Unlock 3 के 8वें दिन ठीक होने वाले लोगों की संख्या साढ़े 14 लाख के पार पहुँची

नई दिल्ली। केंद्र, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कोविड-19 की रोकथाम, जांच, पृथकवास और उपचार के लिये अपनाए जा रहे केंद्रित व प्रभावी प्रयासों के कारण इस महामारी से ठीक होने वालों की दर और बेहतर होकर 68.32 प्रतिशत पर पहुंच गई है जबकि मृत्युदर गिरकर 2.04 प्रतिशत रह गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर संक्रमण के मामले सबसे कम 1,496 हैं जबकि वैश्विक औसत 2,425 है। मंत्रालय के मुताबिक, प्रभावी निगरानी और जांच नेटवर्क में सुधार से मामलों के जल्दी पकड़ में आने के परिणामस्वरूप, गंभीर और जटिल मामलों में समय पर लोगों को उपचार मिल सका। मंत्रालय ने कहा कि केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपनाई गई ‘जांच, निगरानी और उपचार’ की रणनीति के समन्वित क्रियान्वयन से यह सुनिश्चित हो सका कि वैश्विक परिदृश्य के मुकाबले मृत्युदर कम रहे। मंत्रालय ने कहा, “यह लगातार गिर रही है और आज की तारीख में 2.04 प्रतिशत है। कोविड-19 से होने वाली मौत की दर को घटाने के लिये लक्षित प्रयासों की वजह से भारत प्रति 10 लाख आबादी पर मौत के आंकड़े को घटाकर 30 तक ले आया है जबकि वैश्विक औसत प्रति 10 लाख की आबादी पर 91 मौत का है।” कोविड-19 से ठीक होने वालों की दर में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। बीते 24 घंटों में 48,900 मरीजों के ठीक होने के साथ ही भारत में कोविड-19 से ठीक हो चुके मरीजों की कुल संख्या 14,27,005 हो गई है। मंत्रालय ने कहा, “ठीक होने की दर में सतत बढ़ोतरी हो रही है और फिलहाल यह 68.32 प्रतिशत है।” स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अभी 6,19,088 मरीजों का इलाज चल रहा है जो आज की तारीख में कुल संक्रमित मामलों का 29.64 प्रतिशत है। ये मरीज या तो अस्पतालों में चिकित्सकों की निगरानी में हैं या घर पर पृथक-वास में हैं। मंत्रालय ने कहा कि देश भर में जांच के लिये प्रयोगशालाओं और केंद्रों को नेटवर्क में विस्तार की वजह से भारत अब तक 2,33,87,171 कोविड-19 नमूनों की जांच कर चुका है। शुक्रवार को ही 5,98,778 मामलों की जांच की गई। मंत्रालय ने कहा, “प्रति 10 लाख की आबादी पर जांच में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है और यह आज 16,947 है।” व्यापक पैमाने पर हो रही जांचों की एक बड़ी वजह जांच के लिये प्रयोगशालाओं में बढ़ोतरी है। भारत में अभी 936 सरकारी और 460 निजी प्रयोगशालाओं के साथ कुल 1396 प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुबह आठ बजे तक के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, भारत में आज 61,537 और मरीजों के मिलने के साथ ही संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 20,88,611 हो गई जबकि 933 और मरीजों की मौत के साथ ही इस बीमारी से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 42,518 हो गया है।
दिल्ली में संक्रमण के 1404 नए मामले
दिल्ली में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,404 नए मामले सामने आए जिसके बाद कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1.44 लाख के पार पहुंच गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शनिवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार पिछले चौबीस घंटे में कोविड-19 से 16 और मरीजों की मौत हो गई जिसके बाद इस महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,098 हो गई। दिल्ली में अभी कोविड-19 के 10,667 मरीजों का उपचार चल रहा है। बुलेटिन के अनुसार अब तक सामने आए संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,44,127 हो गई है। बुलेटिन के अनुसार शनिवार को संक्रमित होने की दर 5.7 प्रतिशत थी, जबकि ठीक होने की दर 89 प्रतिशत से अधिक रही। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों के स्वास्थ्य विभागों के साथ वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक कर कोविड-19 को नियंत्रित करने के उपायों की समीक्षा की। बुलेटिन के अनुसार कोविड-19 के मरीजों के लिए निर्दिष्ट अस्पतालों में बिस्तरों की कुल संख्या में से 10,469 खाली हैं। कोविड केंद्रों में 2,549 बिस्तर पृथक-वास में रह रहे लोगों को उपलब्ध कराया गया गया है जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो वंदे भारत अभियान उड़ानों के जरिये बाहर से लौटे हैं। बुलेटिन के अनुसार अब तक 1,29,362 मरीज ठीक हो चुके हैं। घर पर पृथक-वास में रखे गए लोगों की संख्या 5,372 है। बुलेटिन के अनुसार शनिवार को रैपिड एंटीजन, आरटी-पीसीआर और अन्य माध्यमों से कुल 24,592 नमूनों की जांच की गई। अब तक दिल्ली में 11,68,295 नमूनों की जांच हो चुकी है। बुलेटिन में कहा गया कि दिल्ली में अभी 478 निषिद्ध क्षेत्र हैं।
