पंथ की प्रगति विरोधियों से बर्दाशत नहीं हो रही: कालका

संगत द्वारा दी गई राशन सामग्री का खराब हो रहा आटा नियमानुसार दिया गया 

नई दिल्ली।  दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव स. हरमीत सिंह कालका ने कहा है कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा कोरोना महामारी के दौरान गुरुद्वारा बंगला साहिब व अन्य गुरुधामों से की गई मानवता की सेवा की दुनिया भर में हुई प्रशंसा से बौखला कर पंथ के विरोधियों ने गुरुद्वारा बंगला साहिब को बदनाम करने की कोशिश की है।
यहां एक प्रैस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स. कालका ने कहा कि कल रात से सोशल मीडिया पर एक स्टिंग ऑप्रेशन करने के दावे किये जा रहे हैं जो बिल्कुल बेबुनियाद, झूठे व खोखले हैं।उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष के रूप में मनजीत सिंह जी.के व स. परमजीत सिंह सरना के कार्यकाल के दौरान जो परंपरायें थीं उसी के अनुसार ही खराब हो रहा आटा तीन सदस्यीय कमेटी की सिफारिशों के अनुसार बेचा गया। उन्होंने कहा कि यह रिवायत रही है कि बेचे गये आटे की राशि से घी, दाल व अन्य राशन सामग्री खरीदी जाती है और इससे स. मनजीत सिंह जी.के भलीभांति परिचित हैं।
स. कालका ने बताया कि पूरी दुनिया में इस बात की प्रशंसा हुई कि महामारी के दौरान जो सेवा गुरुद्वारा कमेटी ने की है उसकी दुनिया में कोई मिसाल नहीं है जिस पर मिली प्रशंसा को हमारे विरोधी बर्दाशत नहीं कर पा रहे जबकि वास्तविकता यह है कि यह हमारे विरोधी नहीं बल्कि वे पंथ के विरोधी हैं जिनसे पंथ की चढ़दीकला बर्दाशत नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से यह रिवायत चलती आ रही है कि जो राशन सामग्री लंगर के लिए पहुंची है और संगत द्वारा दसवंद आया है , उसका सदुपयोग किया जाता है क्योंकि संगत ने हमेशा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर विश्वास किया है।
उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान जो सामग्री आई थी बारिश के मौसम के कारण आटा खराब हो रहा था जिस कारण तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई जिसने इस मामले में सिफारिश करनी थी इसमें चेयरमैन रविंदर सिंह खुराणा, एम.पी.एव चड्डा व भुपिंदर सिंह भुल्लर सदस्य थे। उन्होंने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर खराब हो रहा आटा बेचा गया और बाज़ार की कीमत के अनुसार ही बेचा गया और इस सबंध में विरोधियों द्वारा किये जा रहे दावे बिल्कुल बेबुनियाद हैं उन्होंने बताया कि सभी कुछ बकायदा नियमों के अनुसार किया गया है।
स. कालका ने याद दिलाया कि 2009 में स. परमजीत सिंह सरना व 2018 में स. मनजीत सिंह जी.के की अगुवाई में कमेटी ने इसी तरीके से आटा बेचा था और जी.के के समय तो जनरल मैनेजर हरजीत सिंह सूबेदार जो उनके साथ हर चोरी में भागीदार थे, के भी हस्ताक्षर कमेटी रिकार्ड में मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा कमेटी ने एक जुट हो कर फैसला लिया है और इसमें किसी एक व्यक्ति का फैसला शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टीयों ने ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की है कि गुरुद्वारा बंगला साहिब व दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी को दसवंद की माया ना दी जाये और यह हरकत अति निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि हैरानी तो इस बात की है स्वंय पर लगे गोलक चोरी के इलज़ामों का जवाब देने की जगह स. जी.के ने विपरीत गुरुद्वारा कमेटी व गुरुद्वारा बंगला साहिब को बदनाम करने की कोशिश की है। विरोधियों द्वारा एफ.आई.आर दर्ज करवाने के ऐलान के सबंध में उन्होंने कहा कि जब चाहें अपनी मर्जी से एफ.आई.आर दर्ज करवा लें क्योंकि हमने सभी कुछ नियमों के अनुसार किया है इसलिए हमें कोई डर या भय नहीं है।

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