झारखंड हाईकोर्ट ने प्रभुनाथ सिंह की सजा रखी बरकरार

पटना। बिहार के महाराजगंज से पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह उनके भाई दीनानाथ सिंह और रीतेश सिंह को झारखंड हाइकोर्ट से आज फिर राहत नहीं मिली।मशरख से तत्कालीन राजद विधायक अशोक सिंह हत्याकांड में सजायाफ्ता तीनों दोषियों की अपील याचिका पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया गया। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है, हालांकि कोर्ट से प्रभुनाथ सिंह के भतीजे रितेश सिंह को राहत मिली है। अदालत ने रितेश सिंह के खिलाफ निचली अदालत द्वारा दिये गए फैसले में संशोधन किया है।
प्रभुनाथ सिंह के अधिवक्ता हेमंत शिकरवार के द्वारा अदालत में कहा गया है कि इस मामले में निचली अदालत ने कई त्रुटियां की हैं, उनके खिलाफ कोई भी प्रत्यक्ष साक्ष्य नही मिला है। निचली अदालत ने सिर्फ परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर उन्हें दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है।ज्ञात हो कि प्रभुनाथ सिंह ,दीनानाथ सिंह और रितेश सिंह तीनों को लगभग दो दशक पुराने मशरख विधायक अशोक सिंह हत्याकांड में हजारीबाग की निचली अदालत ने दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी। इसके साथ ही हजारीबाग कोर्ट ने इन सभी पर 40- 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था।हजारीबाग जिला अदालत के इस फैसले के खिलाफ तीनों ने हाइकोर्ट में गुहार लगाते हुए वर्ष 2017 में अपील याचिका दायर की थी, अब तक 20 से ज्यादा तारीखों पर इस मामले में बहस हो चुकी है। वहीं हाइकोर्ट के लगभग आधा दर्जन से ज्यादा न्यायाधीश प्रभुनाथ सिंह के मामले में नॉट बिफोर मी भी कर चुके हैं।

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