दिल्ली सरकार और बिजली कंपनियों की मिलीभगत के खिलाफ आज दिल्ली भाजपा का सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में धरना

बिजली बिलों के कारण हो रही समस्याओं को लेकर डीईआरसी चेयरमैन को सौंपा ज्ञापन

नई दिल्ली। कोरोना काल में जहां दिल्लीवासी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से आर्थिक रूप से राहत की गुहार लगा रहे थे वहीं दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार बिजली कम्पनियों के साथ मिलकर जनता को फिक्स्ड चार्ज और एवरेज बिल के नाम पर लूटने का काम रही है। दिल्ली सरकार और बिजली कंपनियों की मिलीभगत से बिजली बिलों में हो रही लूट के खिलाफ आज दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री आदेश गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के बिजली दफ्तरों में बिजली जन आंदोलन की शुरुआत की गई। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दिल्ली  आदेश गुप्ता, नेता प्रतिपक्ष  रामवीर सिंह बिधूड़ी व सांसद मीनाक्षी लेखी, दिल्ली भाजपा पूर्व अध्यक्ष व विधायक  विजेन्द्र गुप्ता, विधायक अजय महावर ने मालवीय नगर स्थित डीईआरसी मुख्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया।आदेश गुप्ता ने दिल्ली के लोगों को बिजली बिलों के कारण हो रही समस्याओं को लेकर डीईआरसी चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दुष्यंत गौतम ने कृष्ण नगर, दिल्ली भाजपा प्रदेश पूर्व अध्यक्ष व सांसद  मनोज तिवारी ने दिलशाद गार्डन, सांसद रमेश बिधूड़ी ने कालकाजी, सांसद गौतम गंभीर ने लक्ष्मी नगर स्थित बिजली दफ्तर में धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश महामंत्री कुलजीत सिंह चहल,  राजेश भाटिया,  रविन्द्र गुप्ता सहित इस धरना प्रदर्शन में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश पदाधिकारी, भाजपा विधायक, विधानसभा उम्मीदवार, जिला व मंडल के पदाधिकारियों, आरडब्ल्यूए, ट्रेडर्स एसोसिएशन, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इससे ज्यादा शर्म की बात नहीं हो सकती है कि जो मुख्यमंत्री बनने से पहले अरविंद केजरीवाल कहते थे कि वह सत्ता में आएंगे तो दिल्ली के लोगों के लिए पानी माफ और बिजली हाफ करेंगे लेकिन आज बिजली कंपनियों की मिलीभगत से बिजली बिलों में पावर परचेज चार्ज, पेंशन सरचार्ज, फिक्स्ड चार्ज एवं अन्य अधिभारों को लगाकर भारी-भरकम बिल भिजवा रहे हैं। यह बिल उन व्यापार, उद्योग, दुकानें एवं तमाम प्रतिष्ठान को भी भेजे जा रहे हैं जो लॉकडाउन के दौरान बंद थी और वहां पर बिजली का उपयोग नहीं हुआ, यहां तक की घरेलू उपभोक्ताओं को भी बिना सब्सिडी के बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो बिजली कंपनियां पहले से ही मुनाफे में हैं उसे बिजली बिलों में सरचार्ज लगाने की क्या जरूरत है, इससे साफ जाहिर है कि केजरीवाल बिजली कंपनियों की सांठगांठ से दिल्ली के लोगों को लूटने का अभियान चला रहे हैं।
नेता विपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों को आश्वस्त किया कि आम आदमी सरकार के आने के बाद बिजली कंपनियों द्वारा वसूले गए 8000 करोड़ को वापस लेकर दिल्ली के विकास में उपयोग करेंगे लेकिन आज तक बिजली कंपनियों से 8 पैसे भी वापस नहीं लिए गए, बल्कि उसके विपरीत आम आदमी पार्टी सरकार और बिजली कंपनियां मिलकर मनमाने बिजली बिल वसूल रही है। अन्य राज्य की सरकारों ने अपने निवासियों को बिजली बिलों में राहत दी लेकिन अरविंद केजरीवाल ने इस संकट के समय में भी राहत छीनने का काम कर रहे हैं। फिक्स्ड चार्ज, एवरेज बिल के नाम पर भारी-भरकम बिलों के कारण दिल्ली के लोगों पर आर्थिक संकट की दोहरी मार पड़ी है। उन्होंने कहा कि बिजली जन आंदोलन के तहत हम मिलकर दिल्ली के लोगों को बिजली बिलों के कारण हो रही समस्याओं से निजात दिलाने में कामयाब होंगे।
सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने पहले तो डर का माहौल बना कर इंडस्ट्री में काम कर रहे मजदूरों को पलायन करने पर मजबूर कर दिया और अब दिल्ली के लोगों को भी परेशान करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के लोगों को सभी प्रकार की सुविधाएं, लाभ देने के लिए बिठाया गया है न कि दिल्ली के लोगों को कष्ट पहुंचाने के लिए। केजरीवाल सरकार को दिल्ली के लोगों की आवाज सुननी चाहिए और कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए बिजली बिलों से फिक्स्ड चार्ज को हटाना चाहिए। दिल्ली सरकार हर जगह पर धोखे की राजनीति और सरकारी तंत्र के जरिए दिल्ली के लोगों से पैसा निकलवाने का प्रचार प्रसार करना बंद करें।
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