Unlock 3 के 17वें दिन तक तीन करोड़ से ज्यादा लोगों की कोरोना जाँच, अब तक 51 हजार मरे

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी ने देश के जन स्वास्थ्य ढांचे पर संरचनात्मक रूप से विचार करने का मौका दिया है। भारतीय उद्योग महासंघ (सीआईआई) के दो दिवसीय डिजिटल जन स्वास्थ्य सम्मेलन के उद्घाटन सत्र पर डॉ. हर्षवर्धन ने उम्मीद जताई कि 2025 तक तपेदिक मुक्त भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लक्ष्य को उद्योग जगत एवं सीआईआई की मदद से हासिल कर लिया जाएगा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सुविधाओं पर डिजिटल प्रदर्शनी और ‘सीआईआई टीबी मुक्त कार्यस्थल अभियान’ की शुरुआत की गई और ‘सीआईआई जनस्वास्थ्य रिपोर्ट’ भी जारी की गई। इसमें डॉ. हर्षवर्धन के अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे तथा नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. विनोद के. पॉल ने भी हिस्सा लिया। एक बयान में डॉ. हर्षवर्धन के हवाले से कहा गया, ‘‘इस महामारी ने हमें देश में जन स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे पर संरचनात्मक रूप से विचार करने का मौका दिया है।’’ कोरोना वायरस पर लगाम कसने में भारत के सफल रूख का उदाहरण देते हुए उन्होंने सरकार की योजनाओं को बृहद् सामाजिक आंदोलन में बदलने की देश की क्षमता की प्रशंसा की, ‘‘जिससे चेचक और पोलियो का पूरी तरह उन्मूलन हो गया और वह भी उस वक्त जब भारत में पोलियो के मामले दुनिया भर के मामलों में 60 फीसदी तक होते थे।’’ टीबी मुक्त कार्यस्थल अभियान पर डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘भारत में तपेदिक के 26.4 लाख मामले हैं जो दुनिया भर में टीबी के सर्वाधिक मामलों में है।’’ स्वास्थ्य मंत्री ने विश्वास जताया कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से स्वास्थ्य ढांचे में और सुधार आएगा और कालाजार तथा कुष्ठ रोग जैसी बीमारियों का खात्मा हो जाएगा और प्रसव के दौरान महिलाओं की मृत्यु दर शून्य हो जाएगी। चौबे ने कहा कि जमीनी स्तर तक चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का प्रधानमंत्री का प्रयास ‘‘ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार का क्रांतिकारी’’ कदम है।
देश में कोविड-19 के मामले बढ़कर 26.47 लाख
देश में कोविड-19 के एक दिन में 57,981 नए मामले सामने आने के बाद सोमवार को कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 26,47,663 हो गई। वहीं, संक्रमण से 941 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या 50 हजार को पार कर गई। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार 19,19,842 लोग अब तक संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं, जिससे देश में कोरोना वायरस से ठीक होने वाले मरीजों की दर 72.51 प्रतिशत हो गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के अनुसार देश में कोविड-19 को लेकर अब तक तीन करोड़ से अधिक नमूनों की जांच की जा चुकी है। आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से 941 और लोगों की मौत के बाद देश में मृतक संख्या बढ़कर 50,921 हो गई। हालांकि वायरस से मृत्यु दर में गिरावट आई है और यह 1.92 प्रतिशत हो गई है। देश में अभी कोविड-19 के 6,76,900 मरीज उपचाराधीन हैं। आईसीएमआर के अनुसार देश में 16 अगस्त तक 3,00,41,400 नमूनों की कोविड-19 की जांच की गई, जिनमें से रविवार को ही 7,31,697 नमूनों की जांच हुई।
महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामले छह लाख के पार
महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 8,493 नए मरीज सामने आने से इस महामारी के मामले छह लाख के पार चले गये जबकि 288 और मरीजों की जान चली गयी। राज्य के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में 8,493 नए मरीज सामने से इस महामारी के मामले बढ़कर 6,04,358 हो गये जबकि 288 और लोगों की इस वायरस से मृत्यु हो जाने के बाद मृतकों की संख्या 20,265 हो गई। उन्होंने बताया कि सोमवार को कोविड-19 के 11,391 मरीजों को स्वस्थ होने पर अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई, जिसके बाद राज्य में अबतक 4,28,514 मरीज ठीक हो चुके हैं। अधिकारी ने कहा कि राज्य में अब 1,55,268 मरीज उपचाराधीन हैं। उन्होंने बताया कि मुंबई में 753 नए मामले सामने आए और 40 मौतें हुईं। इससे शहर में संक्रमण के मामलों की संख्या 1,29,479 हो गई और मरने वालों की संख्या 7,173 हो गई। मुंबई में उपचाराधीन रोगियों की संख्या 17,704 है। इसी तरह पुणे में 919 नये मरीज सामने आये और जिले में इस महामारी के मामले 80,407 हो गये जबकि 26 मरीजों की जान चले जाने से जिले में अबतक 2077 लोगों इस वायरस से मौत हो चुकी है। राज्य में अब तक 32,06,248 लोगों की जांच की गई है।
जम्मू-कश्मीर में कोविड-19 के छह रोगियों की मौत
जम्मू-कश्मीर में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 442 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 28,892 हो गई। इसके अलावा बीते 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के छह रोगियों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 548 तक पहुंच गई है। अधिकारियों ने बताया, ‘जम्मू-कश्मीर में बीते 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के छह रोगियों की मौत हुई है।’ उन्होंने कहा कि सभी रोगियों की मौत कश्मीर में हुई है। केन्द्र शासित प्रदेश में अब भी 7,048 लोग वायरस से संक्रमित हैं। 21,296 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं।
तमिलनाडु में कोविड-19 के 5,890 नए मामले
तमिलनाडु में सोमवार को कोविड-19 के 5,890 नए मामले सामने आए, जिससे राज्य में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3,43,945 हो गई है। इसके अलावा इस महामारी से 120 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या 5,886 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने एक बुलेटिन में बताया कि सोमवार को 5,667 रोगियों को ठीक होने के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी मिली, जिससे राज्य में महामारी को शिकस्त देने वालों की संख्या 2,83,937 हो गई है। इसने कहा कि राज्य में इस समय कोविड-19 के 54,122 मरीज उपचाराधीन हैं। तमिलनाडु की राजधानी में कोविड-19 के अब तक 1,17,839 मामले सामने आए हैं। महामारी से राज्य में जिन 5,886 लोगों की मौत हुई है, उनमें से 2,478 लोग चेन्नई से थे।
उत्तराखंड में छह और मरीजों की मौत
उत्तराखंड में सोमवार को कोविड—19 से छह और मरीजों की मौत हो गई जबकि 319 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 12,493 हो गयी। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, कोविड—19 से जान गंवाने वाले मरीजों में चार पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। एम्स ऋषिकेश में चार मरीजों की मौत हो गयी जबकि हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में दो मरीजों ने दम तोड़ दिया। अब तक प्रदेश में महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या 158 हो चुकी है। बुलेटिन के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित सर्वाधिक 109 नये मामले हरिद्वार जिले में मिले जबकि उत्तरकाशी में 77, रूद्रप्रयाग में 41, उधमसिंह नगर में 38, नैनीताल में 23, टिहरी गढ़वाल में 15 और देहरादून में 10 मरीज सामने आए हैं। प्रदेश में अब तक कुल 8,485 लोग उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और अभी 3,806 मरीजों का इलाज चल रहा है। कोविड-19 के 44 मरीज प्रदेश से बाहर चले गए हैं।
आंकड़े 16 दिनों में लगभग दोगुने हुए
