नई काशी का खाका तैयार करने गुजरात से पहुंची टीम, रिंग रोड किनारे शुरू हुआ सर्वे

वाराणसी । नई काशी का खाका तैयार करने के लिए गुजरात से मंगलवार को एक टीम बनारस पहुंची। तीन सदस्यीय टीम ने रिंग रोड से लेकर ऐढ़े गांव तक का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने कुछ अन्य जमीनों को भी देखा। रिंग रोड से सटे करीब पांच गांवों की जमीन की पड़ताल भी टीम ने की। टीम के भ्रमण से यह माना जा रहा है कि अगर रिंग रोड किनारे ऐढे गांव में टाउन प्लानिंग स्कीम के लिए बात नहीं बनी तो टाउन प्लानिंग स्कीम को इसी जगह पर अमलीजामा पहना दिया जाएगा।
अगस्त के पहले हफ्ते में नई काशी का खाका तैयार करने के लिए कंसल्टेंट कंपनी का चयन किया गया था। वीडीए ने गुजरात की कंपनी नेटकोर इंजीनियर्स एंड प्रोजेक्ट कंसल्टेंट को जिम्मा सौंपा है। लोकल एरिया प्लान और टाउन प्लानिंग के लिए वीडीए ने टेंडर निकाला था। इसके लिए सात कम्पनियां आयी थीं। इनमें वाराणसी के अलावा गुजरात, दिल्ली, गुड़गांव की कम्पनियों ने प्रेजेटेंशन दिया था।
इस प्रोजेक्ट के तहत यह कंपनी शहर के नियोजित विकास का रोडमैप बनाएगी। अमृत योजना के तहत लोकल एरिया प्लान के अंतर्गत शहर की कुछ घनी आबादी वाले इलाकों में पेयजल, सीवर, सड़कें चौड़ी करने समेत कई काम होंगे। इसके अलावा टाउन प्लानिंग के अंतर्गत रिंग-रोड के किनारे नयी काशी बसाने के लिए खाका तैयार किया जाना है।
नेक्टर इंजीनियरिंग एंड प्रोजेक्ट कंसलटेंसी की टीम वीडीए पहुंची और वीडीए वीसी वीसी राहुल पांडेय और टाउन प्लानर मनोज कुमार के साथ घंटों वार्ता की। टीम को वीसी ने पूरी बात बताई और उसके बाद टीम ऐढ़े गांव से सटे रिंग रोड प्रथम चरण की करीब 1000 वर्गमीटर जमीनों का सर्वे की। वीडीए वीसी ने बताया कि अहमदाबाद की टीम ने ऐढ़े गांव से सटे इलाकों का भ्रमण किया है। कई जगहों पर टाउन प्लानिंग स्कीम को परवान चढ़ाने पर जोर-शोर से मंथन जारी है। वीडीए की ओर से प्रस्तावित 309 हेक्टेयर भूमि का भी टीम ने सर्वे किया है।
सिंगापुर की तर्ज पर रिंग रोड किनारे बसेगी ‘नई काशी’
आध्यात्मिक नगरी काशी का नया स्वरूप सामने आएगा। सिंगापुर की तर्ज पर रिंग रोड के किनारे ‘नई काशी’ बसाई जाएगी। इसका खाका खींचा गया है। आवासी प्लाट, व्यवसायिक सेक्टर के अलावा चिकित्सा व शिक्षा का हब बनेगा। इसके लिए रिंग रोड के दोनों किनारों पर चार सौ मीटर तक जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। इस मेगा प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा जा चुका है। सीएम के निर्देश पर वाराणसी विकास प्राधिकरण के तकनीकी विशेषज्ञ प्रोजेक्ट पर होने वाले व्यय का आकलन कर रहे हैं।
प्राथमिक आकलन के अनुसार जमीन अधिग्रहण में करीब 17 हजार करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। इसके अलावा इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए मोटी रकम खर्च होगी। इस प्रोजेक्ट को लेकर सूबे के स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल ने कोशिश की है। वीडीए के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ कई बार बैठक कर चुके हैं। इसके आधार पर मय फोटो पीडीएफ फाइल तैयार कर ली गई है। रिंग रोड के दोनों किनारों पर 50-50 फीट की हरित पट्टी बनाई जाएगी।

 

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