फतुहा को नेता नही बेटा की आवश्यकता

पटना।आगामी विधान सभा चुनाव के मद्देनजर  संभावित उम्मीदवारी को लेकर नेता गण अपने अपने दावों को ठोकने लगे हैं। इसी क्रम में अपनों से अपनों की बात में फतुहा के सर्वांगीण विकास की परिकल्पना को लेकर राजधानी से सटे फतुहा को विकास का जो आयाम मिलनी चाहिए था वह आज तक नही मिल पाया है । हकीकत ये है कि 1989 से 2005 तक बाढ लोकसभा के प्रतिनिधि के रूप में बिहार के सीएम सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिश कुमार जी ने इमानदारी से इस बिधानसभा को बिकास के मानचित्र पर स्थापित किया ।जिसे आगे बढाने के लिए नेता नही बेटा के रूप मे फतुहा को अपना प्रतिनिधि चुनना होगा ।  प्रदेश जदयू के बरिष्ठ नेता तथा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य संजय कुमार सिंह ने फतुहा बिधानसभा क्षेत्र के बिभिन्न पंचायतों मे जन-संवाद के क्रम में कही। उन्होंने इस संबंध में बिस्तार से बतलाते हुए कहा कि एक साजिश के तहत बरगाया का बिकास बाधित था ।प्रखंड क्षेत्र की अधिकांश सडके बदहाली के आगोश मे आंसू बहा रही थी लेकिन 2001 मे पंचायत प्रतिनिधि के रूप जनांदोलन के माध्यम से इसमे पहल की ।उसी समय फतुहा उप चुनाव में तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार जी के माध्यम से पुनपुन ,मोरहर, दरघा जैसी नदियों पर पुल का मार्ग प्रशस्त हुआ ।उन्होंने  बताया कि नीतीश कुमार के शासनकाल में यहां का अपेक्षित विकास हुआ लेकिन प्रतिनिधियों की उदासीनता ने फतुहा बिधानसभा क्षेत्र लोगों की अपेक्षाओं को कूंद कर दिया । जदयू नेता ने 2020 के बिधानसभा चुनाव को फतुहा के लिए एक अग्नि परीक्षा बताते हुए कहा कि समय आ गया है कि जनता तय करे कि उसे अपना नेता चाहिए या बेटा

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