उत्‍तर रेलवे के महाप्रबंधक ने कार्य-निष्‍पादन समीक्षा बैठक किया

संरक्षा, गतिशीलता, समयपालनबद्धता, गतिसीमा प्रतिबंध, रेल/वैल्‍डफ्रैक्‍चर और रेल परिचालन में सुधारात्‍मक उपायों पर चर्चा की गई

@ chaltefirte.com  नई दिल्ली। उत्‍तर एवं उत्‍तर-मध्‍य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर रेलवे के विभागीय प्रमुखों के साथ एक समीक्षा बैठक की। महाप्रबंधक ने कहा कि संरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है और रेलपथों का अनुरक्षण, चल स्‍टॉक, सिग्‍नल एवं बिजली से जुड़े मामलों में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्‍होंने सभी विभागों को समयपालनबद्धता और गतिशीलता बढ़ाने जैसे कार्यों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए । उन्‍होंने रेल-वैल्‍डफ्रैक्‍चरों को न्‍यूनतम रखने के लिए सतर्कता बरतने के निदेंश दिए ।

उन्‍होंने रेल परिसरों में पर्यावरण अनूकुल वातावरण बनाने और स्‍वच्छता बनाए रखने पर बल दिया । उन्‍होंने रेलवे स्‍टेशनों और माल शैडों में प्रदूषण का स्‍तर जांचने के निर्देश दिए ।भविष्‍य में उत्‍तर रेलवे पर 160 कि0मी0 प्रति घंटा तक की गति से रेलगाडि़यां चलाने पर चर्चा करते हुए महाप्रबंधक ने इस कार्य योजना के लिए प्रस्‍ताव बनाने का आह्वान किया । उन्‍होंने संबधित विभागों को लखनऊ-कानपुर सैक्‍शन पर यात्री रेलगाड़ी की गति सीमा 130 से 160 कि0मी0 प्रति घंटा करने की परियोजनाओं में तेजी लाने का परामर्श दिया ।

उन्‍होंने फाफामाऊ-प्रयाग, आलमनगर-उतरेटिया, हरिद्वार-लक्‍सर, रोज़ा-सीतापुर, कठुआ-माधोपुर, मुजफ्फरनगर-टपरी सैक्‍शनों का दोहरीकरण और रेवाड़ी-रोहतक और रोहतक-मेहम-हॉंसी सैक्‍शन पर नई रेल लाइन बिछाने आदि कार्यों की समीक्षा की । उन्‍होंने इन कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश दिए ।

उत्‍तर रेलवे अपने मेडिकल स्‍टाफ और फ्रंटलाइन क‍र्मचारियों को घातक कोरोना वायरस संक्रकण से बचाने के लिए विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मानकों के अनुरूप पीपीई किटें तैयार कर रहा है । उत्‍तर रेलवे का जगाधरी कारखाना इन पीपीई किटों के डिजाइन और निर्माण में अग्रणी रहा है । महाप्रबंधक ने निर्देश दिए कि कच्‍चे माल अर्थात कपड़े और अन्‍य सहायक सामग्री की कोई कमी नहीं होनी चाहिए । इनकी आपूर्ति निरंतर आधार पर बनाए रखी जाए ताकि आवश्‍यक मेडिकल मदों का निर्माण प्रभावित न हो ।फिट इंडिया मूवमेंट को आगे बढाते हुए महाप्रबंधक ने उत्‍तर रेलवे के कर्मचारियों और परिजनों से आह्वान किया कि वे अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में व्‍यायाम या खेलकूद को शामिल करें । इससे वे स्‍वस्‍थ रहेंगे और उनकी रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी ।

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