समय का सही इस्तेमाल


मंगल व्यास भारती
बहुत से लोगों को यह पता होता है कि उन्हें किस समय पर क्या करना है, वह जीवन में खुद के लिए भी समय निकालने में सक्षम होते हैं। खुद के साथ बिताया गया कुछ वक्त उन्हें आंतरिक रूप से खुशी प्रदान करता है, साथ ही ऐसे लोग अपने समय को अनावश्यक रूप से व्यर्थ नहीं करते। समय का सही इस्तेमाल करने से आप उन सब कामों के लिए भी समय निकालने में सक्षम हो जाते हैं, जिन्हें करना पहले आपके लिए संभव नहीं था। यह आपकी ग्रोथ के लिए काफी फायदेमंद है।
समय के दर्पण की कुंडली में क्या कहने की क्षमता हैं। कुछ कहता भी है तो कुछ किस्मत का लिखा हुआ होता हैं। सिर्फ अपना भविष्यफल देने की राहत भरी राह दिखाती हैं। ये दुनियां जब से बनी है तब से कर्म पथ निर्माण योग्य व्यक्ति संभव प्रयास का और एक धर्म पथ प्रदर्शित जो प्रकृति का अनुपम दर्शन का माध्यम हैं जो हमारे जीवन में है वह नवग्रह के माध्यम से समय के भावी गर्भ का प्रकाश दिखाने के बराबर हैं। जो प्रियजनों का कल्याण के लिए एक कारण बन प्रियपति रुप में प्रतिष्ठित करते हैं।
हमारे धन रुप ईश्वर जो सभी की रक्षा का मार्गदर्शन बनकर सामने प्रकट होते हैं। जो कुंडली का सृजन ऋषि मुनियों के द्बारा तप योग आदि का प्रत्यक्ष प्रमाण है. जो समय के दर्पण की कुंडली का ही प्रति फल हैं। जो लक्षणों से युक्त वे सभी छंद सुंदर उक्तियों के द्बारा शांत करें.उत्तम कर्मों तथा श्रुति प्रमाणों साथ गिरा। अपने पूर्वजों के द्बारा अनुष्ठित मार्ग का अनुसरण करके सृष्टि यज्ञकों उसी प्रकार क्रम से सम्पन्न क्रिया का माध्यम हैं जो मन जागते हुए मनुष्य से बहुत दूर तक चला जाता है.वही धुतिमान मन सुषुप्ति अवस्था में सोते हुए मनुष्य की हर बात ब्राह्माड में लीन सभी अवस्था को जान सकता हैं।उसी प्रकार आजकल का दौर जो चल रहा है यही अवस्था या नी राम की कुंडली में जो छुपा जो सामने आया चैदह वर्ष का वनवास जो प्रत्यक्ष प्रमाण था वही कृष्ण का जो काल कोठरी में जन्मा। वही महात्मा बुद्ध जिसे भी घर पर रखा गया पर समय की कुंडली खुली और निकल पड़ा घर से बाहर कहने अर्थ समय बड़ा बलवान हैं। जो प्रत्यक्ष प्रमाण है. दुनियां के सामने आज जो इंसान का महा शक्ति शाली व दुर्लभता साथी जो सन दो हजार बीस जो उपहास बनकर जो कर रही हैं। सौ साल से समय के दर्पण की कुंडली फिर खुली सच्चाई इंसान की सामने आ गई क्या इंसान शक्तिशाली बना और बतला दिया अभी भी संचालन उसी समय के दर्पण की कुंडली जो कहती वही होता हैं।

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