कोरोना काल में सौरभ युगल ने लेखन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान

(सत्यवान सौरभ एवं प्रियंका सौरभ ने अनेक विषयों पर हिंदी एवं अंग्रेजी में लिखें हज़ारों अखबारों के लिए लेख एवं फीचर्स)

सिवानी मंडी। सत्यवान सौरभ एवं प्रियंका सौरभ ने अनेक विषयों पर हिंदी एवं अंग्रेजी में लिखें हज़ारों अखबारों के लिए लेख एवं फीचर्स) कोरोना काल के तीन माह के दौरान हरियाणा के भिवानी जिले के सिवानी उपमंडल के गाँव बड़वा के युवा लेखक युगल सत्यवान सौरभ एवं प्रियंका सौरभ ने प्रतिदिन घटी घटनाओं और उत्पन्न स्थिति के हर क्षेत्र पर प्रभाव को अपने लेखों के माध्यम से देश-दुनिया के कोने-कोने में पहुँचाने का अद्भुत प्रयास किया और ये अपने मकसद में कामयाब भी हुए। इस दौरान अनेक विषयों पर सत्यवान एवं प्रियंका सौरभ के लेख देश-विदेश के हिंदी अंग्रेजी अखबारों में प्राथमिकता के साथ छपे और विभिन्न न्यूज़ एजेंसी एवं न्यूज़ वेब पोर्टल के द्वारा सराहे गए। दोनों के अंग्रेजी लेख अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटैन सहित दर्जनों देशों के अंग्रेजी एवं हिंदी अखबारों में छपे और लगातार प्रकाशित हो रहें है।

सत्यवान सौरभ एवं प्रियंका सौरभ भारतीय लेखक और पति -पत्नी हैं जिन्हें सौरभ युगल के नाम से भी जाना जाता है। करीब दो दशक से स्वतंत्र पत्रकारिता एवं साहित्य लेखन कर रहे सत्यवान सौरभ कई मीडिया संस्थानों के लिए स्वतंत्र रूप से काम कर रहें हैं। पंजाब केसरी,जनसत्ता, हिंदुस्तान,लोकमत,दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला,राजस्थान पत्रिका के अलावा भारत एवं विदेशों के हज़ारों हिंदी-अंग्रेजी अखबारों के लिए सत्यवान सौरभ लगातार संपादकीय पेज के लिए लेख लिख रहें है। इनके लिखे लेख भारत की हर न्यूज़ एजेंसी और वेब पोर्टल पर आपको पढ़ने को मिल जायेंगे। पिछले चार सालों से इनकी पत्नी प्रियंका सौरभ भी लेखन में विशेष रूचि रखते हुए वर्तमान विषयों पर एक समान लेखन कर रही है।

मौजूदा वक्त में सत्यवान सौरभ टीवी एवं रेडियो पैनलिस्ट और लेखक हैं। जो विभिन्न चैनलों पर बतौर पत्रकार व पॉलिटिकल एक्सपर्ट के रुप में समय-समय पर अपने विचार प्रदान करते हैं। इसके अलावा बहुत से अखबारों में कॉलमनिस्ट है और कुछ अखबारों के लिए स्पेशल इंटरव्यू भी करते हैं। पत्रकारिता क्षेत्र के अलावा सत्यवान सौरभ साहित्य में भी लगातार सृजन कर रहे है, इनके लिखे दोहे सोशल मीडिया पर शेयर किये जा रहें है। और देश-विदेश की हिंदी साहित्यिक पत्रिकाओं में विशेष तौर पर प्रकाशित हो रहें हैl सत्यवान सौरभ को पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान, साहित्य में योगदान एवं समाज में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कई बड़े अवार्डों से नवाजा गया है।

सत्यवान सौरभ अपनी आक्रामक व आकर्षक शैली के लिए पहचाने जाने जाते हैं। अपनी आम बोलचाल की भाषा में हिंदी एवं अंग्रेजी के कॉमन शब्दों का प्रयोग करना भी उनकी अहम विशेषता के रुप में समझा जाता है। सत्यवान सौरभ देश के उन अग्रणी एवं युवा पत्रकारों- साहित्यकारों में से एक हैं जिन्होनें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में समान्तर लिखा है। शिक्षा एवं पशुपालन क्षेत्र से जुड़े सत्यवान सौरभ की ये पहचान गज़ब की है और उनके स्व प्रयास, लगन और समाज के प्रति कुछ विशेष करने की लगन का परिणाम है कि ये अलग क्षेत्र से होने के बावजूद एक स्वतंत्र पत्रकार और लेखक के रुप में स्थापित हो गए हैं। यदि आप गूगल पर सत्यवान सौरभ के नाम से सर्च लगाए तो उनके द्वारा किए गए सभी कार्य आ जाते हैं।

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