ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कोरोना टीका को क्रिसमस तक मिल सकती है मंजूरी

लंदन । ब्रिटेन की मीडिया के मुताबिक इस बात को लेकर उम्मीद बढ़ गई है कि कोरोना वैक्सीन को इस साल के अंत तक स्वास्थ्य नियामकों की ओर से हरी झंडी मिल सकती है और छह महीने के भीतर टीकाकरण शुरू हो जाएगा। दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से विकसित किया गया वैक्सीन कैंडिडेट ट्रायल के प्रोसेस में सबसे आगे है और ‘द टाइम्स’ क्रिसमस तक इसे क्लियरेंस दिया जा सकता है।
निर्माण और वितरण में शामिल ब्रिटेन सरकार के सूत्रों के हवाले से अखबार ने कहा है कि अप्रूवल के बाद छह महीने के भीतर व्यस्कों के लिए टीकाकरण शुरू हो सकता है। एक सरकारी सूत्र ने कहा, ”हम छह महीना मानकर चल रहे हैं, लेकिन यह यह इससे कम हो सकता है।”
टीकाकरण पर ब्रिटेन की एक संयुक्त समिति की ओर से बनाए गए प्रोटोकॉल के तहत किसी भी स्वीकृत वैक्सीन को सबसे पहले 65 वर्ष तक के लोगों को लगाया जाएगा। इसके बाद 65 से कम उम्र के उन लोगों को लगाया जाएगा जो अधिक जोखिम में है। अगली पंक्ति में 50 साल तक की उम्र के लोग होंगे और इससे कम उम्र के लोगों का नंबर बाद में आएगा।
ऑक्सफोर्ट का टीका तैयार हो जाने के बाद ब्रिटेन सरकार 100 मिलियन डोज लेगी, जिसके लिए ऑर्डर दिया जा चुका है। हालांकि, ट्रायल पूरा होने से पहले ही टीके का उत्पादन जारी है। अखबार के मुताबिक, वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक उन्हें ट्रायल का परिणाम मिल जाएगा। यदि इसे नियामकों की ओर से मंजूरी मिल जाती है तो इसके तुरंत बाद टीकाकरण शुरू हो जाएगा।

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