अफगानिस्तान से आये सिखों के पहले जत्थे का जोरदार  स्वागत

सभी सिखों को अगस्त महीने के आखिर तक लाने का प्रयास

नई दिल्ली।नागरिकता कानून बिल पास होने के बाद अफगानिस्तान से 600 सिखों को वापिस अपने देश भारत आना है ,उसी क्रम में आज ग्यारह लोंगो का पहला जत्था आज दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा। इनके स्वागत में भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता और राष्ट्रीय मंत्री आर पी सिंह के साथ दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा व कमेटी के महासचिव और शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष स. हरमीत सिंह कालका अपने अपने सदस्यों के साथ उपस्थित थे। अफगानिस्तान से लौटे परिवारों के सदस्य व उपस्थित नेताओं ने एक सुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,गृह मंत्री अमित शाह व् खाध प्रसंस्करण उधोग मंत्री हरसिमरत कौर बादल का धन्यवाद किया।

इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा व कमेटी के महासचिव और शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष स. हरमीत सिंह कालका ने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी इन सिखों को रहने के लिए जगह व अन्य सहुलियतें प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि अगले जत्थे में 70 व उससे अगले जत्थे में 125 सिख यहां पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि 600 लोगों की सूची तैयार की गई है व कोशिश यह है कि अगस्त के आखिर तक सभी सिखों को यहा लाया जाये। उन्होंने कहा कि दिल्ली कमेटी ने इन सिखों के गुरुद्वारा साहिब की सरायों में रहने का इंतज़ाम किया है व दिल्ली कमेटी उनके यहां बसने में मदद करेगी।
दोनों सिख नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमितशाह व केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल का धन्यवाद किया जिनके अथक प्रयासों से यह सिख भारत पहुंचे हैं।जो आज आये हैं उनमें निधान सिंह, चरण कौर सिंह, बलवान कौर सिंह, गुरजीत सिंह, मलमीत कौर, मनदीप सिंह, पूनम कौर व परवीन सिंह शामिल हैं। इनमें वह सिख लड़की भी शामिल है जो पिछले दिनों अगवा कर ली गई थी व सिखों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मामले को उठाने के बाद वापिस भेज दी गई थी।
अफगानिस्तान में अपनी जिंदगी के बारे में जानकारी देते हुए इन लोगों ने बताया कि उन्हें तालिबान व अन्य कट्टरपंथियों द्वारा शारिरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और उनकी मदद करने वाला भी काई नहीं था। उन्होंने कहा कि मंदिरों के सामने गाय का मीट बेचा जाता था और उनकी जिंदगी नरक बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि वह भारत सरकार और विशेष तौर पर स. सिरसा के आभारी हैं जिन्होंने भारत आने और यहां आकर बसने में मदद की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा यह पहला मौका है जब अफगानिस्तान से सिख परिवार भारत वापस आए हैं। स्वदेश लौटने पर सिख भाइयों-बहनों का हम स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोधियों को समझ जाना चाहिए कि यह कानून पड़ोसी मुल्कों में प्रताड़ित हुए हमारे ही भाई-बंधुओं के हित में है।उन्होंने  कहा कि कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान का संविधान उन्हें विशिष्ट धार्मिक राज्य बनाता है, परिणामस्वरूप, इन देशों में हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी, जैन और ईसाई समुदायों के बहुत से लोग धार्मिक आधार पर प्रताड़ना झेलते हैं। वहां उनका अपनी धार्मिक पद्धति, उसके पालन और आस्था रखना बाधित और वर्जित है। नागरिकता संशोधन कानून लागू होने से भारत में रह रहे शरणार्थियों को भी भारतीय नागरिक का दर्जा प्राप्त होगा और उन्हें सभी प्रकार की योजना और सुविधाओं का लाभ मिलेगा।