कांग्रेस-भाजपा ने एक दूसरे पर जम कर उछाला कीचड़

कांग्रेस और भाजपा के बीच चीन के मसले को लेकर जारी आरोप प्रत्यारोप की लड़ाई लगातार आक्रामक होती जा रही है और दोनों एक दूसरे पर जम कर कीचड़ उछालाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी क्रम में आज पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वीडियो संदेश के माध्यम से चीन को लेकर भारत की नीति और प्रधानमंत्री की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए जोरदार हमला किया जिसके जवाब में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस के शीर्ष संचालक परिवार को अपने सीधे निशाने पर लेते हुए उस पर चीन से सांठगांठ करने और अपनी पुरानी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए झूठे तथ्यों को आधार बनाकर आक्रामक तेवर अख्तियार करने का आरोप लगाया है। राहुल के मुताबिक चीन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस कमजोर नस को पहचान लिया है जिसके तहत इनकी सर्वोच्च प्राथमिकता अपनी ‘56 ईंच का सीना’ वाली छवि को हर हालत में बरकरार रखना है। राहुल की मानें तो चीन के द्वारा दूरगामी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री मोदी की इस कमजोरी का लाभ उठाया जा रहा है और मोदी उसमें पूरी तरह उलझ गए हैं जिसके कारण वे स्वीकार ही नहीं कर पा रहे हैं कि चीन की फौज भारत की जमीन पर काबिज है। राहुल के इस हमले जोरदार पलटवार करते हुए भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने लिखित संदेश जारी करते हुए कहा है कि राहुल द्वारा देश की विदेश नीति और सुरक्षा के मामलों का राजनीतिकरण किया जाना कांग्रेस के राजवंश की हताशा को दर्शाता कि वह किस तरह 1962 के पाप को धोना चाहता है और देश को कमजोर करना चाहता है। नड्डा ने बेलाग लहजे में कहा है कि जो सालों ने प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम और बर्बाद करने की निष्फल कोशिशें कर रहे हैं वे अब अपनी पार्टी को भी तबाह करके ही दम लेंगे।

वास्तव में देखा जाए तो चीन के प्रति अमल में लाई जा रही नीतियों को राहुल लगातार गलत बताते रहे हैं और इसी क्रम में अब उन्होंने इस बात को चिंताजनक बताया है कि चीनी हमारे इलाके में बैठे हैं और प्रधानमंत्री खुलेआम इस सच को झुठला रहे हैं। इससे लगता है कि प्रधानमंत्री अपनी छवि को लेकर चिंतित व दबाव में हैं और उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन देखना यह है कि क्या प्रधानमंत्री चीन की चुनौती का समाना करेंगे या वो उनके सामने हथियार डाल देंगे। राहुल के मुताबिक चीनी आज हमारे इलाके में बैठे हैं और यह भी समझ लेना चाहिए कि चीनी बगैर रणनीतिक सोच के कोई कदम नहीं उठाते। उन्होंने दिमाग में संसार का नक्शा खींचा हुआ है जिसे वो अपने हिसाब से आकार देने की कोशिश कर रहे हैं जिसके तहत ग्वादर और बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट भी आता है। यह साधारण सीमा विवाद नहीं है बल्कि धरती की पुनर्रचना करने का प्रयास है लिहाजा यह समझना होगा कि वह किस स्तर पर सोच रहे हैं। राहुल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर प्रधानमंत्री मोदी चीनियों को यह समझने का मौका देते हैं कि वे छवि की चिंता में हैं और उन्हें चंगुल में लिया जा सकता है तो हमारे प्रधानमंत्री देश के लिए किसी काम के नहीं रहेंगे। राहुल के इस तीखे हमले पर पलटवार करते हुए नड्डा ने कहा है कि हमेशा की तरह इस बार भी राहुल तथ्यों के मामले में कमजोर और कीचड़ उछालने के अपने प्रयास में मजबूत दिख रहे हैं और वे सीमा की मौजूदा स्थिति के मामले में भारतीय सशस्त्र बलों पर विश्वास करने की बजाय चीन की ओर से दी गई जानकारी में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं। नड्डा ने सवालिये लहजे में जानना चाहा है कि क्यों एक परिवार भारत को कमजोर और चीन को मजबूत देखना चाहता है? नड्डा ने कांग्रेस के शीर्ष संचालक परिवार पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि 1950 के दशक से ही चीन ने ‘एक राजवंश’ में रणनीतिक निवेश किया है जिसका उसे पूरा-पूरा लाभांश भी मिला है। चाहे वह 1962 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीट गंवा देना हो, यूपीए सरकार के कार्यकाल में चीन के हाथों जमीन का बड़ा हिस्सा गंवा देना हो, 2008 में यूपीए के समय बहुत धूमधाम से एमओयू पर हस्ताक्षर किया जाना हो, राजीव गांधी फाउंडेशन को फंड दिलवाना हो या फिर आर्थिक मोर्चे पर लाभ पहुंचाने सरीखा मामला हो। नड्डा ने स्पष्ट शब्दों में गांधी परिवार पर चीन से सांठगांठ करने और भारत के बजाय चीन के हितों को प्रथमिकता देने का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि कांग्रेस के भी कई नेता देश के साथ किये जा रहे इस छल से पूरी तरह असहमत हैं।

राकेश रमण
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