कुंभ घोटाले में कैसे हुआ खेल, जांच कमेटी खंगालेगी फाइलें, लखनऊ मंगाए दस्तावेज

लखनऊ प्रयागराज में हुए कुंभ घोटाले की जांच के लिए सभी दस्तावेज व मूल पत्रावलियां लखनऊ मंगाई जा रही हैं। प्रयागराज विकास प्राधिकरण से इन दस्तावेजों को लखनऊ भेजने का शासन से आदेश भी जारी हो गया है। शासन की ओर से एलडीए सचिव की अध्यक्षता में गठित 4 अधिकारियों-इंजीनियरों की टीम घोटाले की जांच करेगी।
वर्ष 2018-19 में प्रयागराज में कुंभ का आयोजन हुआ था। जिला प्रशासन ने कुंभ में निर्माण, विकास व लाइटिंग से जुड़े तमाम कामों की जिम्मेदारी प्रयागराज विकास प्राधिकरण को दी थी। लेकिन आरोप है कि इंजीनियरों ने निर्माण, विकास कार्यों तथा लाइटिंग के कामों में बड़ा भ्रष्टाचार किया। जिसकी वजह से करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचा। शिकायत के बाद शासन के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने एक समिति बना दी है।
एलडीए सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक राजीव कुमार सिंह, मुख्य अभियंता इंदू शेखर सिंह तथा विद्युत यांत्रिक विभाग के अधिशासी अभियंता शिवेंद्र कुमार अग्रवाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया हैं। एलडीए ने 12 अक्टूबर 2020 को प्रयागराज विकास प्राधिकरण के सचिव को पत्र लिखकर घोटाले से जुड़ी सभी मूल पत्रावलियाँ लखनऊ मंगवायीं हैं।
मुख्य अभियंता सहित पांच इंजीनियरों पर है भ्रष्टाचार का आरोप
प्रयागराज विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता सहित 5 इंजीनियरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इन्हीं के मामलों की जांच एलडीए करेगा। तत्कालीन मुख्य अभियंता ओपी मिश्रा, अधिशासी अभियंता विद्युत यांत्रिक अवनींद्र कुमार सिंह, सहायक अभियंता श्याम दास गुप्ता तथा अवर अभियंता शशि भान सिंह व सुरेंद्र कुमार दीक्षित पर भी कुंभ में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इनमें तत्कालीन मुख्य अभियंता ओपी मिश्रा पिछले वर्ष रिटायर हो चुके हैं। इन लोगों के खिलाफ लोकायुक्त ने भी रिपोर्ट मांगी है। वहां भी इसकी शिकायत हुई है।

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