तनाव और कोरोना से बचकर से रहे हृदय रोगी

बाल मुकुन्द ओझा

कोरोना संक्रमण का असर हर जगह देखा जा रहा है। विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त लोग इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे है। इनमें हृदय रोगी भी शामिल है। ह्रदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना हृदय को भी प्रभावित कर सकता है। हार्ट अटैक का भी कारण बन सकता है। इसलिए हृदय रोगियों को कोरोना से बचकर रहने की जरूरत है।
दुनियाभर में हृदय के प्रति जागरूकता बढ़ाने और हृदय संबंधी समस्याओं से बचने के उपायों के बारे में बताने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम ह्रदय रोग को हारने के लिए हार्ट का उपयोग करें रखी गई है। वर्तमान में भारी भागदौड़ और तनाव भरी अव्यवस्थित, लापरवाह जीवनशैली में हर आयु वर्ग के आदमी को स्वयं को स्वस्थ रखना बड़ी चुनौती का काम है। दिल के दौरे से दुनियाभर में अनगिनत मौतें होती हैं और 50 फीसदी मामलों में तो मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। इसके मुख्य कारणों में अनियमित जीवन शैली, तनाव, खान-पान में लापरवाही, पर्यावरण प्रदूषण आदि है। बच्चे से बुजुर्ग तक में दिल की समस्याएं बढ़ी है। वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के मुताबिक हर साल एक करोड़ से अधिक लोग दिल की बीमारियों से अकाल मौत के शिकार हो जाते है। फेडरेशन के मुताबिक हर स्वस्थ व्यक्ति का दिल प्रतिदिन एक लाख पन्द्र हजार 200 बार धड़कता है।
हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार भारत में हर एक मिनट पर चार लोगों की मौत हार्ट अटैक से होती है। विशेषज्ञों के अनुसार दिल की बीमारी बच्चे से बुजुर्ग तक किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है। यह प्रमाणित हो चुका है कि तनाव दिल का सबसे बड़ा दुश्मन है। वर्तमान जीवनशैली में लोगों में तनाव कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। इसलिए इस बीमारी से पूरी तरह बचना तो संभव नहीं है लेकिन इससे बचाव ही इसका उपचार है। ऐसे में यह आवश्यक है कि हम अपने दिल की धड़कन को सुनें और इसे सही रखने के लिए तनाव को दूर भगाएं। लाइफ स्टाइल बीमारियों में डायबिटीज, बीपी और हृदयरोग का आधिक्य है।
एक सर्वे में बताया गया है कि विश्व में हर दिन सैकड़ों लोग हृदय संबंधी बीमारियों के चलते अकाल मौत के शिकार हो जाते हैं। तनाव, थकान, प्रदूषण आदि कई ज्ञात अज्ञात कारणों से रक्त का आदान-प्रदान करने वाले इस अति महत्वपूर्ण अंग दिल को अपना काम करने में मुश्किल होती है, इसीलिए विश्व हृदय दिवस जन साधारण में यह भावना जागृत करता है कि वे हृदय की बीमारियों के प्रति सचेत रहें। इसलिए जरूरी है कि हम अपने दिल का अच्छे से ख्याल रखें। ज्यादा से ज्यादा हंसे और सदा मुस्कुराते रहें। शोध से पता चला है कि अगर आप रोज 15 मिनट भी हसेंगे तो इससे शरीर में खून का प्रवाह 22 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
उत्तर प्रदेश के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की ओर से जारी मार्गदर्शिका के मुताबिक दुनिया में सबसे ज्यादा हृदय रोगी भारत में हैं। देश में सर्वाधिक मौतें भी इस रोग के कारण होती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में हर 1 लाख जनसंख्या पर 235 लोगों को हृदय रोग होते हैं लेकिन भारत में 272 को यह बीमारी होती है जिसके लिए हर इंसान को काफी सजग रहने की आवश्यकता है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का कहना है कि अगर इंसान थोड़ी सी अपनी लाइफस्टाइल को चेंज कर ले और नौ तरह से उसका ख्याल रखें तो उसका दिल एकदम फिट रहेगा और उसे किसी दवा की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। दिल तो बहुत कोमल होता है, इसलिए इसे केयर की जरूरत होती है, उसके पास दिमाग तो होता नहीं इसलिए उसका ख्याल आपको ही रखना होगा। अगर आप की उम्र 30 के पार है तो आप अपनी लाइफ में कसरत को जगह दीजिये। कोई जरूरी नहीं कि आप जिम जाएं या फिर दौड़-भाग करें, बस आपको 30 मिनट वॉक की जरूरत है। हेल्दी फूड को अपने मैन्यू चार्ट में शामिल करें । जंक फूड और एल्कोहल का सेवन कम से कम या ना के बराबर करें। रात के भोजन में स्वीट डिश को बॉय-बॉय कर दें तो बेहतर होगा। रात का डिनर हल्का होना चाहिए । अपने फूड में आप ताजे फलों और सब्जियों को जगह दीजिये। ऑयली फूड से दूर रहिए और अगर आपको मीठी चीज खाने का मन करें तो आप मीठे फल खाइये और टीवी देखते वक्त डिनर ना करें। घर पर धूम्रपान ना करें और ना ही शराब का सेवन करें। ये दोनों ही चीजें हार्ट के लिए घातक हैं। स्मोकिंग जहां सीधे आपके दिल को खराब करती है वहीं एल्कोहल से वजन बढ़ता है जो कि आपके लीवर के लिए सही नहीं है। तनाव अधिक होने पर योगा करें। टाइम से सोएं और टाइम से जगें और प्रतिदिन तीस मिनट वॉक करें।

(लेखक वरिष्ठ स्तम्भकार एवं पत्रकार हैं)

 

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