सीए अर्थव्यवस्था के डाॅक्टर, नए भारत के निर्माण में उनकी भूमिका अहम- बिरला

72वें सीए दिवस पर बिरला ने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स से वर्चुअल माध्यम से किया संवाद

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि व्यापार, उद्योग से लेकर प्रशासन तक में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स आज मुख्य नेतृत्वकर्ता की भूमिका में हैं। अर्थव्यवस्था के डाॅक्टर के रूप में भी वे नए भारत के निर्माण में अहम योगदान दे सकते हैं। वे बुधवार को 72वें सीए दिवस के अवसर पर देश-विदेश के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स से संवाद करते  हुए कहा।
द इंस्टीट्यूट ऑफ़  चार्टर्ड एकांउंटेंट्स ऑफ़  इंडिया (आईसीएआई) द्वारा वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि देश के काॅर्पोरेट प्रशासन में अनुशासन लाते हुए उसे सुदृढ़ बनाने में चार्टर्ड एकांउंटेंट्स ने सराहनीय काम किया है।
उन्होंने कहा कि आज जब कोरोना काल में भारत चुनौतियों को  अवसर में बदलने के लिए प्रयासरत है तब चार्टर्ड एकांउंटेंट्स की उपयोगिता और बढ़ जाती है। अपने ज्ञान, योग्यता और अनुभव से चार्टर्ड एकांउंटेंट्स नए भारत, सशक्त भारत, समर्थ भारत, आतम्निर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने तथा देश को नई दिशा देने में उपयोग सिद्ध हो सकते हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि चार्टर्ड एकांउंटेंट्स आज सिर्फ वित्तीय सलाह देने भर तक सीमित नहीं हैं। वे नए उद्योगों के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने से लेकर बैंकिंग और फाइनेंस तक के मामले देख रहे हैं। वे बाजार की मांग और भविष्य की दिशा को पहले से भांपने में समर्थ हैं। आज आवश्यकता है कि हम एमएसएमई तथा कृषि सेक्टर को मजबूती दें। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाएं। इसमें चार्टर्ड एकांउंटेंट्स को अहम किरदार निभाना होगा।
बिरला ने कहा कि चार्टर्ड एकांउंटेंट्स आर्थिक विकास की राह को नवाचार, सामुहिक प्रयास तथा दक्षता के साथ आसान करने में सिद्ध हैं। देश अब डिजीटन इकोनाॅमी की ओर बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में निवेशक भारत को आशा भरी नजरों से देख रहे हैं, ऐसे में वे नया निवेश को भी आकर्षित करने की दक्षता रखते हैं। उन्होंने चार्टर्ड एकांउंटेंट्स का आव्हान किया कि वे एक संकल्प के साथ नए भारत के निर्माण के लि प्रतिबद्ध हों। यदि सरकार तक कोई सुझाव पहुंचाने की आवश्यकता है तो वे इसमें कड़ी की भूमिका निभाने को तैयार हैं।
इससे पूर्व आईसीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल कुमार गुप्ता ने संस्था के वार्षिक  कार्यों के साथ लाॅकडाउन के दौरान संस्था के सदस्यों व विद्यार्थियों की क्षमता संवर्धन के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी। वर्चुअल कांफ्रेंस को आईसीएआई के उपाध्यक्ष निहार निरंजन जम्बूसरिया तथा कार्यकारी सचिव राकेश सहगल ने भी संबोधित किया। कोटा में आईसीएआई कोटा ब्रांच की अध्यक्ष रजनी मित्तल भी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहीं।
इससे पूर्व बिरला ने बुधवार सुबह आईसीएआई-कोटा ब्रांच के 35 वर्ष पूर्ण होने पर संस्था की ओर से प्रकाशित की गई तीन विशेष पुस्तिकाओं को विमोचन किया। बिरला ने इस अवसर पर कहा कि आईसीएआई कोटा ब्रांच स्थापना के बाद से ही कोटा समेत सम्पूर्ण हाडोती क्षेत्र में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने तथा अपनी सलाह के माध्यम से उद्योग एवं व्यापार जगत को सशक्त करने का सराहनीय कार्य कर रही है। इस अवसर आईसीएआई कोटा ब्रांच की अध्यक्ष सीए रजनी मित्तल, उपाध्यक्ष लोकेश माहेश्वरी, सचिव देवेन्द्र कटारिया व अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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