भारतीय जीवन बीमा निगम ने वित्तीय परिणाम 2019-2020 की घोषणा की

मुंबई । भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी ऑफ इंडिया), भारत के सबसे बड़े जीवन बीमाकर्ता, ने मार्च 2020 को समाप्त वर्ष के लिए अपने अंकेक्षित आंकड़ों की घोषणा की है।
मार्च 2020 के अंत तक निगम द्वारा नव व्यवसाय के प्रदर्शन में अपने प्रथम वर्ष के प्रीमियम में 25.17ः की वृद्धि दर्ज की है, जो कि 1,77,977.07 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे सर्वोच्च आंकड़ा है।
पेंशन और ग्रुप सुपरनेशन बिजनेस ने एक लाख करोड़ को पार करते हुए इतिहास रचा है और नव व्यवसाय प्रीमियम इनकम के रूप में 1,26,696.21 करोड़ रुपये वसूली की जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान संग्रह 90848.86 करोड़ रुपए से 39.46: अधिक है।
मार्च 2020 के अंत तक निगम ने कुल प्रीमियम आय 3,79,062.56 करोड़ रुपये का संग्रह किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान एकत्र किए गए 3,37,185.40 करोड़ रुपये की तुलना में यह 12.42: की
शानदार वृद्धि है
31.3.2020 की समाप्ति अवधि के दौरान कुल पॉलिसी भुगतान 2,54,222.27 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 2,50,936.23 करोड़ रुपये था, जिसमें 1.31ः की वृद्धि है।
31.3.2020 की समाप्ति अवधि हेतु निगम की कुल आय पिछले वर्ष समान अवधि के दौरान आय 5,60,784.
39 करोड़ रुपए से बढ़कर 6,15,882.94 करोड़ रुपए हो गई, जो विगत वर्ष की तुलना में 9.83 फीसदी अधिक है। निगम की कुल संपत्ति पिछले वर्ष 31,11,847.28 करोड़ रुपए की तुलना में इस वर्ष 31,96,214.81 करोड़ रुपए हो गई , जो विगत वर्ष की तुलना में 2.71 फीसदी अधिक है।
एलआईसी अपने ग्राहकों को आसान प्रीमियम भुगतान के लिए व्यापक सुविधाएं भी दे रही है। इसने 01 दिसंबर, 2019 तक क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने पर सभी पॉलिसी संबंधी डिजिटल लेनदेन पर सुविधा
शुल्क माफ कर दिया है। यह सुविधा 30 नवंबर, 2020 तक उपलब्ध है।
एलआईसी ने महामारी के दौरान लोगों को बीमा के माध्यम से कवर करने के लिए हर संभव कदम उठाया है। लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रीमियम के सभी डिजिटल संग्रह 24ग्7 उपलब्ध थे। वित्त वर्ष 2019-20 हेतु ग्राहकों द्वारा शुरू की गई एलआईसी पॉलिसी के लिए डिजिटल लेनदेन में 36ः की वृद्धि देखी गई। भारतीय जीवन बीमा निगम( एलआईसी) हमेशा मृत्यु दावों को निपटाने में सक्रिय रही है और दावेदारों को खोजने और मृतक के परिवार की वित्तीय कठिनाइयों को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किया है। कोविड-19 के कारण होने वाले मृत्यु के दावों को मृत्यु के अन्य कारणों के समान माना जाता है और तत्काल आधार पर भुगतान किया जा रहा है। एलआईसी ने पहले ही 561पॉलिसियों को कोविड मृत्यु दावा के तहत समाधान किया है, जिसकी राशि रु.26.74 करोड़ है। उन्होंने इस प्रक्रिया को भी आसान कर दिया है और अपने क्लब एजेंटों विकास अधिकारियों से ई-मेल के माध्यम से मृत्यु दावों की आवश्यकताएं प्राप्त कर रहे हैं।
इस माहौल में ग्राहकों की मदद करने के लिए एलआईसी अब मेल द्वारा ग्राहकों से मैच्योरिटी क्लेम और एसबी आवश्यकताओं को स्वीकार कर रहा है और मूल दस्तावेज के बिना दावों का निपटान कर रहा है।
भारतीय जीवन बीमा निगम का परिचय:
देश की सेवा में तत्पर,एलआईसी का मुंबई स्थित मुख्यालय, 8 क्षेत्रीय कार्यालय, 113 मंडल कार्यालय,
2048 शाखाएँ, 1526 सेटेलाइट कार्यालय और 1178 मिनी कार्यालय हैं। एलआईसी अपने हॉलमार्क के रूप में संचालन और पारदर्शिता के साथ एक मजबूत वित्तीय संगठन का स्थान रखता है।
एलआईसी आज भी 31.3.2020 तक पॉलिसी में 75.90ः और प्रथम वर्ष के प्रीमियम में 68.74ः की बाजार हिस्सेदारी के साथ भारतीय बीमा के प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में प्रमुख जीवन बीमाकर्ता बनी हुई है।
एलआईसी न केवल इंश्योरेंस के सिद्धांतों के साथ लाखों लोगों के जीवन को छूता है, बल्कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और सोशल सेक्टर में निवेश के साथ कई राष्ट्र निर्माण परियोजनाओं के माध्यम से बहुत आगे जाकर भी बड़ी भूमिका निभाता है, जिसमें विद्युत उत्पादन और संचरण, आवास क्षेत्र, जल आपूर्ति और सीवरेज परियोजनाएं, सड़क, पुल और सड़क परिवहन के विकास के लिए परियोजनाएं योजनाएं शामिल हैं।

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