिए गए। संचालन सुश्री नेहा आनन्द और डॉ सोनिया जयंत ने किया। पहले सत्र का समापन राष्ट्रगान से हुआ। अंत में रजिस्ट्रार डॉ आदित्य शर्मा ने सभी अतिथियों और शोधार्थियों का कांफ्रेंस में आने के लिए शुक्रिया किया।

एमएमएमटीयू गोरखपुर के पूर्व कुलपति एवं आईआईटी कानपुर के ईई विभाग के प्रोफेसर प्रो एस एन सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि रिसर्च को सर्वोपरि बताते हुए शिक्षण संस्थानों को सलाह दी, वे शोध वातावरण को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा, शोध के लिए सम्पूर्ण समर्पण और निरंतरता की दरकार है। शोध में शॉर्टकट का कोई स्थान नहीं है। स्मार्ट कांफ्रेंस इसका जीता जागता उदाहरण है। उन्होंने अपने संक्षिप्त एवं सारगर्भित सम्बोधन में शोधार्थियों को नेक सलाह दी, आईटी का प्रयोग कर लोकल हेंडीक्राफ्ट को वैश्विक ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। प्रौद्योगिकी और शोध को मानवता और पिछड़ों को समर्पित करें। नए विचारों के लिए स्मार्ट जैसी कांफ्रेंस जरुरी हैं।

चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी, भिवानी के वीसी एवं तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फाउंडर वीसी प्रो आर के मित्तल बतौर गेस्ट ऑफ़ ऑनर ने नोटबंदी के दौरान डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए आईटी के महत्व को रेखांकित किया। आईटी को जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए प्रो मित्तल बोले स्मार्ट कंप्यूटिंग ही भारत को विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा करने में सहयोगी होगा। उदाहरण के तौर पर उन्होंने यह भी कहा, कोविड.19 के दौरान टेलीमेडिसिन, लाइव फार्मिंग कंसल्टिंग, ऑनलाइन एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में आईटी की उल्लेखनीय भूमिका रही। आईटी शोधार्थियों से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर कैम्पेन में जुट जाने का आह्वान किया ताकि मुरादाबाद का पीतल व्यवसाय भी वैश्विक चुनौतियों का सामना कर आत्मनिर्भर बन सके। प्रो मित्तल बोले ब्रास सिटी आत्मनिर्भर होगा तो सूबा और देश भी मजबूत होगा। बोले, यह देखकर सुखद अनुभूति हो रही है, एफओईसीएस उनके द्वारा बोए बीज.स्मार्ट कांफ्रेंस को लगातार सिंचित करते हुए 9वें संस्करण तक ले आया है।

टीएमयू सोसाइटी के सम्मानीय सदस्य  अक्षत जैन ने अपने वर्चुअली सम्बोधन में कहा, दुनिया में तकनीकी क्रांति का वक्त है। पूरा विश्व इंडस्ट्री 4.0 की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। समय का तकाजा है, विभिन्न तकनीकों का समन्वय किया जाए ताकि आने वाली वैश्विक चुनौतियों से निपटा जा सके। कोविड.19 के संकट काल के दौरान यह बात पूरी दुनिया में शिद्दत से महसूस की गई। उन्होंने अनुसंधान के उन्नत ढांचे के विकास के लिए आईआईआई का फार्मूला दिया, जिसमें पहला आई.आईडेंटीफाई दूसरा आई.इंटेग्रेट और तीसरा आई.इन्वेस्टमेंट को इंगित करता है। उनका कहने का अभिप्राय यह है,आईटी विशेषज्ञ सबसे पहले जरूरतों को पहचानें और उसकी तह में जाएं। फिर एक्सपर्ट्स टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन की प्रक्रिया के जरिए समस्या का सटीक समाधान खोजें। इसके बाद आर्थिक सहभागिता एक महत्वपूर्ण इनपुट है। टीएमयू का मैनेजमेंट इसके क्रियान्वयन को संजीदा है। टीएमयू गहन शोध सुविधाओं के लिए सुपर कंप्यूटर के इंस्टालेशन की ओर आगे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में बहुत.सी चुनौतियों के बावजूद टीएमयू ज्ञान के प्रकाश को फ़ैलाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, आज किसी भी समस्या का त्वरित समाधान टेक्नोलॉजी में निहित है, जिसे एक बेहतर अनुसंधान वातावरण चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया, एफओईसीएस की मानिंद यूनिवर्सिटी के दीगर कॉलेजेज भी इस फार्मूले का गंभीरता से अनुसरण करेंगे। अंत में बोले, हर साल होने वाली स्मार्ट इंटरनेशनल कांफ्रेंस तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की पहचान बन चुकी है। उन्होंने हैकथॉन.2020 में एक.एक लाख के दो नेशनल अवार्ड को यूनिवर्सिटी की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा, कोविड.19 के बावजूद स्मार्ट.2020 का ऑनलाइन ऑफलाइन  आयोजन तारीफ के काबिल है।

आई.नर्चर एजुकेशन सोल्यूशन, बंगलुरु के वर्टिकल हेड डॉ विनय कुमार गोयल ने बतौर गेस्ट ऑफ़ ऑनर कहा, उम्दा शैक्षणिक पाठ्यक्रम छात्रों के लिए रन.वे के समान है, जहां से शिक्षार्थियों के करियर को टेक.ऑफ मिलता है, जिससे वह नई ऊंचाइयां छू सके। उन्होंने एक नए शब्द फिजीटल का प्रयोग करते हुए बताया फिजिकल और डिजिटल मोड के समन्वय के जरिए लॉकडाउन के दौरान टीचिंग और लर्निंग के प्रोसेस को जारी रखा गया। टीएमयू के वीसी प्रो रघुवीर सिंह ने कोविड. 19 को टेक्नोलॉजी को नए अवसर बताते हुए कहा, उच्च शिक्षा को लर्निंग और स्किल बेस्ड बनाए, स्किल्ड ब्रेन ही फ्यूचर कैपिटल है, क्योंकि आज के समय का ज्ञान छात्र के दीक्षित होने तक अनुपयोगी हो जाता है। इसीलिए आवश्यकता यह है कि आज की शिक्षा भविष्य के लिए हो। हम छात्रों को इस प्रकार स्किल्ड बनाए कि वे आने वाली टेक्नोलॉजी को सहज आत्मसात कर सकें। स्मार्ट कांफ्रेंस जनरल चेयर एवं एफओईसीएस के निदेशक प्रो आरके द्विवेदी ने अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए स्मार्ट.2020 की थीम पर विस्तार से प्रकाश डाला। स्मार्ट कांफ्रेंस में डॉ आरसी त्रिपाठी, डॉ शम्भू भारद्वाज, डॉ शक्ति कुंडू, डॉ राजीव कुमार, डॉ संदीप वर्मा, डॉ अर्पित जैन, डॉ अशोक कुमार, डॉण् आर के जैन, डॉ कीर्ति शुक्ला, डॉ गरिमा गोस्वामी, डॉ पंकज गोस्वामी, डॉ वरुण सिंह, डॉ गुलिस्ता खान,  रुपल गुप्ता,  मनीष ढींगरा,  प्रदीप कुमार गुप्ता,  अमन कुमार, मिस हिना हाशमी,  मनीष तिवारी, मनोज गुप्ता,  निखिल सक्सेना आदि मौजूद रहे।

 

 

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