पंजाब में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले और इसके कारण होने वाली मौतों की संख्या पिछले 16 दिनों में लगभग दोगुनी हो गयी है। राज्य के कुल मामलों में से लगभग 55 प्रतिशत मामले चार जिलों लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और पटियाला में सामने आये हैं और राज्य में संक्रमण के कारण हुई कुल मौतों में से 65 प्रतिशत मौतें इन्हीं चारों जिले में हुई हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोरोना वायरस से होने वाली मौतों में वृद्धि और रोग के फैलने के लिए संक्रमण के लक्षण वाले लोगों द्वारा अस्पताल पहुंचने में देरी को जिम्मेदार ठहराया। आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, राज्य में कोविड-19 मामलों की संख्या रविवार शाम को लगभग 31,206 पहुंच गई, जबकि 31 जुलाई को यह संख्या 16,119 थी। इस दौरान मरने वालों की संख्या में भी कमी नहीं आई। कोविड-19 की वजह से राज्य में मरने वालों की संख्या रविवार को 812 हो गई, जबकि 31 जुलाई को इनकी संख्या 386 थी। बुलेटिन के अनुसार, मृत्यु दर 31 जुलाई के 2.39 प्रतिशत से बढ़कर रविवार को 2.60 प्रतिशत तक पहुंच गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सबसे अधिक मामले चार जिलों लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और पटियाला में सामने आए हैं। राज्य में कुल 31,206 मामलों में से 17,275 मामले इन चार जिलों में सामने आए हैं। मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि रविवार तक इन चार जिलों में कोविड-19 से कुल 529 मौतें हो चुकी हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘हम लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे बुखार जैसे लक्षण होने पर खुद की तुरंत जांच करवाएं।’’ राज्य में प्रतिदिन 16,000 से 17,000 जांच हो रही हैं।
केरल में 1725 नये मामले सामने आये
केरल में सोमवार को कोविड-19 के एक दिन में सबसे अधिक 1,725 नये मामले सामने आने से राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 46,140 हो गई। वहीं 13 और मरीजों की संक्रमण से मौत हो जाने से मृतक संख्या बढ़कर 169 हो गई। स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कहा कि तिरुवनंतपुरम में सबसे अधिक 461 मामले और इसके बाद मलप्पुरम में 306 मामले सामने आये। चार जिलों में 100 से अधिक मामले सामने आये: त्रिशूर (156), अलपुझा (139), पलक्कड़ (137) और एर्नाकुलम (129)। मंत्री के हवाले से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सोमवार को संक्रमण से 13 व्यक्तियों की मौत हो गई जिनकी आयु 90 वर्ष से सात महीने के बीच थी। वर्तमान में 15,890 मरीज उपचाराधीन हैं और 30,029 अभी तक संक्रमण से ठीक हो गए हैं। आज 1131 लोगों को ठीक होने के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दी गई। सामने आये नये मामलों में 45 व्यक्ति विदेश से आये थे और 75 अन्य राज्यों से आये थे। बुलेटिन ने कहा गया कि पिछले 24 घंटे में 26,150 नमूनों की जांच की गई और अभी तक कुल मिलाकर 12,05,759 नमूनों की जांच की गई है। वर्तमान में राज्य में 571 हॉटस्पॉट (संक्रमण से अधिक प्रभावित क्षेत्र) हैं।
मध्य प्रदेश में 930 नए मामले
मध्य प्रदेश में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 930 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाये गये लोगों की कुल संख्या 46,385 तक पहुंच गयी। राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से 23 और व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है जिससे मरने वालों की संख्या 1,128 हो गयी है। मध्य प्रदेश के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से भोपाल में चार, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर एवं होशंगाबाद में दो-दो और धार, देवास, रीवा, छतरपुर, दमोह, दतिया, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा एवं शहडोल में एक- एक मरीज की मौत की पुष्टि हुई है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘राज्य में संक्रमण से अब तक सबसे अधिक 344 मौत इंदौर में हुई हैं। भोपाल में 243, उज्जैन में 76, सागर में 40, जबलपुर में 53, बुरहानपुर में 25, खंडवा में 20, ग्वालियर में 24 एवं खरगोन में 23 लोगों की मौत हुई है। बाकी मौतें अन्य जिलों में हुई हैं।’’ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में सोमवार को कोविड-19 के सबसे अधिक 245 नये मामले इंदौ जिले में आये हैं, जबकि जबलपुर में 93, भोपाल में 92, खरगोन में 36 एवं दतिया में 29 नये मामले आये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 46,385 संक्रमितों में से अब तक 35,025 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गये हैं और 10,232 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। उन्होंने कहा कि सोमवार को 987 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में राज्य में कुल 3,660 निषिद्ध क्षेत्र हैं।
