मारुति सुजुकी एवं दिल्ली पुलिस ने सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता मजबूत की 

डिटेक्शन सिस्टम (एसवीडीएस) का क्रियान्वयन सफल

@ chaltefirte.com  नई दिल्ली। ट्रैफिक सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम (टीएसएमएस) के दूसरे चरण में मारुति सुजुकी तीन अतिरिक्त जंक्शंस पर रडार व कैमरा प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन कर चुकी है। वाहनों की अत्याधिक आवाजाही वाले ये जंक्शन आईटीओ, नारायणा (रिंग रोड पर) और साउथ दिल्ली में राव तुला राम मार्ग-आउटर रिंग रोड चौराहा हैं। यह प्रोजेक्ट मार्च, 2020 में पूरा हुआ। इससे दिल्ली पुलिस को शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम मजबूत करने में मदद मिली। यह प्रोजेक्ट मारुति सुजुकी के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी अभियान का हिस्सा है।

टीसएमएस प्रोजेक्ट का दूसरा चरण शहर के नागरिकों को समर्पित करते हुए,  केनिची आयुकावा, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा, ‘‘टीएसएमएस प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन के बाद हम दूसरे चरण द्वारा अपने प्रयास मजबूत कर रहे हैं। टीएसएमएस द्वारा पिछले एक साल में मोटर चालकों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन देखा गया है। वो अपनी गति की सीमा एवं रेड लाईट न तोड़ने के लिए ज्यादा सावधान व सचेत हुए हैं। दिल्ली में वाहनों की भारी भीड़ वाले कुछ चौराहों पर दूसरे चरण के क्रियान्वयन से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के मामलों में कमी लाने तथा दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (ट्रैफिक) ताज हसन ने अपनी टीम के साथ सहयोग करने व तकनीकी रूप से मजबूत प्रवर्तन व्यवस्था लागू करने के लिए मारुति सुजुकी के प्रयासों की सराहना की।उन्होंने  कहा, ‘‘फरवरी, 2019 के अंत में अपने लॉन्च के बाद इस सिस्टम ने 31 जुलाई, 2020 तक चौराहों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के 2,728,958 मामले पकड़े। यह सिस्टम मोटर चालकों में अनुशासन एवं ट्रैफिक नियमों का पालन करने की भावना का विकास करता है। यह नियमों का उल्लंघन रोकने में प्रभावशाली भूमिका निभाता है।’’

इस अभियान का उद्देश्य मोटरचालकों को ड्राईविंग का सुरक्षित अनुभव प्रदान करना तथा पैदल चालकों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने में मदद करना है। यह सड़क पर ट्रैफिक नियमों की अनुपालना में सुधार करता है। इससे सड़क दुर्घटनाओं एवं उनके कारण होने वाली जान-माल की हानि को कम करने में मदद मिलेगी। यह पूरी तरह से ऑटोमेटेड सिस्टम नियमों के उल्लंघन को कैमरे में कैद कर लेता है तथा वाहन मालिक को ई-चालान बनाकर जारी करता है। इससे कानून के प्रवर्तन में पारदर्शिता आई है। इससे पैदल चालकों की सुरक्षा के प्रति जागरुकता बढ़ी है और यातायात सुगमता से चलाने में मदद मिली है।

यह सिस्टम नियमों में उल्लंघन के डेटा को ऑटोमैटिक रूप से एन्क्रिप्ट कर दिल्ली यातायात पुलिस मुख्यालय स्थित केंद्रीकृत सर्वर को भेज देता है। यह सिस्टम फोटो प्रमाण के साथ ई-चालान का निर्माण कराता है, जिसे एसएमएस द्वारा वाहन मालिक को भेज दिया जाता है। यह सिस्टम डेटा एनालिटिक्स भी कर सकता है और सिस्टम की प्रभावशीलता एवं एफिशियंसी पर निगरानी रखने के लिए ट्रेंड रिपोर्ट भी बनाता है। यह सिस्टम 24/7 काम कर सकता है तथा खासकर रात में सड़क का उपयोग करने वालों के लिए बहुत फायदेमंद है।

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