गाड़ियों की सेल में उत्तर प्रदेश ने इन राज्यों को छोड़ा पीछे, जून के मुकाबले जुलाई में सुधरी सेल

नई दिल्ली । देशभर में लॉकडाउन से राहत मिलने के साथ ही वाहनों की बिक्री पटरी पर लौटती दिख रही है। गाड़ियों की बिक्री जून के मुकाबले जुलाई में तेजी से बढ़ी है। इसमें उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका रही है। देश के शीर्ष 10 राज्यों में उत्तर प्रदेश वाहनों की बिक्री बढ़ाने में पहले पायदान पर रहा है। वाहन डीलरों के संगठन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र और गुजरात को भी इस बार पीछे छोड़ा है।

जुलाई में वाहनों की बिक्री के लिहाज से शीर्ष 10 राज्य
राज्य कुल पंजीयन
उत्तर प्रदेश 19,185
महाराष्ट्र 16,149
गुजरात 14,331
हरियाणा 12,162
कर्नाटक 11,107
राजस्थान 10,903
दिल्ली 9,817
तमिलनाडु 9,001
केरल 8,785
पंजाब 6,783
स्रोत: फाडा
यात्री वाहनों की बिक्री में गिरावट
फाडा के अनुसार, जुलाई 2020 में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 1,57,373 इकाइयां हुई, जो बीते साल जुलाई के मुकाबले 25.19 फीसदी कम है। जुलाई 2019 में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 2,10,377 इकाइयां रही थी। इसी तरह दोपहिया वाहन श्रेणी में जुलाई की बिक्री 37.47 प्रतिशत गिरकर 8,74,638 वाहन रही। यह जुलाई 2019 में 13,98,702 वाहन थी। वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री जुलाई में 72.18 प्रतिशत घटकर 19,293 वाहन रही जो पिछले साल 69,338 वाहन थी। तिपहिया वाहनों की बिक्री इस दौ 74.33 प्रतिशत गिरकर 15,132 वाहन रही जो पिछले साल 58,940 वाहन थी।

अगस्त महीने में और सुधार की उम्मीद
फाडा के प्रेसिडेंट आशीष हर्षराज काले ने कहा कि लॉकडाउन में लगातार ढील देने से जुलाई में जून के मुकाबले वाहनों का ज्यादा पंजीयन हुआ है लेकिन पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले वाहनों का पंजीयन अब भी सामान्य स्तर के करीब नहीं पहुंच पाया है। हालांकि, मानसून के कारण ग्रामीण बाजारों में ट्रैक्टर, छोटे कमर्शियल व्हीकल और मोटरसाइकिल की अच्छी बिक्री देखी जा रही है। अगस्त के आउटलुक के बारे में उन्होंने कहा कि लॉकडाउन नहीं हो तो इस महीने जुलाई के मुकाबले ज्यादा बिक्री हो सकती है।
मारुति सुजुकी ने बाजी मारी
फाडा के आंकड़ों के मुताबिक, वाहनों की बिक्री के मामले में मारुति सुजुकी बाजार की अग्रणी कंपनी बनी हुई है। जुलाई में उसकी बाजार हिस्सेदारी 50.4 फीसदी रही। इसके बाद ह्यूंडई मोटर इंडिया की बाजार हिस्सेदारी 18.69 फीसदी रही। टाटा मोटर्स के पास 8.1 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा के पास 4.96 फीसदी, किआ मोटर्स के पास 4.45 फीसदी, रेनों के पास 3.18 फीसदी, टोयोटाकिर्लोस्कर मोटर के पास 2.79 फीसदी और होंडा कार्स के पास 2.1 फीसदी बाजार हिस्सेदारी रही।

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