केएल राहुल विकेट के पीछ कड़ी मेहनत कर रहे हैं: ऋद्धिमान साहा

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा ने केएल राहुल की जमकर तारीफ की है। इस साल कुछ महीनों पहले लोकेश राहुल भारतीय क्रिकेट टीम के लिए विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे थे। साहा ने कहा कि राहुल विकेट के पीछ की जिम्मेदारी के साथ अच्छा तालमेल बना रहे हैं। वह लिमिटेड ओवर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के विकेट-कीपर थे। इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ भी यह जिम्मेदारी निभाई। भारतीय विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा ने अपना पहला टेस्ट मैच 2010 में खेला था। उन्होंने पिछले एक दशक में महज 37 मैच खेले हैं।
कर्नाटक के इस क्रिकेटर ने 5 टी-20 मैचों में 200 से अधिक रन बनाए और ‘मैन ऑफ द सीरीज’ का अवॉर्ड जीता। विकेट के पीछे भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। ऋद्धिमान साहा ने कहा कि राहुल विकेट के पीछे बुरा काम नहीं कर रहे। उन्होंने बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में न्यूजीलैंड के खिलाफ बहुत बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
35 वर्षीय साहा ने कहा कि राहुल विकेट के पीछ कड़ी मेहनत कर रहे हैं। न्यूजीलैंड में उन्होंने अपनी भूमिकाओं को बखूबी निभाया। यह भारतीय टीम के लिए अच्छा है। इससे पहले महेंद्र सिंह धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलविदा कहने के बाद युवा विकेटकीपर ऋषभ पंत से दबाव थोड़ा कम होगा, लेकिन भारत के तीन पूर्व विकेटकीपरों का मानना है कि निकट भविष्य में लोकेश राहुल उनके सर्वश्रेष्ठ विकल्प हैं।
नयन मोंगिया, एमएसके प्रसाद और दीप दासगुप्ता ने इस बात पर सहमति जताई कि वर्तमान में टीम में इस जगह के लिए राहुल और पंत के बीच मुकाबला होगा, जिसमें तीसरे स्थान पर संजू सैमसन है। नयन मोंगिया ने रविवार को पीटीआई-भाषा से कहा, ”राहुल, मुझे लगता है कि 50 ओवरों के प्रारूप के लिए वह मेरी पहली पसंद होंगे। मैंने केएल (राहुल) के बारे में जो कुछ भी देखा है, वह विकेट के पीछे बुरा नहीं है। जब से उन्होंने विकेटकीपिंग करना शुरू किया है, उनकी बल्लेबाजी में सुधार हो रहा है।”
कुछ समय पहले तक राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष रहे प्रसाद ने भी माना कि राहुल की स्थिति ऋषभ से बेहतर है। उन्होंने कहा, ”अगर आप भारत की पिछली न्यूजीलैंड सीरीज को देखे तो राहुल मेरी पहली पसंद होंगे और तीसरे विकल्प के रूप में संजू है। उन्होंने अच्छा किया और परिस्थितियों के अनुसार टीम को अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज को खेलने का लचीलापन दिया है।”
वहीं, ऋद्धिमान साहा ने कहा कि धोनी के फैसलों का पूर्वानुमान बहुत मुश्किल होता था। वह मैदान में और मैदान से बाहर एक लीजेंड हैं। उन्होंने धोनी की तारीफ करते हुए कहा कि मैंने धोनी को हमेशा उन्हें पॉजिटिव देखा है। उनके शरीर में कोई नेगेटिव बोन नहीं है। यह थोड़ा हैरान करने वाला है। लेकिन धोनी और सुरेश रैना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के संपर्क में काफी वक्त से नहीं थे। वैसे ही लोग धोनी के भविष्य को लेकर काफी अटकलें लगा रहे थे और अब इन सब पर विराम लग गया है। धोनी ने क्रिकेट से संन्यास बेशक ले लिया है, लेकिन वह लोगों के जेहन से नहीं उतरने वाले।

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