उप्र में एक दिन में सर्वाधिक 4,660 नये मामले
उत्तर प्रदेश में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 4,660 नये मामले सामने आये जबकि बीते 24 घंटे में इस संक्रमण से 47 और मौतों के साथ ही मृतकों का आंकड़ा 2000 को पार कर गया है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कुल 1,18,038 मामले हैं। बीते 24 घंटे में 47 और मौतों के साथ मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 2028 हो गया। अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि संक्रमण के उपचाराधीन मामलों की संख्या 46,177 है जबकि 69,833 लोग पूर्णतया उपचारित होकर अस्पतालों से छुट्टी पा चुके हैं। राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना संक्रमण के 4660 नये मामले सामने आये हालांकि सरकारी बयान में 4800 नये मामले आने बात कही गयी है। बयान में कहा गया कि बीते 24 घंटे में हुई 47 मौतों में सबसे अधिक पांच मौतें कानपुर नगर से सूचित हुईं। बरेली में चार, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, आजमगढ में तीन-तीन, झांसी, मेरठ, बलिया, देवरिया, शाहजहांपुर और संत कबीर नगर में दो-दो मौतें इस संक्रमण के चलते हुईं। बयान के अनुसार सबसे अधिक 663 नये मामले लखनऊ से आये। प्रयागराज से कोरोना संक्रमण के 256, कानपुर नगर से 153, गोरखपुर से 226 और वाराणसी से 221 नये मामले सूचित हुए। अवस्थी ने बताया कि शुक्रवार को 1.02 लाख नमूनों की जांच की गई है। अब तक 29 लाख से अधिक सैम्पल की जांच की जा चुकी है। कुल 15,678 लोग गृह पृथक-वास में हैं और 1352 लोग निजी अस्पतालों में भर्ती हैं जबकि 178 लोग सेमी पेड सुविधाओं के तहत उपचार करा रहे हैं। इससे पूर्व प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने जनता से अपील की कि वह सामाजिक एवं शारीरिक दूरी का भलीभांति पालन करे और घर से बाहर निकलते समय मॉस्क का अवश्य उपयोग करे। उन्होंने कहा कि सरकार संक्रमण को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के पूरे उपाय कर रही है।
हिमाचल प्रदेश में आंकड़ा 3,243 पहुंचा
हिमाचल प्रदेश में शनिवार को 92 और लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई जिसके बाद राज्य में कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3,243 हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस बीच, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता बलदेव तोमर भी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। वह बृहस्पतिवार को संक्रमित पाए गए विद्युत मंत्री सुखराम चौधरी के संपर्क में आए थे। चौधरी की पत्नी और कुछ करीबी रिश्तेदार भी शनिवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आरडी धीमान ने कहा कि संक्रमण के नए मामलों में से चंबा से 43, सिरमौर से 24, कांगड़ा और हमीरपुर से आठ-आठ, कुल्लू और मंडी से चार-चार और शिमला से एक मरीज हैं। उन्होंने बताया कि इस बीच राज्य में कुल 61 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अधिकारी ने कहा कि राज्य में अब तक कोविड-19 के 2,015 मरीज ठीक हो चुके हैं और 26 मरीज राज्य से बाहर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से अब तक 13 मरीजों की मौत हो चुकी है। अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में 1,187 मरीज उपचाराधीन हैं। सोलन में सर्वाधिक 367 मरीज उपचाराधीन हैं वहीं मंडी में 139, कांगड़ा में 107, उना में 94, सिरमौर में 113, बिलासपुर में 68, शिमला में 58, कुल्लू में 69, चंबा में 106, हमीरपुर में 56 और किन्नौर में 10 मरीजों का इलाज चल रहा है।
जम्मू-कश्मीर में 10 और लोगों की कोविड-19 से मौत
जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस से 463 और लोगों के संक्रमिति होने की पुष्टि होने के साथ केंद्र शासित प्रदेश में कुल कोविड-19 मरीजों की संख्या 24 हजार के पार यानि 24,390 हो गई है। वहीं, इस अवधि में 10 और मरीजों की मौत होने के साथ जम्मू-कश्मीर कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से अबतक 459 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी 10 मौतें कश्मीर घाटी में दर्ज की गई हैं। उन्होंने बताया कि इस समय केंद्र शासित प्रदेश में 7,264 कोविड-19 मरीज उपचाराधीन हैं जबकि 16,667 मरीज ठीक हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को जो नये मामले सामने आए हैं, उनमें से 81 मरीज जम्मू क्षेत्र के हैं जबकि 382 कश्मीर घाटी के हैं। उन्होंने बताया कि 46 संक्रमित ऐसे हैं जो हाल में केंद्र शासित प्रदेश लौटे थे। अधिकारियों ने बताया कि सबसे अधिक 178 नये मामले श्रीनगर जिले में सामने आए जबकि 61 मामले के साथ बडगाम दूसरे स्थान पर रहा।
तमिलनाडु में 5,883 नए मरीज मिले
तमिलनाडु में शनिवार को कोविड-19 के संक्रमण से 118 मरीजों की मौत हो गई जिससे राज्य में कोविड-19 के कारण जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4,808 हो गई। इसके अलावा संक्रमण के 5,883 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में संक्रमण का आंकड़ा बढ़कर तीन लाख के करीब पहुंच गया। राज्य में कोविड-19 के कुल मामलों का आंकड़ा 2,90,907 है जिनमें से 1,08,124 मामले चेन्नई के हैं। शनिवार को चेन्नई में संक्रमण के 986 नए मरीज मिले। राज्य सरकार द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, शनिवार को 5,043 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई। राज्य में अब तक कुल 2,32,618 मरीज संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को 67,553 नमूनों की जांच की गई। अब तक कुल 31,55,619 नमूनों की जांच की गई है।
आंध्र प्रदेश में 10,080 नए मामले
आंध्र प्रदेश में शनिवार को कोविड-19 के 10,080 नए मामले सामने आए और इसी के साथ संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 2,17,040 हो गयी। सरकार द्वारा जारी अद्यतन बुलेटिन में कहा गया है कि राज्य में कोरोना वायरस के कारण एक दिन में सर्वाधिक 97 और मरीजों की मौत हो गयी जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 1,939 हो गयी। वहीं पिछले 24 घंटों में 9,151 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गयी। अब तक कुल 1,29,615 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं वहीं अभी राज्य में 84,654 लोग वायरस से संक्रमित हैं जिनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है। राज्य में मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़कर 59.72 प्रतिशत हो गयी जबकि मृत्यु दर 0.89 प्रतिशत बनी हुई है।
मुख्यमंत्री का आकलन
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में फंसे राज्य के निवासियों की वापसी के बाद राज्य में कोविड-19 के मामलों में काफी वृद्धि हुई है। शनिवार को धर्मशाला में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने दोहराया कि किसी भी पिछली सरकार के पास कोविड-19 जैसी महामारी से निपटने का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन उनकी सरकार स्थिति को अच्छी तरह से संभाल रही है। राज्य में अब तक कोरोना वायरस के कुल 3,151 मामले सामने आए हैं, जबकि अब तक संक्रमण से 13 मौत हुई हैं। ठाकुर ने कहा, ‘‘इस महामारी के दौरान, भारत सहित पूरी दुनिया आर्थिक संकट का सामना कर रही है। हिमाचल को भी वित्तीय वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में लगभग 1,300 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। कुछ बजट घोषणाओं के कारण हमारी वित्तीय देनदारियों में 737 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।’’ उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को समय पर वितरित किया गया है। ठाकुर ने कहा कि हम केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने राज्य की वित्तीय सहायता कम नहीं की है।
अहमदाबाद में 158 नए मामले
गुजरात के अहमदाबाद जिले में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 158 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 27,745 हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते जिले में पांच और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 1,630 हो गई है। इसके अलावा शनिवार को 121 रोगियों को छुट्टी दिये जाने के साथ ही कोविड-19 से स्वस्थ हो चुके लोगों की संख्या 22,393 हो गई है। विभाग के अनुसार, 158 नए मामलों में से 139 मामले अहमदाबाद शहर से जबकि 19 मामले ग्रामीण इलाकों से सामने आए हैं। पांच रोगियों की मौत अहमदाबाद शहर में हुई है।
