राम मंदिर निर्माण से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा

बाल मुकुंद ओझा

पांच सौ सालों से इंतजार के पश्चात् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कर करोड़ों लोगों की मनोकामनाओं को पूर्ण किया। राम मंदिर निर्माण के लिए पहले शिलाओं का पूजन किया गया। 12 बज कर 44 मिनट पर चांदी की कन्नी से नींव डाली गई। पूजा स्थल पर मुख्यमंत्री योगी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संघ प्रमुख मोहन भागवत और नृत्य गोपाल दास मौजूद रहे। शिला में नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता, पूर्णा, अजिता, अपराजिता, शुक्ला व सौभाग्यनी शामिल हैं। उन्होंने पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और फिर राम जन्मभूमि क्षेत्र पहुंचकर भगवान राम को दंडवत प्रणाम किया। इससे पूरे देश और दुनिया में धार्मिक पर्यटन को रफ्तार मिलेगी। राम जन्मभूमि पहुंचकर प्रधानमंत्री ने भगवान राम को दंडवत प्रणाम किया और वहां पारिजात का पौधा लगाया। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर आयोजित समारोह में कहा की यह राष्ट्र को जोड़ने का कार्यक्रम है। यह सत्य अहिंसा और न्याय को अनुपम भेंट है। मोदी ने कहा कि विश्व की सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या जिस देश में है वो है इंडोनेशिया और वहां रामायण के कई रूप देखने को मिलते हैं. वहां भी राम आराध्य के रूप में पूजे जाते हैं। उन्होंने कहा यह राम मंदिर मानवता को प्रेरणा देगा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उससे जुड़े सभी संगठन शुरू से ही अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए सतत प्रयतनशील थे। हज़ारों लोगों की क़ुरबानी के बाद आज देश का यह सपना पूरा हुआ। हालाँकि इसका श्रेय लाल कृष्ण आडवाणी की मेहनत और समर्पण को दिया जाना चाहिए जिसकी चर्चा संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत समारोह के दौरान की। इसके साथ उन लोगों जवाब मिल गया जो कहते थे तारिख नहीं बताएँगे। कांग्रेस को भी इस दौरान सद्बुद्धि मिल गयी। उनके नेताओं ने भी देश की नब्ज को पहचान कर इसका स्वागत करना उचित समझा। देशभर में लोगों ने टीवी के सामने बैठकर कार्यक्रम का लाइव देखा और जयकारे के साथ अपनी ख़ुशी मजाहिर की। आज देश और दुनिया में अयोध्या के राम मंदिर भूमि-पूजन की चर्चा है। सभी जगह लोगों में हर्ष उल्लास देखा जा रहा है। कहीं, पूजा हो रही है तो कहीं लोग भजन गाकर अयोध्या में बनने जा रहे राम मंदिर में साथ निभा रहे हैं। देश में दीपावली जैसा जश्न मनाया जा रहा है। आज पूरा भारत राममय है। पूरा देश रोमांचित है।बताया जाता है संघ और भाजपा भाजपा साल दर साल अपने एजेंडे में शामिल एक-एक वायदे को पूरा करके कीर्तिमान बनाती जा रही है। अब से ठीक एक साल पहले आर्टिकल 370 को हटाया था और आज ठीक उसके एक साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन किया ।
अयोध्या अध्यात्म, संस्कृति और आधुनिकता का अदभुत संगम होगी और धार्मिक पर्यटन में दुनिया के सबसे बड़े केंद्र के रूप में इसकी पहचान होगी। प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से स्थानीय के साथ देश-प्रदेश की आर्थिकी में इसकी हिस्सेदारी बढ़ेगी। 251 मीटर की श्रीराम प्रतिमा और नव्य अयोध्या इस नगरी का प्रमुख आकर्षण होगी। मंदिर 360 फीट लंबा और 235 फीट चौड़ा होगा। ऊंचाई 161 फीट होगी। क्षेत्रफल 84600 वर्ग फीट होगा। राम मंदिर को नागर शैली में निर्मित किया जाएगा। इसी शैली में देश के अन्य बड़े मंदिर तैयार किए गए हैं। खजुराहो, सोमनाथ का मंदिर, लिंगराज का मंदिर, दिलवाड़ा जैन मंदिर आदि इसी शैली में बने हैं। इसमें शिखर की प्रधानता होती है। भारत में अभी सबसे लोकप्रिय और सबसे ज्यादा पर्यटकों वाले तीर्थयात्रियों वाले स्थलों में बोधगया, कोर्णाक मंदिर, स्वर्ण मंदिर, वैष्णव देवी, तिरुपति बालाजी,
सिरडी, काशी विश्वनाथ वाराणसी शामिल हैं, राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या भी इनमें शामिल हो जाएगा। इससे पर्यटन में बहुत बूम आने की सम्भावना है।

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