मनोकामनाओं को पूरा करता है सावन मास

मंगल व्यास भारती

भीषण गर्मी के बाद सावन का महीना तन मन को खुशियां प्रदान करता है। सावन के महीने में चारों तरफ हरियाली रहती है। सावन मास में बारिश के आगमन से धरती का कोना-कोना हरा-भरा होकर खिल उठता है। इस महीने में चारों तरफ हरियाली छा जाती है मानो प्रकृति ने फिर से जन्म लिया हो, और सृष्टि का फिर से निर्माण हो रहा हो, पूरा वातावरण झूमने लगता है, प्रकृति फिर से सुंदर हो जाती है, सब को लुभाने लगती है। चूंकि श्रावण अमावस्या पर पेड़-पौधों को नया जीवन मिलता है और इनकी वजह से ही मानव जीवन सुरक्षित रहता है।
देश में हर महीने का एक अलग महत्व है। लेकिन सावन के महीने को भगवान शंकर से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इसका महत्व बढ़ जाता है। हिंदू धर्म में सावन के महीने का बहुत महत्व है। सावन में हर ओर हरियाली छाई होती है। बारिश के सुहावने मौसम में पेड़ पौधे खिल उठते है। श्रावण मास में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। शास्त्रों के अनुसार श्रावण मास भगवान भोलेनाथ को सबसे अधिक प्रिय है। इसे मनोकामनाओं को पूरा करने का महीना भी कहा जाता है। इस माह में सोमवार का व्रत और सावन स्नान की भी परंपरा है। सावन महीने से वर्षा ऋतु की शुरूआत होती है जिस वजह से चारों तरफ हरियाली छा जाती है। मैदान से लेकर पहाड़ तक हरियाली की चादर ओढ़ लेते हैं। प्रकृति के सौंदर्य का यह नजारा वाकई अद्भभुत होता है। सावन का महीना खुद को प्रकृति से जोड़ने का महीना होता है। इसलिए लोग हरा रंग पहन कर अपने आप को प्रकृति से जोड़ते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन आने पर हर तरफ हरियाली छा जाती है। जो ना सिर्फ आंखों को खुश करती है बल्कि आपके मन को भी शांति प्रदान करती है।
इस महीने में शंकर भगवान की पूजा पाठ चारों तरफ अराधना की कवायद लगी हुई दिखाई देती हैं। जीवन में भक्ति रस का का अपना अनूठा स्थान हैं । दिन रात भजन कीर्तन करते रहने की खुशी होती है। सावन के आते ही सबके मन में हरियाली छा जाती हैं। प्रकृति के लिहाज से भी श्रावन मास का खास महत्व है। प्रकृति हरी-भरी रहती है। बागों के फूल हंसते इठलाते खुशी से खिल जाने से मुस्कान बिखेर लज्जा से झुकने लग जाते है। सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव को जल अवश्य अर्पित करना चाहिए। रात्रि में जमीन पर शयन करना चाहिए। अगर नौ या सोलह सोमवार व्रत करना संभव ना हो तो सावन के चार सोमवार व्रत किए जा सकते हैं। दूध से अभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। सावन माह में किसी भी तरह का विवाद करने से बचना चाहिए। किसी को भी बुरा न बोलें। यह माह दांम्पत्य जीवन में खुशियां लाता है। गरीब, वृद्ध, दुर्बल और पशुओं को न सताएं। मान्यता है कि भगवान शिव को चावल अर्पित करने से धन की प्राप्ति होती है। तिल अर्पित करने से पापों का नाश होता है। जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है। गेहूं अर्पित करने से संतान वृद्धि होती है। यह सभी अन्न भगवान को अर्पित करने के बाद गरीबों में बांट देना चाहिए।

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