समस्या को दूर करने को कहा गया
आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 13 जिलों में कोविड-19 से होने वाली मौतों की दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है और केंद्र की तरफ से इन जिलों को सलाह दी गई है कि वे कम जांच और जांच नतीजों में देरी जैसी समस्याओं को दूर करें और मरीजों को समय पर अस्पताल में भर्ती कराना सुनिश्चित करें। कुछ इलाकों में अस्पताल में भर्ती कराए जाने के 48 घंटे के अंदर ही मरीजों की मौत हो जाने की खबरों के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने जिलों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोविड-19 मरीजों को समय पर अस्पताल में भर्ती करने के लिये संदर्भित किया जाए और वह भर्ती भी हों। मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय डिजिटल बैठक में आठ राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि एंबुलेंस उपलब्ध हों और कोविड-19 मरीजों के लिये एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराने वालों के खिलाफ ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति’ अपनाई जाए। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कोविड-19 के सामूहिक प्रबंधन की समीक्षा और उन्हें निर्देशित करने के केंद्र सरकार के प्रयासों के तहत भूषण द्वारा सात और आठ अगस्त को दो उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा मृत्यु-दर वाले जिलों को परामर्श देने के साथ ही मृत्युदर कम करने के उनके प्रयासों में उनकी हरसंभव मदद पर भी चर्चा हुई। शनिवार को हुई बैठक आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 13 जिलों पर केंद्रित थी। यह हैं असम में कामरूप मेट्रो, बिहार में पटना, झारखंड में रांची, केरल में अलाप्पुझा और तिरुवनंतपुरम, ओडिशा में गंजम, उत्तर प्रदेश में लखनऊ, पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना, हुगली, हावड़ा, कोलकाता, व मालदा और दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, “भारत में कुल उपचाराधीन मरीजों में से करीब नौ प्रतिशत इन्हीं जिलों से हैं और कोविड-19 से होने वाली मौतों में इन जिलों का प्रतिशत करीब 14 है। प्रति दस लाख की आबादी पर यहां जांच भी कम है जबकि मरीजों के मिलने का प्रतिशत ज्यादा है।” मंत्रालय ने कहा, “चार जिलों – असम में कामरूप मेट्रो, उत्तर प्रदेश में लखनऊ, केरल में तिरुवनंतपुरम और अलप्पुझा- में रोजाना नए मामलों की संख्या में तेजी देखने को मिली है।” इन डिजिटल बैठकों में आठ राज्यों के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य), प्रबंध निदेशक (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के अलावा जिला निगरानी अधिकारी, जिलाधिकारी, नगर निगमों के आयुक्त, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा अधीक्षक शामिल हुए। इस दौरान मृत्युदर घटाने के लिये कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
मास्क नहीं पहनने पर 200-500 रुपये का जुर्माना
उत्तराखंड सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि वह सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क नहीं पहनने वाले लोगों पर 200 से 500 रुपये तक का जुर्माना लगाएगी। राज्य में कोविड स्थिति की समीक्षा करने के बाद आदेश जारी करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पहली बार मास्क नहीं पहने मिलने पर 200 रुपये और दूसरी बार मास्क के बिना मिलने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार कोविड दिशानिर्देशों के उल्लंघनकर्ताओं को चार मास्क प्रदान करेगी। रावत ने अधिकारियों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से आने वाले लोगों के यात्रा विवरण छिपाने या गलत जानकारी देने पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। रावत ने अधिकारियों को आशा और आंगनवाड़ी स्वयंसेवकों के खातों में तुरंत 2,000 रुपये जमा करने के लिए कहा। कोरोना योद्धाओं की मृत्यु के मामले में मुख्यमंत्री राहत कोष से परिजनों को 10 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है।

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