लद्दाख में कोविड-19 के चार और मरीजों की मौत
लद्दाख में कोरोना वायरस संक्रमण से चार और लोगों की मौत के बाद केंद्रशासित प्रदेश में इस महामारी से अब तक 14 लोगों की जान चली गयी है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार कारगिल जिले में कोविड-19 के चार मरीजों की मौत हुई जबकि लेह में एक रोगी ने दम तोड़ दिया। अधिकारियों के मुताबिक कारगिल में अब तक आठ और लेह में छह लोग इस महामारी से अपनी जान गंवा चुके हैं। रविवार शाम तक लद्दाख में इस महामारी के मामले 1,948 थे। उनमें कारगिल के 1005 और लेह के 943 मरीज हैं। अधिकारियों ने बताया कि करीब 70 फीसद मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी मिल गयी है। इस केंद्रशासित प्रदेश में फिलहाल 578 मरीज उपचाररत हैं। लेह में 350 और कारगिल में 228 मरीजों का उपचार चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 के 13 नये मामले
हिमाचल प्रदेश में सोमवार को कोविड-19 के 13 नए मामले सामने आए, जिससे राज्य में कोरोना वायरस के मामलों की कुल संख्या 4,170 हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। विशेष सचिव (स्वास्थ्य) निपुण जिंदल ने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस के 1,313 मरीज उपचाराधीन हैं, जबकि 2,797 मरीज अब तक संक्रमण से उबर चुके हैं। कोविड-19 के कारण राज्य में 18 मरीजों की मौत हो गई है और 40 राज्य से बाहर चले गए हैं। जिंदल ने बताया कि राज्य में सामने आए 13 नये मामलों में से छह सोलन से, तीन चंबा से और दो-दो मामले ऊना और कांगड़ा से आये हैं। इस बीच, सोमवार को 77 मरीज ठीक हुए हैं। चंबा में 21, सिरमौर में 17, मंडी में 12, ऊना में नौ, हमीरपुर में आठ, शिमला में चार और कांगड़ा और बिलासपुर में तीन-तीन लोगों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई।
शरद पवार के मुंबई आवास में पांच कोरोना से संक्रमित
राकांपा प्रमुख शरद पवार के दक्षिण मुंबई आवास में तीन सुरक्षाकर्मी, एक रसोइया सहित पांच व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हो गये हैं। बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने सोमवार सुबह संवाददाताओं से कहा कि पवार की कोविड-19 जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है, लेकिन उन्हें अगले कुछ दिनों तक राज्य के दौरों पर नहीं जाने का आग्रह किया जाएगा। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (पीएमसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पवार के यहां ‘सिल्वर ओक’ आवास में तीन सुरक्षा गार्ड, एक रसोइया और उसके बेटे के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।’’ उन्होंने कहा कि एहतियाती कदम उठाते हुए करीब 100 लोगों की जांच कराई जा रही है। उनमें पवार के निजी सहायक, सचिव और उनके (पवार के) साथ प्रतिदिन काम करने वाले अन्य अधिकारी भी शामिल हैं, जो पिछले कुछ दिनों में इन संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आये थे। उन्होंने कहा, ‘‘हमनें राज्य स्वास्थ्य विभाग को पुणे में स्वास्थ्य एवं नगर निकाय अधिकारियों से बात करने को भी कहा है क्योंकि पवार रविवार को वहां थे। यदि वह किसी से मिले थे तो उनकी भी एहतियाती उपाय के तहत जांच कराई जानी चाहिए।’’ पवार रविवार को पुणे से लौटे। उन्होंने हाल ही में सतारा जिले का दौरा किया था, जहां वह राज्य के मंत्री बालासाहेब पाटिल से मिले थे। पाटिल राकांपा नेता भी हैं। उनकी कोविड-19 जांच रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजिटिव आई थी। टोपे ने बताया कि पवार को जांच के लिए रविवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल ले जाया गया था और रिपोर्ट में उनके वायरस से संक्रमित नहीं होने की पुष्टि हुई। टोपे ने कहा, ‘‘वह स्वस्थ और ठीक हैं…लेकिन उनसे अगले कुछ दिन तक राज्य के दौरे पर नहीं जाने का आग्रह किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि पवार के आवास में रसोइया और सुरक्षाकर्मियों के संपर्क में आये लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
