नॉर्दर्न रेलवे ने पहला “व्यपार माला एक्सप्रेस” ट्रेन चलाई

अम्बाला डिवीजन ने कमाई का कीर्तिमान स्थापित किया,आलमबाग वर्कशॉप लखनऊ डिवीज़न में दोलन निगरानी प्रणाली रिकॉर्डिंग कार की व्यवस्था

नई दिल्ली। रेलवे अपने माल क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए उद्योग और व्यापार के साथ घनिष्ठ संबंधों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस उद्देश्य के लिए जोनल और डिवीजन स्तरों पर समर्पित व्यावसायिक विकास इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। ये इकाइयां उन्हें सुविधाजनक और परेशानी मुक्त सेवा प्रदान करने वाले विभिन्न क्षेत्रों की परिवहन आवश्यकताओं की देखभाल करने में सुविधा प्रदान करती हैं।

उत्तरी और उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि उत्तर रेलवे ने 01.08.2020 को पहली बार “व्यापार माला” एक्सप्रेस ट्रेन को लोड और चलाया है। त्रिपुरा राज्य में जिरानिया के लिए नियत इस ट्रेन में 46 बीसीएनएचएल कवरेड वैगन हैं। एफसीआई द्वारा फिरोजपुर डिवीजन के गुनियाना स्टेशन पर 34 वैगनों में गेहूं लोड किया गया था और शेष राइस और दलहन को दिल्ली डिवीजन के दिल्ली किशनगंज स्टेशन पर टुकड़ों में लोड किया गया है। ट्रेन दिल्ली किशनगंज से सुबह 8.50 बजे जिरानिया के लिए रवाना हुई। यह पंजाब से त्रिपुरा तक 2673Km की दूरी तय करेगा। जिरानिया में समय पर पहुंचने के लिए कोई देरी नहीं होने के साथ ट्रेन की आवाजाही पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी।

महाप्रबंधक के अनुसार रेलवे  तय समय में ढुलाई के लिये प्राप्त स्टॉक को  गंतव्य तक पहुंचाने को हर सम्भव प्रयास कर रहा है ।यह पहल उत्तर रेलवे में अपनी तरह की पहली पहल है। यह छोटे व्यापारियों को रेलवे के माध्यम से अपने माल को स्थानांतरित करने में मदद करेगा।समय की बचत, लागत प्रभावी, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का साधन होने के कारण रेलवे से माल ढुलाई व्यापारियों की पहली पसंद बनेगा।

महाप्रबंधक ने बताया कि आलमबाग वर्कशॉप लखनऊ डिवीज़न में दोलन निगरानी प्रणाली रिकॉर्डिंग कार की व्यवस्था लॉकडाउन अवधि के दौरान समय का सदुपयोग करके किया गया है। इन-हाउस फैब्रिकेटेड OMS (ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम) रिकॉर्डिंग कार नंबर 15734 लखनऊ डिवीजन के लिए निकला, अब डिवीजन अपने D & E श्रेणी के मार्गों की ट्रैक राइडिंग क्वालिटी की निगरानी में आत्मनिर्भर हो जाएगा। एक ही कार पर ओएमएस सिस्टम का उपयोग करने से ट्रैक निगरानी की प्रभावकारिता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। यह OMS रिकॉर्डिंग कारें दोनों सिरों पर बड़ी निरीक्षण खिड़कियों के साथ निरीक्षण लाउंज हैं। इसमें मॉड्यूलर किचन, डबल बेड रूम हैं, जिसमें अच्छी तरह से सुसज्जित बाथरूम हैं।

यह उल्लेख करना उचित है कि पटरियों और रेलवे वाहनों की स्थिति का पता लगाने के लिए दोलन कला प्रणाली रिकॉर्डिंग कार की अत्याधुनिक प्रणाली है। OMS लगातार गति में रहते हुए गाड़ी के फर्श पर किसी इच्छित स्थान पर ऊर्ध्वाधर और पार्श्व त्वरण को मापता है। ओएमएस तकनीक ने हाई स्पीड ट्रेन की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई क्योंकि यह ट्रैक की निरंतर निगरानी कर सकता है।

महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान लॉक डाउन में रेलवे ने अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के हर संभव उपाय किये फलस्वरूप प्रत्येक क्षेत्र में रेलवे बेहतर हो रहा है।उत्तर रेलवे के अम्बाला डिवीजन के मिशन मोड पर  होने के कारण एक दिन में सबसे अधिक माल ढुलाई की है।31 जुलाई 2020 को 13.46 करोड़ रूपये की कमाई एक दिन में हुई है जो अबतक के इतिहास में सबसे ज्यादा है। इसके पूर्व 12.89 करोड़ की कमाई एक दिन की थी।चालू वित्त वर्ष में 923.79  करोड़ की कमाई हुई जो कि 67.3 % अधिक है, वित्त वर्ष 2019 -2020 की तुलना में।

गौरतलब है कि रेलवे माल ढुलाई को बहुत आकर्षक बनाने के लिए भारतीय रेलवे में कई रियायतें  भी दी जा रही हैं। माल ढुलाई आंदोलनों में सुधार को संस्थागत रूप दिया जाएगा और इससे रेलवे के लिए उच्च माल ढुलाई और आमदनी होगी और पूरे देश के लिए प्रतिस्पर्धी रसद की लागत बढ़ेगी।

 

 

 

 


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