डॉक्टर बनते-बनते भोजपुरी एक्ट्रेस बन गई गुंजन पंत

पटना। मध्य प्रदेश के भोपाल से ताल्लुक रखने वाली एक्ट्रेस गुंजन पंत आज भोजपुरी सिनेमा में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुकी हैं। लोग उनकी अदाकारी को खूब पसंद भी करते हैं। गुंजन पंत बचपन से ही डॉक्टर बनने का ख्वाब देखा करती थीं, लेकिन जब किस्मत को कुछ और ही मंजूर था तो वो डॉक्टर कैसे बनती हैं। उन्हें ये बात खुद नहीं पता चली की वो डॉक्टर बनते-बनते कब भोजपुरी हीरोइन बन गईं। गुंजन पंत बताती हैं, ‘मैं डॉक्टर बनते-बनते कब भोजपुरी एक्ट्रेस बन गई मुझे खुद नहीं पता चला। दरअसल, मुझे स्कूल-कॉलेज के दिनों से ही एक्स्ट्रा एक्टिविटीज में भाग लेना अच्छा लगता था। जब मैं भोपाल में थी तो मुझे ये भी नहीं पता था कि भोजपुरी भी कोई भाषा होती थी। मैनें तो भोजपुरी के नाम पर ‘खइके पान बनारस वाला’ जैसे गाने सुने थे।

स्कूल के दिनों के बारे में बताते हुए गुंजन बताती हैं, ‘हमने एक ग्रुप ज्वॉइन किया था। स्कूल की तरफ से हम दूरदर्शन के शोज में पार्टिसिपेट करते थे। एक बार हमारा एक प्रोग्राम मुंबई में हुआ था। यहां मुझसे किसी ने कहा कि वीनस के ऑफिस चले जाओ वहां पर एलबम बन रहा है तो मैं वहां चली गई। अभी तक ये सब हॉबी के रूप में चल रहा था। क्योंकि मैं तो बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थी।”वीनस के ऑफिस जब गई तो वहां पर मेरा ऑडिशन हुआ और मैं सेलेक्ट भी हो गई, लेकिन अगले दिन ही मुझे शूट पर बुला लिया गया था। इस एलबम के मुझे विनस से कई बार कॉल आई मैनें कई एलबम्स शूट किए। एलबम्स शूट के बाद मैं भोपाल वापस आ गई थी। यहां आने के बाद मैं एक शो करने वापस मुंबई गई तो वहां पर किसी ने मुझसे कहा कि एक सीरियल बन रहा है ‘जिंदगी एक सफर’ इसके लिए डायरेक्टर्स से मुलाकात कर लो।”सीरियल ‘जिंदगी एक सफर’ डेली शॉप था इसलिए, मैं मुंबई ही रहने लगी थी।

इसके बाद मैनें इसमें काम करती रही और मेरे पास कई सीरियल्स में काम करने के लिए ऑफर आए। उन शोज में काम किया। फिर एक दिन किसी ने कहा कि एक फिल्म बन रही है आप जाकर मिल लिजिए। वहां पर एक लेडी डायरेक्टर थीं तो उन्होंने मुझे फाइनल कर लिया।

इस दैरान मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था क्योंकि मुझे लगा कि इतने जल्दी मुझे हिंदी फिल्म मिल गई।’गुंजन पंत अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहती हैं, ‘लेकिन जब डायरेक्टर ने मुझसे पूछा कि आपको भोजपुरी तो आती है ना तो मैं शॉक्ड रह गई हिचकिचाते हुए बोली भोजपुरी तो आती नहीं, लेकिन डायरेक्टर्स ने कहा कि आप हमारे किरदार के लिए फिट हैं तो हम आपको सिखा देंगे और यहां से मैनें काम करना शुरू किया। मुझे भोजपुरी में मजा आने लगा। काम भी सीखा और भाषा भी।’इसके साथ ही गुंजन पंत से कास्टिंग काउच को लेकर सवाल किया गया कि क्योंकि वो आउट साइडर थीं तो उन्हें कास्टिंग काउच जैसी समस्या का सामना करना पड़ा? तो इस पर एक्ट्रेस ने कहा, ‘मुझे ऐसा कुछ भी फेस नहीं करना पड़ा और भोजपुरी में ऐसा कुछ भी नहीं है। जब आप किसी फील्ड में जाते हैं तो थोड़ा सब्र रखना पड़ता है।’इसके अलावा गुंजन कहती हैं, ‘अगर आपके अंदर टैलेंट है तो आपको काम जरूर मिलेगा, बस थोड़ा सब्र रखना जरूरी है। क्योंकि सफल बनने में वक्त तो लगता है और अगर आप सही हैं तो आपको कुछ नहीं कह पाएगा। वो आपको तय करना है कि आप किस शर्त पर काम करना चाहेंगे।’

Post add

Leave A Reply

Your email address will not be published.