उप्र में कोरोना संक्रमण के 4,186 नये मामले
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड—19 के 4,186 नये मामले सामने आये जबकि 69 और लोगों की मौत के साथ सोमवार को मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 2,515 हो गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 4,186 नये मामले सामने आये। राज्य में अभी 50,893 मरीजों का इलाज चल रहा है। बुलेटिन में कहा गया कि पिदले 24 घंटे में 69 और लोगों की मौत के साथ इस संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 2,515 हो गयी है। अब तक कुल 1,04,808 लोगों को स्वस्थ होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी हैं। राज्य में कोरोना संक्रमण के 1,58,216 मामले हैं। बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 10 लोगों की मौत कानपुर नगर में हुई। राजधानी लखनऊ में आठ, मुरादाबाद में छह तथा प्रयागराज और उन्नाव में चार-चार मौतें कोरोना संक्रमण के चलते हुई। अब तक इस संक्रमण से सबसे अधिक 309 लोगों की मौत कानपुर नगर में हुई हैं। इस संक्रमण के कारण अब तक लखनऊ में 217, वाराणसी में 125 और मेरठ में 123 लोगों की मौत हो चुकी है।
बिहार में छह सितंबर तक लॉकडाउन बढ़ा
बिहार सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के बीच सोमवार को राज्य में छह सितंबर तक लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्य के गृह विभाग द्वारा सोमवार को इस आशय की एक अधिसूचना जारी की गयी है। इसके अनुसार, राज्य मुख्यालय, जिला मुख्यालय, अनुमंडल मुख्यालय, प्रखंड मुख्यालय और राज्य के सभी नगरपालिका क्षेत्रों में छह सितंबर तक प्रतिबंध लागू रहेंगे। राज्य के बफर और निषिद्ध क्षेत्रों में सख्त उपाय लागू रहेंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर और गृह मंत्रालय की ओर से 29 जुलाई को अनलॉक-3 के तहत जारी निर्देशों के आलोक में यह प्रतिबंध छह सितंबर तक प्रभावी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान 5 और लोगों की मौत हो जाने के बाद इससे मरने वालों की संख्या सोमवार को 542 तक पहुंच गई। वहीं, इस रोग से अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 106,618 हो गयी है। एक लाख से अधिक कोविड-19 मामलों के साथ 15 अगस्त को बिहार देश का ऐसा आठवां राज्य बन गया, जहां करीब डेढ़ महीने की अवधि में मामलों में दस गुना वृद्धि हुई है। राज्य सरकार ने कोविड-19 मामलों में वृद्धि के मद्देनजर 16 जुलाई को 15 दिनों की अवधि के लिए प्रदेश में लॉकडाउन लागू करने का निर्णय लिया था, जिसे 16 अगस्त तक बढ़ाया गया था। राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान सभी धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। सभी सामाजिक, राजनैतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यों, पार्क और व्यायामशालाओं का खुलना वर्जित रहेगा। रात में 10 बजे से सुबह पांच बजे के बीच लोगों का आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा, अंतर-राज्य और अंतर-जिला बस सेवा की कोई आवाजाही नहीं होगी। हालांकि बिना किसी बाधा के माल के परिवहन की अनुमति होगी।
कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे अमरिंदर
कोविड-19 संक्रमण और मौत के बढ़ते मामले बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कहा कि वह वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने के लिए अनिच्छुक नहीं हैं। हालांकि सिंह ने एक बार फिर से लॉकडाउल लगाने की संभावना से इंकार नहीं किया, खासकर उन इलाकों में जहां मामले काफी बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक गतिविधियों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की आनलाइन बैठक में राज्य में महामारी की स्थिति की समीक्षा की गयी। मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ स्वास्थ्य सलाहकार समिति के अध्यक्ष केके