अमित शाह ने पाक के हिन्दू शरणार्थियों से मुलाकात की

जल्दी नागरिकता देने का भरोसा दिया

संवाददाता

नई दिल्ली।  केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को पाकिस्तान से आये हिन्दू शरणार्थियों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उन्हें लंबे समय के लिए वीज़े प्रदान किये जायेंगे तांकि वह इस देश में बस सकें और कानून के मुताबिक इन्हें नागरिकता देने के केसों में तेज़ी लाई जायेगी। गृहमंत्री ने यह भरोसा पाकिस्तान के हिन्दूओं को दिलाया जिन्होंने आज दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा की अगुवाई में  अमित शाह से मुलाकात की थी।सरदार सिरसा ने अपील कर कहा कि जो परिवार टूरिस्ट/श्रद्धालु/विज़िटर वीज़ा पर भारत आये हैं और भारत में बसना चाहते हैं उन्हें नागरिकता दी जाये।
जिन पाकिस्तानी हिन्दूओं को धार्मिक अत्याचार  के कारण पाकिस्तान छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था उन्हें नागरिकता प्रदान करने को संसद में इसके लिये आवश्यक कानूनी प्रावधान लाने के लिये गृहमंत्री अमित शाह का धन्यवाद किया 

उन्होंने  केन्द्रीय गृहमंत्री को बताया कि तकरीबन 750 हिन्दू मजनू का टीला गुरुद्वारा साहिब के उत्तर में यमुना के किनारे पर टैंटों में रह रहे हैं। यह लोग पड़ोसी मुल्क से भाग कर यहां आये हैं और यहां शरण चाहते हैं जबकि कई अन्य नई दिल्ली के बाहरी रोहिणी सैक्टर 9 और 11, आदर्श नगर व सिगनेचर ब्रिज के नज़दीक बसे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी हिन्दू विज़िटर/टूरिस्ट/श्रद्धालु वीज़ा पर आये हैं पर इनमें से कुछ पाकिस्तान में असुरक्षित महसूस करते हैं इन्हें भारतीय नागरिकता मिलने की आशा है । केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया कि सभी हिन्दू शरणार्थियों को देश की नागरिकता प्रदान की जायेगी ओर परिवार के मुख्य को एक सर्टीफिकेट दिया जायेगा जो पूरे परिवार के लिए मान्य होगा।
दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के मुखी ने केन्द्रीय गृहमंत्रीसे पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों द्वारा महसूस की जा रही असुरक्षा की भावना पर चर्चा की और उनके द्वारा दिलाये गये भरोसे के बाद ही यह परिवार अपने मुल्क छोड़ कर आये हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ तो पढ़े लिखे हैं पर पाकिस्तान में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य अल्पसंख्यकों की तरह यह भी अपने पारिवारिक सदस्यों खास तोर पर नौजवान बेटियों की सुरक्षा और मान सतिकार के प्रति चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि यह भी खतरा था कि इन लड़कियों को भी अगवा कर जबरन मुस्लमान बना कर मुस्लिम लड़कों से विवाह करवा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री को मिलने का मकसद इनका खोया हुआ विश्वास बहाल कराना और यह सुनिश्चित करना था कि इन्हें नये एक्ट के तहत भारतीय नागरिकता देने के लिए विचार किया जाये।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हिन्दू व अन्य अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अल्पसख्ंयकों की नौजवान बेटियां भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं क्योंकि उन्हें डर है कि कट्टर वादियों द्वारा उन्हें अगवा ना कर लिया जाये क्योंकि पुलिस तो मूक दर्शक बनी रहती है। नौजवान लड़कियां कहीं आ जा भी नहीं सकती। उन्होंने कहा कि हिन्दू व सिख लड़कियों को अगवा करना एक आम बात हो गई है व हर परिवार कट्टर वादियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने से डरता है।
उन्होंने कहा कि यह सही समय है जब देश ने नागरिकता संशोधन एक्ट बनाया है तांकि पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांगलादेश के शरणार्थियों को भारतीय नागरिता दी जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार को नियमों में और सुधार कर समय सीमा समाप्त कर देनी चाहिए ताकि और भी परिवार भविष्य में यहां आ कर बस सकें।
दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष  ने भारत के लोगों को भी अपील कर कहा कि वह आगे आये और पाकिस्तान से आये इन परविारों की मदद करें व उन्होंने सुझाव दिया कि इन परिवारों की वित्तीय सहायता की जाये क्योंकि इन्होंने पाकिस्तान में अपना सबकुछ खो दिया है।उन्होंने पहले भी इन परिवारों की भलाई के लिए काम किया है व भविष्य में भी करते रहेंगे ओर इनका जीवन सुरक्षित बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठायेंगे। उन्होंने कहा कि यह अल्पसंख्यक डर व दहशत के माहौल में रह रहे हैं और इन्हें भारत से सुरक्षा की जरूरत है व यह सिर्फ नागरिकता दे कर ही मिल सकती है।

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