सीट शेयरिंग के ऐलान के साथ ही मुकेश सहनी ने छोड़ा महागठबंधन, कहा- पीठ में खंजर भोंका गया

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिये विपक्षी महागठबंधन में सीटों के बंटवारे के ऐलान के साथ ही दरार पड़ गई और विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने अपने दल की सीटों की संख्या घोषित नहीं किये जाने को लेकर महागठबंधन छोड़ने की घोषणा कर दी। मुकेश सहनी ने राजद पर अति पिछड़ों की पीठ में खंजर घोंपने का आरोप लगाते हुए कहा कि अति पिछड़ा समाज से होने के कारण राजद ने उन्हें धोखा दिया और इस वर्ग के लोग चुनाव में इसका जवाब देंगे। विकासशील इंसान पार्टी के नेता मुकेश सहनी ने 25 सीटों की मांग करते हुए संवाददाता सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया और मंच को छोड़ कर बाहर आ गए। दरअसल, शनिवार की शाम पटना में बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए महागठबंधन में सीटों के बंटवारे के बारे में ऐलान हुआ। इस दौरान तेजस्वी यादव ने बताया कि कांग्रेस 70 सीटों पर, राजद 144 सीटों पर और वाम पार्टियां 29 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राजद के कोटे की सीटों में से विकासशील इंसान पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा को सीटें दी जाएंगी।
संवाददाता सम्मेलन में अपनी पार्टी के लिए सीटों का ऐलान नहीं होने से मुकेश सहनी नाराज हो गये। वहीं, वीआईपी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सहनी कल संवाददाताओं को संबोधित करेंगे। इससे पहले, विधानसभा चुनाव के लिये विपक्षी महागठबंधन के घटक दलों ने तेजस्वी यादव को गठबंधन के चेहरे के रूप में समर्थन दिया। पटना में महागठबंधन के घटक दलों के साझा संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी यादव ने सीटों के बंटवारे की घोषणा की। इसके तहत 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा चुनाव के लिये महागठबंधन में सीटों के बंटवारे की व्यवस्था के अनुसार, राजद को 144 सीटें दी गई हैं तथा इसी में से वीआईपी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा को सीटें दी जायेंगी। कांग्रेस को 70 सीटें दी गई हैं जो 2015 के विधानसभा चुनाव में उसे मिली सीटों से करीब दोगुणी है। साल 2015 में राजद, कांग्रेस और जदयू ने मिलकर चुनाव लड़ा था। सीटों के बंटवारे के फार्मूले के तहत कांग्रेस बाल्मिकीनगर लोकसभा सीट के लिये होने वाले उपचुनाव में उम्मीदवार खड़ा करेगी जहां 7 नवंबर को चुनाव होना है। फार्मूले के तहत माकपा को छह, भाकपा को चार और सीपीआई एमएल को 19 सीटें दी गई हैं।
इससे पहले, तेजस्वी यादव ने कहा कि यह संघर्ष जनता बनाम डबल इंजन की सरकार के बीच है और प्रदेश के लोग जनादेश का अपमान करने वालों को सबक सिखायेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘ हम प्रदेश की तरक्की और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। हम 10 लाख लोगों को नौकरी देंगे। ’’ यादव ने कहा, ‘‘ हम ठेठ बिहारी हैं और जो वादा करेंगे उसे पूरा करेंगे। हम प्रदेश की जनता से आग्रह करते हैं कि हमें एक मौका दें, हम उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। ’’ राजद नेता ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने पिछला चुनाव भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ा था लेकिन जनादेश को धोखा देकर फिर उन्हीं के साथ चले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास नहीं हो रहा है और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति खराब है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जदयू नीत सरकार 15 साल में लोगों को रोजगार नहीं दे पाई और लॉकडाउन में बेरोजगारों और लाचारों का अपमान किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता अविनाश पांडे ने कहा कि भले ही हमारे बीच कुछ मतभेद हैं लेकिन प्रदेश की तरक्की, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के लिये हम सभी दल एकजुट हैं।

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