तलवार के एक सुझाव के जवाब में कहा, अगर जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार कोरोना वायरस का मुकाबला करने के लिए कड़े कदम उठाने पर विचार करेगी। एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के लिए काम कर रहे विशेषज्ञ समूह का नेतृत्व करने वाले मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने भी कहा कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए किए गए किसी भी उपाय से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य में कोविड-19 के 31,000 से अधिक मामले हैं और 800 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।
ठीक हो चुके कुछ रोगी फिर से संक्रमण की चपेट में
राष्ट्रीय राजधानी में कुछ अस्पतालों का कहना है कि कोरोना वायरस से ठीक हो चुके कुछ मरीज फिर से संक्रमित होकर उनके पास आ रहे हैं। दिल्ली सरकार द्वारा संचालित राजीव गांधी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में इस महीने की शुरुआत में दो मरीजों के कोरोना वायरस से उबरने के करीब डेढ़ महीने बाद वे फिर से संक्रमित हो गए। फिर से संक्रमण के दोनों मामलों में रोगियों में मध्यम लक्षण थे। द्वारका में आकाश हेल्थकेयर में भी एक मामला सामने आया जहां कैंसर का एक रोगी कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद ठीक हो गया और कुछ महीने बाद वह फिर से संक्रमित हो गया। दूसरी बार रोगी की संक्रमण से मौत हो गई। दिल्ली का एक पुलिसकर्मी पिछले महीने फिर से कोरोना वायरस से संक्रमित हो गया था, जिससे विशेषज्ञ हैरान हैं। राष्ट्रीय राजधानी में नगर निगम द्वारा संचालित कोविड-19 के अस्पताल में काम करने वाली एक नर्स कोरोना वायरस से उबरने के बाद दोबारा संक्रमित हो गई। दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. बी. एल. शेरवाल के मुताबिक जब तक वायरस संवर्धन का पता नहीं चल जाता या उसके जीन की सिक्वेंसिंग नहीं कर ली जाती है तब तक यह पता करना मुश्किल है कि क्या वायरस के दूसरे स्ट्रेन ने व्यक्ति को दूसरी बार संक्रमित किया है?
टीका परीक्षणों में शामिल होने की अपील
ब्रिटेन की सरकार ने भारतीय मूल के लोगों सहित अन्य पृष्ठभूमि वाले अल्पसंख्यक समुदायों से और अधिक लोगों को कोविड-19 के संभावित टीके के चल रहे क्लीनिकल परीक्षणों में शामिल होने की अपील की है। इसके लिये विभिन्न समुदायों से संपर्क साधने के उपायों में गुजराती, पंजाबी, बांग्ला और उर्दू में प्रसारित लक्षित भर्ती कार्यक्रम भी शामिल हैं। समूचे ब्रिटेन में एक लाख से अधिक लोगों ने टीके के परीक्षणों में स्वयंसेवी के तौर पर हिस्सा लिया है। कोरोना वायरस के खिलाफ एक कारगर और सुरक्षित टीके की खोज में तेजी लाने की कोशिशों के तहत ऐसा किया गया है। हालांकि, इसमें आबादी के कुछ खास तबकों की भागीदारी कम रही है, जिसके चलते कहीं अधिक जातीय अल्पसंख्यकों, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ्य एवं सामाजिक देखभाल कार्यकर्ताओं से राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) कोविड-19 टीका अनुसंधान पंजीकरण में शामिल होने की अपील की गई है, ताकि यह सुनश्चित हो सके कि संभावित टीका हर किसी पर असरदार हो। ब्रिटेन के कारोबार मंत्री आलोक शर्मा ने कहा, ‘‘…इस महत्वपूर्ण अनुसंधान में तेजी लाने के लिये सभी पृष्ठभूमि और उम्र के हजारों लोगों को शामिल करने की जरूरत है।’’ भारतीय मूल के मंत्री ने कहा, ‘‘मैं हर किसी से कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अपनी भूमिका निभाने की अपील करता हूं और पहले से पंजीकरण करा चुके एक लाख लोगों के साथ आने का अनुरोध करता हूं।’’ ब्रिटिश सरकार के टीका कार्यबल की अध्यक्ष केट बिंघम ने कहा, ‘‘…हमें विभिन्न पृष्ठभूमि से और अधिक लोगों की जरूरत है ताकि हम भविष्य में यह पता लगा सकें कि क्या हम उन लोगों की सुरक्षा के लिये इस टीके को शीघ्रता से ईजाद करने वाले हैं, जिन्हें इसकी जरूरत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘खतरे का सामना कर रहे लोगों को बचाने से ही महामारी का अंत होगा।’’

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