सोलर फेंसिंग बचाएगी जंगली जानवरों से फसल

विमलेश शर्मा

जंगली जानवरों की वजह से कई बार किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो जाती है। इसके लिए किसान कई तरह के उपाय भी अपनाते हैं, लेकिन कभी-कभी उनके द्वारा अपनाए गए उपाय कारगर साबित नहीं हो पाते हैं। ऐसे में किसानों के लिए सोलर पावर तकनीक से बनाई सोलर पावर फेंसिंग एक वरदान साबित हो रही है। इससे पशुओं और जंगली जानवरों से खेतो को नुकसान से बचाया जा सकता है। सोलर पावर फेंसिंग जानवरों को खेतों से दूर रखने में कारगर हैं। प्रायरू देखा गया है कि रोजडे, दूसरे जंगली जानवर और गाय के बछडे जो किसानो को बहुत तंग करते थे। रात-दिन में कभी भी खेतों में घुस जाया करते थे। सोलर पावर फेंसिंग सिस्टम से जानवर के चिपकने का कोई डर नहीं है। बस हल्का सा झटका लगता है। एक बार जानवर के झटका लग गया, चाहे वो रोजडा हो, चाहे अन्य जानवर दुबारा उस खेत के आस-पास नहीं आते जहां सोलर पावर फेंसिंग की हुई है।
कैसे हैं लाभदायक
देश के बहुत से किसान सोलर पावर फेंसिंग का फायदा उठा रहे हैं। इस तकनीक में खेत के चारो तरफ स्टील के तार की बाउंड्री बनाकर उसमें डीसी करंट थोड़े-थोड़े अंतराल में छोड़ा जाता है। जिसके झटके लगने से पशु खेत के पास नहीं आते हैं और मानसिक रूप से उनमें डर बैठ जाता है। साथ ही इसमें एक तेज आवाज का हॉर्न भी लगा होता है। जिससे किसान को पता चलता है कि खेत की बाड़ के संपर्क में कोई आया है।
कैसे करें
सोलर फेंसिंग में एक सोलर प्लेट लगी होती है जिससे वो सौर ऊर्जा लेकर 12 वॉल्ट की बैट्रियों को चार्ज करती है ओर इस बैट्री को पावरफेस कंट्रोलर से जोड़ा जाता है। फिर कंट्रोलर के जरिए खेत की बाड या फेंसिंग में डीसी करंट छोड़ा जाता है। यह करंट रोक-रोककर एक-एक सेकंड के अंतराल में तारों में जाता है। जो भी जानवर इसके संपर्क में आता है उसे तेज झटका लगता है। सोलर पावर फेंसिंग के करंट का झटका बहुत तेज होता है, लेकिन इससे किसी भी प्रकार का कोई जनहानि नहीं होती, क्योंकि ये डीसी वोल्टेज का होता है। जिससे पावर रूक-रूककर तार में जाता है। किसान सोलर पावर फेंसिंग को आसानी से लगा सकते हैं। इसके रखरखाव में भी कम खर्चा होता है। खेत में एक बार लगाने के बाद इसका इस्तेमाल कई सालो तक किया जा सकता है।
इन बातों का रखें ख्याल
सोलर पावर फेंसिंग तकनीकी का उपयोग कर रहे किसान सुरेंद्र अवाना के अनुसार किसानों को इसमें कुछ बातों का ख्याल रखना चाहिए। जैसे इस बात की जरूर जांच कर लेनी चाहिए कि तार में करंट सामान्य रूप से प्रवाहित हो रहा है कि नहीं। दूसरी की तार का एक सिरे से दूसरे सिरे तक एक जैसा होना चाहिए। इस बात का जरूर ख्याल रखना चाहिए कि बीच में कोई जोड़ ना हो। तार को जमीन में अर्थिंग नहीं मिलनी चाहिए। इसके लिए तार के पास खरपतवार और अन्य पौधों को दूर रखे। जमीन से अर्थिंग मिलने से बैट्री कम समय तक ही असर कर पाती है। बाड के लिए 12 से 16 गेज के तार का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। किसान बाड की मरम्मत करते समय कंट्रोलर को बंद रखे।

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