उत्‍तर रेलवे के महाप्रबंधक ने कार्य-निष्‍पादन समीक्षा बैठक किया

कोरोना काल में उत्‍तर रेलवे द्वारा किए गए प्रयासों पर एक पुस्तिका का विमोचन किया गया

नई दिल्ली।उत्‍तर एवं उत्‍तर-मध्‍य रेलवे के महाप्रबंधक  राजीव चौधरी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर रेलवे के विभागीय प्रमुखों के साथ एक समीक्षा बैठक की । बैठक में संरक्षा, मानसून संबंधी तैयारियों, गतिसीमा में वृद्धि, बिजनस डेवलपमेंट यूनिटों और मालभाड़ा लदान व कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण और पुनश्‍चर्या पाठ्यक्रम चलाने पर चर्चा की गई ।

रेलवे का संरक्षा पर पूरा ध्यान है । महाप्रबंधक ने पटरियों और वेल्‍डों के अनुरक्षण मानकों को बेहतर बनाने, रेल लाइनों के पास से स्क्रैप हटाने के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंडलों को संरक्षा बढ़ाने के लिए अभियान चलाने की सलाह दी । उन्होंने रेलपथों, रेलगाडि़यों और परिसरों में विद्युत सुरक्षा पर ध्यान देने पर भी जोर दिया। ज़ोन पर ट्रेनों की गतिसीमा बढ़ाना प्राथमिकता है । परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए काम में तेजी लाई जानी चाहिए। मानसून की तैयारियों की स्थिति की समीक्षा करते हुए, महाप्रबंधक ने पेड़ों की कटाई और पटरियों के आस-पास उग आई वनस्पतियों को हटाने के कार्यों का जायजा लिया ।

फ्रेट बिज़नेस डेवलपमेंट पर बात करते हुए, महाप्रबंधक ने यूनिटों के बढ़े हुए दायरों का जायजा लिया। उन्होंने सलाह दी कि बीडीयू को ग्राहकों के बीच भरोसे, सहयोग और आत्‍म-विश्वास का माहौल बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा दी जा रही रियायतें नियमित बातचीत के जरिए ग्राहकों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि कई एफएमसीजी और ई-कॉमर्स कंपनियों ने रेलवे द्वारा अपने माल को स्थानांतरित करने में रुचि दिखाई है। प्रत्येक गुजरते महीने के साथ खाद्यान्न और अन्य वस्तुओं के लदान में लगातार वृद्धि हुई है। प्रत्येक दिन विभिन्न वस्तुओं के साथ 3400 वैगन लोड किए जा रहे हैं। थोक लोडिंग के लिए जंबो ट्रेनें और देश के विभिन्न भागों में पीसमील मदों के लिए व्यापार माला रेलगाडि़यॉं चलाई जा रही हैं ।इन चुनौतीपूर्ण कोरोना महामारी के दौरान, कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र और पुनश्चर्या पाठ्यक्रम आयोजित करने पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। पाठ्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए रणनीतियों पर काम किया जा रहा है।

 महाप्रबंधक  ने आज वीडियो कांफ्रेंस के माध्‍यम से एक पुस्तिका ‘’उत्तर रेलवे द्वारा संरक्षा मानकों को बढ़ाने के लिए किए गए उपाय’’ जारी की । यह कोविड-19 लॉकडाउन अवधि के दौरान विभिन्न विभागों और मंडलों द्वारा संरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के किए गए कार्यों का संकलन है । यह पुस्तिका रेलकर्मियों द्वारा रेल प्रणाली की गहन जांच, रखरखाव, मरम्मत और रोलिंग स्टॉक परिसंपत्तियों को सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुकूल बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डालता है।

उत्तर रेलवे महामारी से लड़ने के लिए कोविद -19 लॉकडाउन अवधि में लगातार काम कर रहा है। जिस समय रेल यातायात न्यूनतम था उस अवधि का उपयोग रेलवे ने अपनी परिसंपत्तियों के निरीक्षण, रखरखाव और मरम्मत के लिए किया गया । व्‍यस्‍त यातायात वाले फुट-ओवर-‍ब्रिजों, पुलों और रेल फाटकों जैसे अवस्‍थापनों को हटाने, मरम्मत करने अथवा बदलने जैसे कार्यों, जिन्‍हें करने के लिए लंबे ब्लॉक की आवश्यकता होती हैं, को अपेक्षाकृत आसानी से और बिना किसी बाधा के पूरा किया गया । इन प्रयासों के परिणामस्‍वरूप अप्रैल से अगस्त 2020 की अवधि के दौरान किसी रेल दुर्घटना की कोई सूचना नहीं है ।

पुस्तिका का विमोचन करते हुए उन्होंने  कर्मचारियों से अपने अच्छे काम को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख ट्रांसपोर्टर के रूप में रेलवे के पास पोस्ट-लॉकडाउन की बड़ी जिम्मेदारी है। हम भारत के विकास में योगदान देने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे ।

Post add

Leave A Reply

Your email address will not be published.