नक्सल प्रभावित इलाके में सुमित सिंह की सभा में उमड़ा जनसैलाब

@ अनूप नारायण सिंह                    जमुई। जमुई जिले के चकाई विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक व जदयू नेता सुमित कुमार सिंह की जनसंवाद सभा में जनसैलाब।यह सभा कई मायनों में अलग थी। पहली बार सुमित कुमार सिंह ने अत्यधिक नक्सल प्रभावित इलाके में जनसंवाद सभा किया जिसमें भारी तादाद में लोग जुटे। चकाई के नक्सल प्रभावित आरडी पंचायत में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में महिलाओं और युवाओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी जहां सुमित कुमार सिंह ने क्षेत्र के विकास को लेकर कई सारे वादे किए तथा अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। सुमित कुमार सिंह ने कहा कि चकाई उनका गृह क्षेत्र है वहां के एक इलाके का विकास करना उनकी प्राथमिकता सूची में शामिल है। जनतंत्र में जनता मालिक है क्षेत्र के एक गांव के विकास का उन्होंने संकल्प लिया है कि कोई भी इलाका विकास की धारा से छूट  नहीं पाएगा। शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार उनकी प्राथमिकता सूची में है। नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार प्रगति के पथ पर अग्रसर है। नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं को भी मुख्यधारा में जोड़ने की उन्होंने बात की तथा कहा कि वे भी हमारे परिवार के सदस्य हैं।सुमित कुमार सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन, व्यवस्था को नागरिकों के द्वार तक पहुंचाना ही मेरी राजनीति का मूलमंत्र है। जनता ही मालिक है, व्यवस्था उसकी सेवक। विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री सब जनता जनार्दन के आदेशपाल हैं, उनके सेवक हैं। इसको पुनर्स्थापित करने को ही राजनीति में आया था। इसको मैंने अपने कार्यकाल में भरसक निभाने का प्रयास किया। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सानिध्य में मेरी यह मंशा और मजबूत हुई। इसी मनोदशा का परिणाम है कि मैं चकाई-सोनो के हर घर का अपना बेटा, भाई, सेवक, बंधू बन गया। ऐसे में मैं उनसे दूर तो कतई नहीं हो सकता!

इसलिए चकाई के ठाढ़ी पंचायत में ठाढ़ी मध्य विद्यालय के प्रांगण में जनसंवाद में शिरकत करने का निर्णय किया तो हमारे सभी शुभचिंतक सशंकित हो गए, वह इस घनघोर नक्सल प्रभावित इलाके में कार्यक्रम करना नहीं चाहते थे। लेकिन वहां के आम लोगों, आदिवासी भाई बंधुओं, मां-बहनों के भरोसे को कायम रखने के लिए उन सब आशंकाओं को दरकिनार कर मैं वहां पहुंच गया। वहां जो उपस्थिति थी वह तो किसी को भी हतप्रभ कर सकती है। तस्वीरों में देख सकते हैं। यह भावुक कर देने वाला स्नेह, यह उद्गार, इस अपनापन के लिए सब कुर्बान! वह जीवन किस काम का जब इनके बीच न जा पाऊं। इनका साथ न दे पाऊं, इनकी सेवा के लिए इनके बीच न पहुंच पाऊं।

मुझे गर्व है कि 2010-15 के दौरान चकाई विधानसभा क्षेत्र के लिए जितने कार्य हुए वह बिहार में कीर्तिमान है।विकास कार्य तो बहुत हुए, वह रिकॉर्ड कायम है। आदिवासी समुदाय के बीच भी प्रशासन का कैम्प लगा कर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलवाया, कई विशिष्ट प्रयास किये। लेकिन फिर भी अपने सबसे उदार एवं भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों के लिए जितना करना चाहता था वह नहीं कर पाया। अवसर मिला तो इस बार आदिवासी भाई-बहनों के लिए बिहार ही नहीं, देश में सबसे अधिक कार्य चकाई विधानसभा क्षेत्र में होगा। जब मैंने संथाली में अपना संवाद शुरू किया और उन्होंने जिस तरह से अभिवादन किया, उस आनंद को सिर्फ महसूस किया जा सकता है, वह अवर्णनीय है। जो सरजमीं से दूर हैं उनके लिए अकल्पनीय है।

मौके पर उपस्थित आदिवासी मां-बहनों समेत सभी समुदाय के लोगों ने अपना हाथ उठाकर पूर्ण समर्पण से साथ देने का भरोसा दिया तो मैं भावुक हो गया। उनका निश्छल अनुराग अनमोल है, उन्होंने जिस तरह अभी दिल की भावनाओं को प्रकट किया, वह तो मेरे लिए अविस्मरणीय है। इस अवसर पर मुखिया प्रतिनिधि सुरेंद्र मरांडी जी, पंचायत समिति सदस्य रमेश हेम्ब्रम जी, श्रवण हांसदा जी, लुगानी हांसदा जी, विनोद मुर्मू जी, प्रदीप यादव जी, अशोक वर्णवाल जी, राजेश वर्णवाल जी, महादेव यादव जी, सुरेश लाल वर्णवाल जी, ब्रह्मदेव यादव जी, लखन पासवान जी, जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजीव रंजन पांडेय जी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय आदिवासी माता बहनें और स्थानीय लोग मौजूद थे।

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