दिनारा विधानसभा: जदयू-भाजपा-राजद की जोर आजमाइश से हॉट सीट बनी दिनारा

सासाराम। रोहतास-आरा-बक्सर जिलों की सीमा से सटा हुआ दिनारा विधानसभा सीट सूबे के हॉट सीटों में शुमार है। कारण कि एक ओर जहां जदयू के विधायक सह विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री जय कुमार सिंह तीसरी बार चुनाव जीतने के लिए प्रयासरत हैं तो दूसरी ओर 2015 में महज 2600 वोटों से चुनाव हारने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता सह प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह भी पांच वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव के मित्र व महागठबंधन के घटक दल राजद और जदयू इस बार आमने-सामने होंगे। अबकी जदयू जहां भाजपा के साथ रहेगी, वहीं राजद के साथ कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियां रहेंगी। देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए में यह सीट जदयू के पास बरकरार रहती है या भाजपा जदयू को मनाकर सीट को अपने पाले में लाने में कामयाब रहता है । उधर इस सीट पर जातीय समीकरण को देखते हुए राजद किसी दमदार यादव प्रत्याशी को उतारना चाहेगा। हालांकि सीट शेयरिंग और कौन सी सीट किस दल के खाते में जाएगी, इसके फैसले के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि दिनारा के अखाड़े में कौन-कौन धुरंधर एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोकेंगे।
2015 में दिनारा से 17 प्रत्याशी थे मैदान में
2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से अलग हो जदयू ने राजद के साथ महागठबंधन बनाया था।17 प्रत्याशियों ने अपना भाग्य आजमाया। इनमें15 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। जदयू उम्मीदवार के रूप में जय कुमार सिंह 42.98 प्रतिशत मत यानी 64 हजार 699 वोट के साथ पहले स्थान पर थे। उन्होंने भाजपा के राजेंद्र सिंह को 2691 मतों से पराजित किया था। राजेंद्र सिंह को 41.19 प्रतिशत यानी 62 हजार 8 मत प्राप्त हुए थे।
परिसीमन के बाद विधायक ने बदला क्षेत्र
दिनारा के मौजूदा विधायक जय कुमार सिंह 2009 में हुए परिसीमन से पहले बिक्रमगंज से चुनाव जीते थे। लेकिन, जब परिसीमन में बिक्रमगंज संसदीय क्षेत्र और विधानसभा सीट को समाप्त कर दिया गया तो जय कुमार सिंह दिनारा से भाग्य आजमाने चले गये। वर्ष 2010 में राजद की सीता सुंदरी देवी को करीब 16000 के बड़े अंतर से हराकर जय कुमार सिंह जदयू आलाकमान के करीब हो गये। उन्हें सहकारिता मंत्री बनाया गया था। दो बार चुनाव जीतने वाले जय कुमार सिंह वर्तमान में साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्री हैं।
2009 के परिसीमन में बदल गया भूगोल
वर्ष 2009 के पूर्व दिनारा विधानसभा क्षेत्र बिक्रमगंज संसदीय क्षेत्र का हिस्सा था पर 2009 में इसका भूगोल बदल गया। पूर्व में जहां इस विधानसभा में दिनारा के साथ कोचस-करगहर प्रखंड भी शामिल थे, वहीं परिसीमन ये दोनों प्रखंड इस सीट का हिस्सा नहीं रहे। वहीं सूर्यपुरा और दावथ प्रखंड को इसमें शामिल कर लिया गया। दिनारा के 22, सूर्यपूरा की पांच व दावथ कीनौ पंचायत दिनारा विस क्षेत्र में शामिल किये गये। अहम बात यह रही कि इस विस क्षेत्र को बिक्रमगंज संसदीय क्षेत्र (अब काराकाट) से हटा कर बक्सर लोकसभा सीट में शामिल कर दिया गया। पूर्व में पिछड़ा बहुल रहा दिनारा विस क्षेत्र अब सवर्ण बहुल हो गया है।पूर्व में रामधनी सिंह यहां से सर्वाधिक चार बार चुनाव जीत विधायक बने।
इस क्षेत्र में लोगों की उम्मीदें हैं कि कम से कम एक अंगीभूत कॉलेज की स्थापना हो, महिला कॉलेज खुले तथा  किसानी के लिए विख्यात क्षेत्र में किसानों को समय से खाद-बीज व उत्पादों का उचित मूल्य मिले

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