मनरेगा बूंदी में 96431.78 लाख के 31869 कार्यो की कार्ययोजना सर्वसम्मति से अनुमोदित

डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
बूंदी।ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के तहत बूंदी जिले  में संचालित महात्मा गांधी नरेगा योजना की वार्षिक कार्ययोजना 2020-21 के अनुमोदन के लिए गुरूवार को जिला कलक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में बैठक सम्पन्न हुई। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुरलीधर प्रतिहार  की अध्यक्षता में दस विभागों द्वारा करवाये जाने वाले महात्मा गांधी नरेगा योजना से अनुमत कार्यो के लिए 96431.78 लाख के 31869 कार्यो की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। जिनमें वार्षिक कार्य योजनानुसार सी.ए.डी., वन विभाग, जल संसाधन विभाग, खेत सुधार खण्ड, सार्वजनिक निर्माण विभाग, वाॅटरशेड विभाग, रेलवे विभाग, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत राज विभाग द्वारा कार्य करवाये जायेगें। साथ ही वित्तीय वर्ष 2019-20 के तहत जिला परिषद के निजी आय-व्यय का लेखा अनुमोदन किया गया। सीईओ जिला परिषद ने बताया कि 48.69 लाख की मत्स्य ठेको तथा 85 हजार रूपये टेस्टिंग फीस के रूप में आय प्राप्त की गई। वहीं नियमानुसार 31.44 लाख रूपये का व्यय किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से आपत्तिया व सुझाव लिये गये।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी गोकुल लाल मीणा नें कोविड-19 की जानकारी दी। साथ ही कहा कि बाहर से जिले में आने वाले व्यक्तियों की सूचना नजदीकी चिकित्सालय को दी जावे। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मित्र योजना के तहत जिले के प्रत्येक रेवेन्यू विलेज में 40 वर्ष से अधिक उम्र के एक-एक महिला व पुरूष का चयन किया जाना हैं जो चिकित्सा विभाग में निश्शुल्क सहयोग प्रदान करेगे।
इस दौरान प्रशासक ने निर्देश दिए कि जल संसाधन विभाग अधिकार क्षैत्र के जलाशयों की रिपेयरिंग व मेंटिनेश के कार्यो को अभियान के रूप में करवाये। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सीएससी शौचालयों के लिए समिति की बैठक आयोजित करवाये। कृषि विभाग किसानों के लिए पर्याप्त खाद बीज की उपलब्धता के साथ-साथ टिड्डीयों के खात्में के लिए उचित प्रबन्ध करे व किसानों को जागरूक करे। सार्वजनिक निर्माण विभाग सड़कों की मरम्मत व बम्र्स रिपेयरिंग के कार्य करवाये।
उन्होंने निर्देश दिए कि वन विभाग 15 जुलाई से व्यापक स्तर पर वन महोत्सव को आयोजन कर जिले में सघन वृक्षारोपण करवाये। महात्मा गांधी नरेगा के तहत करवाये जाने वाले पौधारोपण के लिए नियमानुसार पौध उपलब्ध करवाये। पशुपालन विभाग बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए पशुओ में मौसमी बिमारियों से बचाव के लिए उचित प्रबंध करे।
पीएचडी विभाग ग्रामीण क्षैत्रों में खराब हेण्डपम्पों को नियमानुसार ठीक करवाये। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में एफएफसी मद के तहत आवंटित राशि का प्राथमिकता से विद्युत व पेयजल के लिए उपयोग किया जावे। उन्होंने विकास अधिकारियों को निर्देशद दिए कि व्यक्तिगत लाभ के लिए सीसी व इण्टरलाॅकिंग सड़को का निर्माण नहीं हो सुनिश्चित किया जावे। आॅडिट टीमों के लिए पंचायतों का रिकाॅर्ड उपलब्ध करवाया जावे। अतिरिक्त जिला कलक्टर अमानुल्लाह खान, अधीक्षण अभियंता वाॅटरशेड सी.एल. साल्वी, अधीक्षण अभियंता जेवीवीएनएल गजेन्द्र सिंह बेरवा, एक्सईएन नरेगा प्रियव्रत सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी बूंदी राजेन्द्र टण्डन, एक्सईएन जल संसाधन विभाग आर के पाटनी, एक्सईएन जल संसाधन परियोजना खण्ड राजीव विजय, एक्सईएन सीएडी शेलेन्द्र व्यास सहित बूंदी के विकास अधिकारी विजय कुमार हुम्मड, हिण्डोली के मोहन लाल मीणा, के0 पाटन के रमेश कुमार मदान व नैनवां के जतन सिंह गुर्जर आदि उपस्थित रहे।
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