मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा जम्मू कश्मीर में गुरुद्वारा कमेटी भंग करने का ज़ोरदार विरोध

सिरसा का गृहमंत्री अमितशाह से दखल की मांग

नई दिल्ली।  दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने जम्मू कश्मीर में मौजूदा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को तोड़ने का ज़ोरदार विरोध किया है व कहा है कि नए चुनाव होने तक मौजूदा कमेटी को ही काम करने दिया जाये।
यहां जारी किए एक बयान में सरदार  सिरसा ने बताया कि उनके पास जम्मू और कश्मीर व सिख नुमाईंदों ने पहुंच की है जिन्होंने बताया कि कुछ पंथ विरोधी ताकतें अवधि पूरी होने की आड़ में मौजूदा कमेटी को तोड़ना चाहते हैं जोकि सरासर गलत है।उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में जिला स्तर पर हर पांच साल बाद 11 सदस्यीय गुरुद्वारा कमेटी चुनी जाती है फिर जिलों के 220 सदस्य वोट के माध्यम से प्रांत स्तर पर चेयरमैन और सचिव का चुनाव होता है जिसमें चेयरमैन जम्मू क्षेत्र व सचिव कश्मीर से चुना जाता है।
उन्होंने  बताया कि मौजूदा कमेटी का चुनाव 2015 में हुआ था व इसकी अवधि जुलाई 2020 में समाप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर से सिख नुमाईंदों ने उन्हें बताया कि पंथ विरोधी ताकतें कमेटी भंग करवा कर गुरुधामों पर स्वंय कब्ज़ा करता चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू क्षेत्र में इस समय  त्रिलोचन हैं जबकि उनके साथ महंत मनजीत सिंह व संत तेजवंत सिंह सिख कौम की बेहतरी के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबि जब तक नई कमेटी का चुनाव नहीं हो जाता पुरानी कमेटी को ही काम करने का आज्ञा होती है पर कुछ पंथ विरोधियों के द्वारा यह व्यवस्था समाप्त करवाने के प्रयास किये जा रहे है।
दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ जम्मू कश्मीर के प्रशासक को अपील कर कहा कि वह तुरंत इस मामले में दखल दें और किसी भी किस्म की बेइनसाफी होने से रोकें और जब तक नए चुनाव नहीं होते मौजूदा कमेटी को काम करने दिया जाये व जब संभव हो सके नए चुनाव कराये जायें।

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